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Moradabad News: झोलाछापों ने तीन महिलाओं के ऑपरेशन कर कराए प्रसव
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मुरादाबाद। अवैध अस्पतालों में झोलाछापों के हौसले इतने बुलंद हैं कि तीन महिलाओं के ऑपरेशन कर प्रसव करा दिए। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची तो ऑपरेशन थिएटर में सामान फैला हुआ मिला। अधिकारियों ने अस्पतालों को सील कर कार्रवाई की।
एसीएमओ डॉ. विकास सिंह, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ताजपुर डॉ. अमित सक्सेना, एसीएम प्रथम अभय सिंह के साथ मिलकर ताजपुर के अलिफ्शा हेल्थकेयर और इंडिया फर्स्ट हेल्थ केयर पर कार्रवाई की। जब टीम अलिफ्शा हॉस्पिटल पहुंचे तो यहां पर तीन मरीज भर्ती मिले। दो मरीज सामान्य बीमारी वाले थे, जबकि भोजपुर निवासी एक महिला ने तीन दिन पहले ऑपरेशन के बाद बेटे को जन्म दिया था।
महिला का ऑपरेशन किस चिकित्सक ने किया, इसकी जानकारी स्टाफ नहीं दे सका। यहां चार कर्मचारी थे। तीन महिलाएं खुद को नर्स बता रही थीं, जबकि एक युवक स्वयं को फार्मासिस्ट बता रहा था। लेकिन किसी के पास भी प्रमाणपत्र नहीं था। टीम ने ऑपरेशन थिएटर को देखा तो पूरा सामान फैला हुआ था। पूछताछ में जानकारी दी कि एक युवक हाथ में फंगस की समस्या के कारण ऑपरेशन करवाने के लिए आया था। लेकिन फिर वह बिना ऑपरेशन करवाए वापस लौट गया। टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पाकबड़ा डॉ. कुलजीत की जांच में ख्वाजा गरीब नवाज हॉस्पिटल करुला में ऑपरेशन थिएटर अवैध रूप से संचालित मिला, उसे सील कर दिया गया।
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संचालक नहीं दे पाए जवाब
डॉ. अमित सक्सेना ने इंडिया फर्स्ट हेल्थ केयर हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की तो वहां उन्हें पांच मरीज भर्ती मिले। तीन दिन पहले डिलारी निवासी दो महिलाओं का ऑपरेशन किया गया और उन्होंने दो शिशुओं को जन्म दिया। दो अन्य मरीज सामान्य बीमारी से भर्ती थे। मौके पर संचालक जवाब नहीं दे पाए कि किसने ऑपरेशन किया। मौके पर कोई भी प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं था।
अधिकारी खड़े रहे, नहीं खोला गेट
एसीएमओ डॉ. राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि भूड़ा के चौराहा पर ख्वाजा अस्पताल की शिकायत थी। जब एसडीएम माधव उपाध्याय के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची तो अस्पताल का गेट अंदर से बंद मिला। बाहर बोर्ड उतार लिया गया था और बोर्ड का निशान बना हुआ था। इसके बाद संबंधित थाने के एसएचओ को जानकारी दी। इसके अलावा हयात अस्पताल देखा। इसका विभाग में पंजीकरण है, लेकिन अस्पताल की आयुष्मान संबंधी शिकायत मिली थी। इसकी जांच के लिए टीम कागजात ले आई है।
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एसीएमओ डॉ. विकास सिंह, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ताजपुर डॉ. अमित सक्सेना, एसीएम प्रथम अभय सिंह के साथ मिलकर ताजपुर के अलिफ्शा हेल्थकेयर और इंडिया फर्स्ट हेल्थ केयर पर कार्रवाई की। जब टीम अलिफ्शा हॉस्पिटल पहुंचे तो यहां पर तीन मरीज भर्ती मिले। दो मरीज सामान्य बीमारी वाले थे, जबकि भोजपुर निवासी एक महिला ने तीन दिन पहले ऑपरेशन के बाद बेटे को जन्म दिया था।
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महिला का ऑपरेशन किस चिकित्सक ने किया, इसकी जानकारी स्टाफ नहीं दे सका। यहां चार कर्मचारी थे। तीन महिलाएं खुद को नर्स बता रही थीं, जबकि एक युवक स्वयं को फार्मासिस्ट बता रहा था। लेकिन किसी के पास भी प्रमाणपत्र नहीं था। टीम ने ऑपरेशन थिएटर को देखा तो पूरा सामान फैला हुआ था। पूछताछ में जानकारी दी कि एक युवक हाथ में फंगस की समस्या के कारण ऑपरेशन करवाने के लिए आया था। लेकिन फिर वह बिना ऑपरेशन करवाए वापस लौट गया। टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पाकबड़ा डॉ. कुलजीत की जांच में ख्वाजा गरीब नवाज हॉस्पिटल करुला में ऑपरेशन थिएटर अवैध रूप से संचालित मिला, उसे सील कर दिया गया।
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संचालक नहीं दे पाए जवाब
डॉ. अमित सक्सेना ने इंडिया फर्स्ट हेल्थ केयर हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की तो वहां उन्हें पांच मरीज भर्ती मिले। तीन दिन पहले डिलारी निवासी दो महिलाओं का ऑपरेशन किया गया और उन्होंने दो शिशुओं को जन्म दिया। दो अन्य मरीज सामान्य बीमारी से भर्ती थे। मौके पर संचालक जवाब नहीं दे पाए कि किसने ऑपरेशन किया। मौके पर कोई भी प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं था।
अधिकारी खड़े रहे, नहीं खोला गेट
एसीएमओ डॉ. राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि भूड़ा के चौराहा पर ख्वाजा अस्पताल की शिकायत थी। जब एसडीएम माधव उपाध्याय के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची तो अस्पताल का गेट अंदर से बंद मिला। बाहर बोर्ड उतार लिया गया था और बोर्ड का निशान बना हुआ था। इसके बाद संबंधित थाने के एसएचओ को जानकारी दी। इसके अलावा हयात अस्पताल देखा। इसका विभाग में पंजीकरण है, लेकिन अस्पताल की आयुष्मान संबंधी शिकायत मिली थी। इसकी जांच के लिए टीम कागजात ले आई है।