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Moradabad News: ब्लोअर से कमरे में लगी आग, शायर मंसूर उस्मानी की बेटी की मौत
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मुरादाबाद। कोतवाली क्षेत्र के बारादरी मोहल्ले में बुधवार की देर रात नगर निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं शायर मंसूर उस्मानी के मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में ब्लोअर हीटर से आग लग गई। कमरे में सो रही उनकी बेटी हुमा उस्मानी (46) की जलकर मौत हो गई। हादसे के समय हुमा कमरे में अकेली थीं। आग की लपटें और धुआं देखकर लोगों ने शोर मचाया तो परिजन जागे। दमकल विभाग की टीम ने आग पर काबू पाया।
कोतवाली के मोहल्ला बारादरी में शायर मंसूर उस्मानी का दो मंजिला मकान है। बुधवार की रात मंसूर उस्मानी और परिवार के अन्य सदस्य घर के निचले हिस्से में सो रहे थे जबकि उनकी बेटी हुमा उस्मानी ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में थीं। रात करीब तीन बजे हुमा उस्मानी के कमरे से आस पड़ोस के लोगों ने आग की लपटें और धुंआ उठता देखा तो चीख पुकार मच गई। मंसूर उस्मानी, उनके बेटे और आस पड़ोस के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक हुमा बुरी तरह झुलस चुकी थीं। उन्हें झुलसी अवस्था में अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि हुमा कमरे में ब्लोअर हीटर जलाकर सो रही थीं। रात में हीटर में आग लगी। जिसके बाद बिस्तर व कपड़ों में आग लग गई थी। बृहस्पतिवार की शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि हुमा का शरीर 100 प्रतिशत जल गया था।
आठ साल से मायके में ही रह रही थीं हुमा
मुरादाबाद। बताया जा रहा है कि हुमा उस्मानी की शादी देहरादून में हुई थी लेकिन पति से तलाक हो गया था। करीब आठ साल से वह अपने मायके में ही रह रहीं थीं। हुमा के तीन भाई और एक बहन है। हुमा ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में रहती थीं। बाकी परिवार के लोग निचले हिस्से में ही रहते हैं।
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दुख जताने पहुंचे जनप्रतिनिधि और साहित्यकार
मुरादाबाद। शायर मंसूर उस्मानी देश विदेश में शायरी पढ़ चुके हैं। बेटी की मौत से मंसूर उस्मानी बेसुध हो गए हैं। उनकी बेटी की मौत की खबर जिसने की सुनी वह दुखी हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधि, साहित्यकार और शहर के अन्य लोग भी मंसूर उस्मानी के आवास पर पहुंचे और दुख जताया। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब तीन बजे हुमा उस्मानी को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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कोतवाली के मोहल्ला बारादरी में शायर मंसूर उस्मानी का दो मंजिला मकान है। बुधवार की रात मंसूर उस्मानी और परिवार के अन्य सदस्य घर के निचले हिस्से में सो रहे थे जबकि उनकी बेटी हुमा उस्मानी ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में थीं। रात करीब तीन बजे हुमा उस्मानी के कमरे से आस पड़ोस के लोगों ने आग की लपटें और धुंआ उठता देखा तो चीख पुकार मच गई। मंसूर उस्मानी, उनके बेटे और आस पड़ोस के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक हुमा बुरी तरह झुलस चुकी थीं। उन्हें झुलसी अवस्था में अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि हुमा कमरे में ब्लोअर हीटर जलाकर सो रही थीं। रात में हीटर में आग लगी। जिसके बाद बिस्तर व कपड़ों में आग लग गई थी। बृहस्पतिवार की शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि हुमा का शरीर 100 प्रतिशत जल गया था।
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आठ साल से मायके में ही रह रही थीं हुमा
मुरादाबाद। बताया जा रहा है कि हुमा उस्मानी की शादी देहरादून में हुई थी लेकिन पति से तलाक हो गया था। करीब आठ साल से वह अपने मायके में ही रह रहीं थीं। हुमा के तीन भाई और एक बहन है। हुमा ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में रहती थीं। बाकी परिवार के लोग निचले हिस्से में ही रहते हैं।
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दुख जताने पहुंचे जनप्रतिनिधि और साहित्यकार
मुरादाबाद। शायर मंसूर उस्मानी देश विदेश में शायरी पढ़ चुके हैं। बेटी की मौत से मंसूर उस्मानी बेसुध हो गए हैं। उनकी बेटी की मौत की खबर जिसने की सुनी वह दुखी हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधि, साहित्यकार और शहर के अन्य लोग भी मंसूर उस्मानी के आवास पर पहुंचे और दुख जताया। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब तीन बजे हुमा उस्मानी को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।