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लावारिस छोड़ दी पोलियो की वैक्सीन
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मुरादाबाद। पोलियो उन्मूलन अभियान में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। रविवार को नवीन नगर स्थित बूथ निर्धारित समय से पहले ही बंद हो गया। बूथ कर्मचारी पोलियो वैक्सीन की वॉयल से भरे डिब्बों को लावारिस छोड़कर चला गया। वैक्सीन के खुले डिब्बों के पास आवारा कुत्ते घूमते रहे। इसकी जानकारी जब स्वास्थ्य विभाग को हुई तो हड़कंप मच गया। सीएमओ डा. मिलिंद गर्ग ने इसे घोर लापरवाही ठहराते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
रविवार से पोलियो अभियान शुरू हुआ है। 24 जनवरी तक अभियान में 549225 बच्चों को दवा पिलाई जानी है। दवा पिलाने के लिए जिले में 1952 बूथ बनाए गए हैं। इन्हीं में नवीन नगर का बूथ भी शामिल है। बूथों पर अपराह्न चार बजे तक दवा पिलाई जानी है। नवीन नगर का बूथ रविवार को चार बजे से पहले ही बंद हो गया। बूथ कर्मचारी पोलियो वैक्सीन वॉयल से भरे डिब्बों को शिव मंदिर के पास ही निर्माण कार्य के मलबे के पास छोड़कर चला गया। वैक्सीन से भरे पांच डिब्बों में तीन डिब्बों के ढक्कन खुले रहे। डिब्बों के पास आवारा कुत्ते घूमते रहे। सीएमओ डा. मिलिंद गर्ग ने इसे घोर लापरवाही बताई। सीएमओ ने कहा कि वैक्सीन अतिसंवेदनशील है। बूथ पर तैनात कर्मचारी को वैक्सीन लावारिस नहीं छोड़नी चाहिए। सीएमओ ने जिला प्रतिरक्षण अधिकारी से इसकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए हैं।
- कोल्ड चेन से बूथों तक पोलियो वैक्सीन पहुंचाने और वापस कोल्ड चेन लाने के लिए अलग-अलग कर्मियों की ड्यूटी है। वैन कर्मी वैक्सीन से भरे डिब्बों को बूथ के आसपास सुरक्षित जगह पर छोड़े देते हैं। वहां से बूथ के कर्मचारी डिब्बों को बूथ तक ले जाते हैं। बूथ बंद होने के बाद डिब्बों की वापसी उसी जगह पर छोड़ देते हैं जहां से उठाई गई थी। विभाग की वैन बूथ के बाहर से वैक्सीन के डिब्बों को उठाकर कोल्ड चेन लेकर आ जाती है। बूथ पर कितने बच्चों ने दवा पी और कितनी वैक्सीन के वॉयल बचे, कर्मचारी इसकी सूचना विभाग को देता है। डिब्बों के कोल्ड चेन वापस पहुंचने पर वैक्सीन वॉयल की गिनती होती है। कोई वॉयल लीकेज होती है तो उसे हटा दिया जाता है। - डा. दीपक वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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- कोल्ड चेन की वैन वैक्सीन के डिब्बों के बूथों के आसपास प्वाइंट (पूर्व में निर्धारित दुकान) पर ही छोड़ती है। वैक्सीन को लावारिस हाल में छोड़ना लापरवाही है। इसकी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही होगी। - डा. मिलिंग गर्ग, सीएमओ
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रविवार से पोलियो अभियान शुरू हुआ है। 24 जनवरी तक अभियान में 549225 बच्चों को दवा पिलाई जानी है। दवा पिलाने के लिए जिले में 1952 बूथ बनाए गए हैं। इन्हीं में नवीन नगर का बूथ भी शामिल है। बूथों पर अपराह्न चार बजे तक दवा पिलाई जानी है। नवीन नगर का बूथ रविवार को चार बजे से पहले ही बंद हो गया। बूथ कर्मचारी पोलियो वैक्सीन वॉयल से भरे डिब्बों को शिव मंदिर के पास ही निर्माण कार्य के मलबे के पास छोड़कर चला गया। वैक्सीन से भरे पांच डिब्बों में तीन डिब्बों के ढक्कन खुले रहे। डिब्बों के पास आवारा कुत्ते घूमते रहे। सीएमओ डा. मिलिंद गर्ग ने इसे घोर लापरवाही बताई। सीएमओ ने कहा कि वैक्सीन अतिसंवेदनशील है। बूथ पर तैनात कर्मचारी को वैक्सीन लावारिस नहीं छोड़नी चाहिए। सीएमओ ने जिला प्रतिरक्षण अधिकारी से इसकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए हैं।
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- कोल्ड चेन से बूथों तक पोलियो वैक्सीन पहुंचाने और वापस कोल्ड चेन लाने के लिए अलग-अलग कर्मियों की ड्यूटी है। वैन कर्मी वैक्सीन से भरे डिब्बों को बूथ के आसपास सुरक्षित जगह पर छोड़े देते हैं। वहां से बूथ के कर्मचारी डिब्बों को बूथ तक ले जाते हैं। बूथ बंद होने के बाद डिब्बों की वापसी उसी जगह पर छोड़ देते हैं जहां से उठाई गई थी। विभाग की वैन बूथ के बाहर से वैक्सीन के डिब्बों को उठाकर कोल्ड चेन लेकर आ जाती है। बूथ पर कितने बच्चों ने दवा पी और कितनी वैक्सीन के वॉयल बचे, कर्मचारी इसकी सूचना विभाग को देता है। डिब्बों के कोल्ड चेन वापस पहुंचने पर वैक्सीन वॉयल की गिनती होती है। कोई वॉयल लीकेज होती है तो उसे हटा दिया जाता है। - डा. दीपक वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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- कोल्ड चेन की वैन वैक्सीन के डिब्बों के बूथों के आसपास प्वाइंट (पूर्व में निर्धारित दुकान) पर ही छोड़ती है। वैक्सीन को लावारिस हाल में छोड़ना लापरवाही है। इसकी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही होगी। - डा. मिलिंग गर्ग, सीएमओ