Moradabad: सोनकपुर स्टेडियम में खिलाड़ी ने महिला कोच को पीटा, एक हाथ में लगे टांके.. दूसरे की अंगुलियां सुन्न
मुरादाबाद के सोनकपुर में एक खिलाड़ी में महिला कोच पर हमला कर दिया। इससे कोच के एक हाथ में टांके लगे हैं। बताया गया कि खिलाड़ी को दो दिन पहले अनुशासनहीनता के कारण बाहर कर दिया गया था। इसलिए उसने हमला किया।
विस्तार
सोनकपुर स्टेडियम में तैनात महिला हॉकी कोच नेहा सिंह को एक खिलाड़ी ने हॉकी से बुरी तरह पीटा और भाग गया। इससे कोच के एक हाथ में टांके लगे हैं, जबकि दूसरे हाथ की अंगुलियां सुन्न हो गई हैं। कोच ने सिविल लाइंस थाने में खिलाड़ी के खिलाफ तहरीर दी है।
घटना शुक्रवार शाम पांच बजे की है। कोच नेहा सिंह ने बताया कि 16 वर्षीय आरोपी स्टेडियम में उनके अंडर में हॉकी का अभ्यास करता है। दो दिन पहले अनुशासनहीनता के कारण उसको मैच से बाहर कर दिया गया था। कोच ने बिना अनुमति उसे खेलने के लिए मना किया था, लेकिन वह शुक्रवार को स्टेडियम में आकर अभ्यास करने लगा।
इस पर कोच ने नाराजगी जताई और कहा कि किससे अनुमति लेकर तुमने हॉकी स्टिक ली। कोच ने उसे डांटा तो वह गाली गलौज करने लगा और हॉकी स्टिक मारने की धमकी दी। कोच ने भी हॉकी स्टिक हाथ में उठा ली, इतने में खिलाड़ी ने महिला पर हॉकी स्टिक से तीन चार प्रहार कर दिए।
बालिका खिलाड़ी ने रोकने की कोशिश की तो उसे भी पीटने की धमकी दी। यह करने के बाद आरोपी स्टेडियम की दीवार फांदकर भाग गया। महिला कोच ने बताया कि आरोपी की मां स्टेडियम के पास ही खोखा लगाती हैं। उन्हें पूरे मामले की जानकारी है। आरोपी के खिलाफ रामगंगा विहार चौकी व सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी गई है। आरोपी अपने घर से फरार है।
स्टेडियम के बैडमिंटन हॉल में चल रहा था सम्मान समारोह
सोनकपुर स्टेडियम में शुक्रवार शाम एसएस चिल्ड्रन एकेडमी कांठ रोड की ओर से बैडमिंटन टूर्नामेंट का समापन था। बैडमिंटन हॉल में सम्मान समारोह चल रहा था। इस कारण क्रीड़ाधिकारी प्रेम कुमार व अन्य कोच वहीं थे। जब उन्हें मामले की जानकारी हुई तो दौड़कर ग्राउंड में पहुंचे।
महिला कोच को कांठ रोड स्थित अस्पताल ले गए। साथ ही डायल 112 को सूचना भी दे दी। कोच की ड्रेसिंग कराने के बाद सभी रामगंगा विहार चौकी पहुंचे। वहां से पुलिस उन्हें सिविल लाइंस थाने ले गई। जहां मामले की तहरीर दी गई। थाना प्रभारी आरपी शर्मा का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
घटना दुखद है। खेल में खिलाड़ी को अनुशासनहीनता के लिए दंड मिलना बेहद आम है। उसे कोच पर हाथ नहीं उठाना चाहिए था। हम खिलाड़ी का स्टेडियम में प्रवेश प्रतिबंधित कर रहे हैं। अन्य कोचों को भी सलाह दी गई है कि रजिस्टर्ड खिलाड़ियों के अलावा कोई भी प्रवेश न करे। - प्रेम कुमार, क्रीड़ाधिकारी