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हजयात्रा : उम्र की बंदिश और बढ़ा किराया आवेदकों को नहीं आ रहा रास
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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण काल में उम्र की बंदिश और बढ़े किराये के बीच हजयात्रा 2021 के लिए शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। हजयात्रा पर लगाई गई उम्र की पाबंदी और किराये में अनुमानित एक लाख रुपये की वृद्धि आवेदकों को रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि आवेदकों की रुचि कम है। फिलहाल आवेदन की अंतिम तिथि दस दिसंबर है।
कोरोना वायरस के चलते इस साल हजयात्रा पर पाबंदी रही। देश के सवा लाख आजमीन हजयात्रा पर नहीं जा सके। वहीं कोरोना संक्रमण के बीच पांच नवंबर को हज कमेटी इंडिया ने नियम और शर्तों में कुछ बदलाव कर हजयात्रा 2021 का कार्यक्रम जारी कर दिया। सात नवंबर से ऑनलाइन आवेदन भी शुरू हो गए। आगामी हजयात्रा पर उम्र की पाबंदी लगा दी गई है। 18 साल से अधिक और 65 साल से कम आयु वर्ग के लोग ही हजयात्रा पर जा सकेंगे। इसके अलावा हजयात्रा 2021 के अनुमानित किराये में करीब एक लाख रुपये की वृद्धि की गई है। दूसरी ओर कोरोना वायरस के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। उम्र की पाबंदी और किराये में वृद्धि को लेकर आवेदक अभी आवेदन में रुचि नहीं ले रहे हैं। हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि आवेदन में अभी तेजी नहीं आ रही है। हजयात्रा के आवेदन को लेकर लोग जानकारी लेने भी नहीं आ रहे हैं। इसकी वजह उम्र की पाबंदी और किराये में वृद्धि सामने आ रही है।
आरक्षित श्रेणी में थे 70 पार
मुरादाबाद। 70 वर्ष से अधिक के आवेदकों को कुर्रा में शामिल नहीं किया जाता था। ऐसे आवेदकों को आरक्षित श्रेणी में रखा जाता था। ऐसे सभी आवेदकों को हजयात्रा का मौका मिलता था। साथ ही उनके साथ एक मददगार हजयात्रा पर जाते थे। इसलिए 70 पार के आवेदकों की संख्या अधिक होती थी। वहीं बच्चों की यात्रा पर पाबंदी न होने पर इच्छुक महिलाएं छोेटे बच्चों को लेकर भी हजयात्रा पर जाती थीं। लेकिन इस बार 18 साल से कम उम्र के किशोरों की हजयात्रा पर पाबंदी है। ऐसे में महिलाएं छोटे बच्चों के साथ हजयात्रा पर नहीं जा सकेंगी।
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कोरोना वायरस के चलते इस साल हजयात्रा पर पाबंदी रही। देश के सवा लाख आजमीन हजयात्रा पर नहीं जा सके। वहीं कोरोना संक्रमण के बीच पांच नवंबर को हज कमेटी इंडिया ने नियम और शर्तों में कुछ बदलाव कर हजयात्रा 2021 का कार्यक्रम जारी कर दिया। सात नवंबर से ऑनलाइन आवेदन भी शुरू हो गए। आगामी हजयात्रा पर उम्र की पाबंदी लगा दी गई है। 18 साल से अधिक और 65 साल से कम आयु वर्ग के लोग ही हजयात्रा पर जा सकेंगे। इसके अलावा हजयात्रा 2021 के अनुमानित किराये में करीब एक लाख रुपये की वृद्धि की गई है। दूसरी ओर कोरोना वायरस के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। उम्र की पाबंदी और किराये में वृद्धि को लेकर आवेदक अभी आवेदन में रुचि नहीं ले रहे हैं। हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि आवेदन में अभी तेजी नहीं आ रही है। हजयात्रा के आवेदन को लेकर लोग जानकारी लेने भी नहीं आ रहे हैं। इसकी वजह उम्र की पाबंदी और किराये में वृद्धि सामने आ रही है।
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आरक्षित श्रेणी में थे 70 पार
मुरादाबाद। 70 वर्ष से अधिक के आवेदकों को कुर्रा में शामिल नहीं किया जाता था। ऐसे आवेदकों को आरक्षित श्रेणी में रखा जाता था। ऐसे सभी आवेदकों को हजयात्रा का मौका मिलता था। साथ ही उनके साथ एक मददगार हजयात्रा पर जाते थे। इसलिए 70 पार के आवेदकों की संख्या अधिक होती थी। वहीं बच्चों की यात्रा पर पाबंदी न होने पर इच्छुक महिलाएं छोेटे बच्चों को लेकर भी हजयात्रा पर जाती थीं। लेकिन इस बार 18 साल से कम उम्र के किशोरों की हजयात्रा पर पाबंदी है। ऐसे में महिलाएं छोटे बच्चों के साथ हजयात्रा पर नहीं जा सकेंगी।
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