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यूपी: मुरादाबादी कूड़े से बनी कंपोस्ट से लहलहाएगी गुजरात के पटेल प्रतिमा गार्डन की फुलवारी, 200 टन मिला ऑर्डर
Sun, 07 Nov 2021 11:40 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 07 Nov 2021 11:40 AM IST
सार
अब मुरादाबादी कूड़े से बनी कंपोस्ट से गुजरात के पटेल प्रतिमा गार्डन की फुलवारी लहलहाएगी। कंपोस्ट तैयार कर रही कंपनी को 200 टन का ऑर्डर मिल गया है। यहां से 20 टन कंपोस्ट रैक के माध्यम से गुजरात भेज दी गई है।
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खाद से लदा ट्रक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुरादाबाद शहर के कूड़े से बनी कंपोस्ट से गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्थापित प्रतिमा के निकट बने गार्डन की फुलवारी लहलहाएगी। इसके लिए नगर निगम के माध्यम से कूड़े से कंपोस्ट तैयार कर रही कंपनी को ऑर्डर मिल गया है। वहीं, यहां से 20 टन कंपोस्ट रैक के माध्यम से गुजरात भेजी जा चुकी है।
कुछ समय पहले तक रामपुर रोड स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड पर लाखों टन शहर के कूड़े का ढेर लगा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इस पर नगर निगम पर जुर्माना भी लगाया गया। दूसरी ओर स्वच्छता सर्वेक्षण में भी कूड़े का निस्तारण न होने से मुरादाबाद पिछड़ रहा था। करीब पांच साल से शहर में कूड़े का निस्तारण ठप था।
करीब डेढ़ साल पहले नगर आयुक्त ने मेसर्स हरी भरी कंपनी से ट्रंचिंग ग्राउंड में पड़े कूड़े के ढेर के निस्तारण व पुरानी जंग खाने के साथ कूड़े के ढेर में दब चुके प्लांट को चालू कराने का जिम्मा सौंपा था। करीब छह माह पूर्व यहां कूड़े के निस्तारण का काम भी शुरू हो गया था, लेकिन इसके निस्तारण के साथ तैयार हो रही कंपोस्ट को मार्केट में बिक्री के लिए लाइसेंस प्राप्त नहीं हो सका था।
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जिसके कारण कूड़े के निस्तारण से तैयार कंपोस्ट से ट्रंचिंग ग्राउंड का शेड भरने लगा था। इसके चलते करीब 700 टन कंपोस्ट कंपनी को स्थानीय किसानों को मुफ्त में वितरित की, लेकिन हाल ही में कंपनी को मार्केटिंग का लाइसेंस भी मिल गया है।
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कुछ समय पहले तक रामपुर रोड स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड पर लाखों टन शहर के कूड़े का ढेर लगा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा इस पर नगर निगम पर जुर्माना भी लगाया गया। दूसरी ओर स्वच्छता सर्वेक्षण में भी कूड़े का निस्तारण न होने से मुरादाबाद पिछड़ रहा था। करीब पांच साल से शहर में कूड़े का निस्तारण ठप था।
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करीब डेढ़ साल पहले नगर आयुक्त ने मेसर्स हरी भरी कंपनी से ट्रंचिंग ग्राउंड में पड़े कूड़े के ढेर के निस्तारण व पुरानी जंग खाने के साथ कूड़े के ढेर में दब चुके प्लांट को चालू कराने का जिम्मा सौंपा था। करीब छह माह पूर्व यहां कूड़े के निस्तारण का काम भी शुरू हो गया था, लेकिन इसके निस्तारण के साथ तैयार हो रही कंपोस्ट को मार्केट में बिक्री के लिए लाइसेंस प्राप्त नहीं हो सका था।
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जिसके कारण कूड़े के निस्तारण से तैयार कंपोस्ट से ट्रंचिंग ग्राउंड का शेड भरने लगा था। इसके चलते करीब 700 टन कंपोस्ट कंपनी को स्थानीय किसानों को मुफ्त में वितरित की, लेकिन हाल ही में कंपनी को मार्केटिंग का लाइसेंस भी मिल गया है।
इसी के साथ कंपनी हरदोई, सहारनपुर समेत कई जिलों में यहां से तैयार जैविक खाद भेजने लगी है। नगर आयुक्त संजय चौहान ने बताया कि गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जहां मूर्ति स्थापित की गई है वहां आसपास क्षेत्र में गार्डन विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए सिर्फ कंपोस्ट के उपयोग का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि शहर के कूड़े से तैयार कंपोस्ट पौधों को हरा भरा रखने में काफी बेहतर साबित हो रही है। किसानों ने भी कंपोस्ट के परिणाम बेहतर बताए। उन्होंने बताया कंपनी को 200 टन कंपोस्ट का ऑर्डर मिला है। कंपनी के डीजीएम राहुल कुमार ने बताया कि नगर आयुक्त के माध्यम से मिले ऑर्डर की पहली खेप के रूप में 20 टन कंपोस्ट गुजरात भेजी जा चुकी है।
शेष कंपोस्ट भी जैसे-जैसे आदेश मिलता रहेगा वैसे-वैसे गुजरात भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से 50 किलोग्राम के एक बैग कंपोस्ट की कीमत 375 रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें 175 रुपये सब्सिडी रहेगी। उन्होंने बताया कि कंपोस्ट की डिमांड पर हरदोई व सहारनपुर समेत प्रदेश के कई अन्य शहरों में कंपोस्ट भेजी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि शहर के कूड़े से तैयार कंपोस्ट पौधों को हरा भरा रखने में काफी बेहतर साबित हो रही है। किसानों ने भी कंपोस्ट के परिणाम बेहतर बताए। उन्होंने बताया कंपनी को 200 टन कंपोस्ट का ऑर्डर मिला है। कंपनी के डीजीएम राहुल कुमार ने बताया कि नगर आयुक्त के माध्यम से मिले ऑर्डर की पहली खेप के रूप में 20 टन कंपोस्ट गुजरात भेजी जा चुकी है।
शेष कंपोस्ट भी जैसे-जैसे आदेश मिलता रहेगा वैसे-वैसे गुजरात भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से 50 किलोग्राम के एक बैग कंपोस्ट की कीमत 375 रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें 175 रुपये सब्सिडी रहेगी। उन्होंने बताया कि कंपोस्ट की डिमांड पर हरदोई व सहारनपुर समेत प्रदेश के कई अन्य शहरों में कंपोस्ट भेजी जा चुकी है।