{"_id":"620fed2cd11c5328f91385a7","slug":"pollig-workers-taken-33-thousand-fever-tablet-moradabad-news-mbd4192713142","type":"story","status":"publish","title_hn":"मतदान कर्मी निकले बीमार, खा गए बुखार की गोली 33 हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मतदान कर्मी निकले बीमार, खा गए बुखार की गोली 33 हजार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद। चुनाव ड्यूटी में लगे मतदान कर्मी ‘बीमार’ निकले, अगर ये कहा जाए तो गलत नहीं होगा। मतदान कर्मियों के लिए भेजी गई दवाओं की कोई किट वोटिंग के चार दिन बाद भी नहीं लौटाई गई। वहीं, मतदान के दिन कर्मचारियों के बीमार होने की कोई सूचना भी नहीं मिली थी, फिर भी दवाइयां खप र्गइं। इसमें बुखार की 33 हजार से अधिक टैबलेट थीं, जबकि दवाओं का उपयोग नहीं होने पर इन्हें स्वास्थ्य विभाग को लौटानी होती है।
14 फरवरी को हुए मतदान के लिए जिले में 2673 बूथ बनाए गए थे। जहां करीब 10618 कर्मचारी लगाए गए थे। 211 सेक्टर और 24 जोनल मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए थे। इसके अलावा 530 जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट और माइक्रो आब्जर्वर भी लगे थे। ड्यूटी के दौरान सर्दी जुकाम, उल्टी दस्त, बुखार जैसी बीमारियों के लिए हर बूथ के लिए दवाओं की किट दी गई थी। हर किट में आठ तरह की दवाइयां, ओआरएस के दो पैकेट और पांच पीस बैंडेज भी थे। इसमें बुखार की 33600 टैबलेट थी। ताकि किसी कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़े तो वह इन दवाओं का इस्तेमाल कर सके।
इन दवाओं को उपयोग नहीं होने पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग को वापस करना होता है। ताकि इसका उपयोग अस्पताल पहुंचने वाले मरीज कर सकें। मतदान हुए चार दिन गुजर गए, लेकिन दवाओं की एक भी किट सीएमओ कार्यालय नहीं पहुंची। किसी भी पोलिंग पार्टी की ओर से दवाओं की किट नहीं लौटाई गई है। ऐसे में दवाओं का इस्तेमाल हुआ या दुरुपयोग, ये जांच का विषय है।
विज्ञापन
- हर बूथ के लिए दवाओं को किट तैयार की गई थी। बूथ के अलावा अतिरिक्त किटें भी दी गईं थीं। किट में सामान्य बीमारियों से संबंधित दवाइयां रखी गईं थीं, लेकिन दवा की कोई किट वापस नहीं लौटाई गई। उपयोग नहीं होने पर किट वापस देनी चाहिए। - डॉ. एमसी गर्ग, सीएमओ
इन बीमारियों की दवा थी किट में
- बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, जुकाम एवं एलर्जी, एंटी बायोटिक, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, पेट में जलन एवं गैस, सांस फूलना, चोट और ओआरएस पैकेट।
2.35 लाख की थी दवा
सेंट्रल मेडिसिन स्टोर डिपो (सीएमएसडी) के इंचार्ज एसपी सिंह के मुताबिक मतदान कर्मियों, सेक्टर मजिस्ट्रेट, होमगार्ड जवानों के लिए विभाग की ओर से कुल 33600 किट भेजी गईं थीं। एक किट में करीब सत्तर रुपये की दवा थी। इसके हिसाब से 2.35 लाख की दवा भेजी गई थी। दवा की एक भी किट स्टोर में वापस नहीं आई।
विज्ञापन
14 फरवरी को हुए मतदान के लिए जिले में 2673 बूथ बनाए गए थे। जहां करीब 10618 कर्मचारी लगाए गए थे। 211 सेक्टर और 24 जोनल मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए थे। इसके अलावा 530 जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट और माइक्रो आब्जर्वर भी लगे थे। ड्यूटी के दौरान सर्दी जुकाम, उल्टी दस्त, बुखार जैसी बीमारियों के लिए हर बूथ के लिए दवाओं की किट दी गई थी। हर किट में आठ तरह की दवाइयां, ओआरएस के दो पैकेट और पांच पीस बैंडेज भी थे। इसमें बुखार की 33600 टैबलेट थी। ताकि किसी कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़े तो वह इन दवाओं का इस्तेमाल कर सके।
विज्ञापन
इन दवाओं को उपयोग नहीं होने पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग को वापस करना होता है। ताकि इसका उपयोग अस्पताल पहुंचने वाले मरीज कर सकें। मतदान हुए चार दिन गुजर गए, लेकिन दवाओं की एक भी किट सीएमओ कार्यालय नहीं पहुंची। किसी भी पोलिंग पार्टी की ओर से दवाओं की किट नहीं लौटाई गई है। ऐसे में दवाओं का इस्तेमाल हुआ या दुरुपयोग, ये जांच का विषय है।
विज्ञापन
- हर बूथ के लिए दवाओं को किट तैयार की गई थी। बूथ के अलावा अतिरिक्त किटें भी दी गईं थीं। किट में सामान्य बीमारियों से संबंधित दवाइयां रखी गईं थीं, लेकिन दवा की कोई किट वापस नहीं लौटाई गई। उपयोग नहीं होने पर किट वापस देनी चाहिए। - डॉ. एमसी गर्ग, सीएमओ
इन बीमारियों की दवा थी किट में
- बुखार, बदन दर्द, सिर दर्द, जुकाम एवं एलर्जी, एंटी बायोटिक, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, पेट में जलन एवं गैस, सांस फूलना, चोट और ओआरएस पैकेट।
2.35 लाख की थी दवा
सेंट्रल मेडिसिन स्टोर डिपो (सीएमएसडी) के इंचार्ज एसपी सिंह के मुताबिक मतदान कर्मियों, सेक्टर मजिस्ट्रेट, होमगार्ड जवानों के लिए विभाग की ओर से कुल 33600 किट भेजी गईं थीं। एक किट में करीब सत्तर रुपये की दवा थी। इसके हिसाब से 2.35 लाख की दवा भेजी गई थी। दवा की एक भी किट स्टोर में वापस नहीं आई।