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बीएससी भौतिक विज्ञान का पेपर आउट
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मुरादाबाद। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय का बीएससी तृतीय वर्ष का भौतिक विज्ञान का दूसरा पेपर आउट हो गया। शुक्रवार को पेपर तीसरी पाली में दोपहर तीन बजे से होना था, लेकिन पहले ही इसके सवाल एक कागज पर लिखकर वायरल हो गए। हालांकि परीक्षा शुरू होने के बाद चंद मिनटों बाद तो यह पूरी तरह से वायरल हो गया पर कुछ लोगाें के मुताबिक पर्चा तो दो बजे ही आउट हो गया था। विवि कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल एवं परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
हाथ से लिखकर जो पर्चा बाहर आया उसमें तीन प्रश्न दीर्घ उत्तरीय और पांच प्रश्न लघु उत्तरीय लिखे गए थे। दीर्घ उत्तरीय में तीन प्रश्न हल करने होते हैं और तीनों इस पर्चे पर लिखे गए। इसके अलावा लघु उत्तरीय में पांच प्रश्न हल करने थे और पांचों उसी में थे। शिक्षकों का दावा है कि यह प्रश्नपत्र 50 अंकों का है, जिसमें से 45 अंकों के सवाल हाथ से लिखे नोट में हैं। हां, सवालों के क्रम अवश्य बदले थे पर सवाल वही थे जो परीक्षा में आए हैं।
लगभग तीन बजकर 24 मिनट पर यह पर्चा विवि के परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह को भेजा गया। नियमानुसार तो इस समय तक भी सवाल बाहर आने ही नहीं चाहिए थे। सवा तीन बजे तक तो पेपर ही बंटता है। ऐसे में इतनी जल्दी सवाल लिखकर इन्हें आउट नहीं किया जा सकता। यानी पूरी आशंका यही है कि यह पहले ही आउट हो चुका था।
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यह तीन से छह बजे की परीक्षा थी। परीक्षा के समय प्रश्न पत्र बाहर नहीं आ सकता है। प्रश्नपत्र सीसीटीवी की निगरानी में खुलते हैं। किसी केंद्र पर यह चूक हुई है। जानकारी मिलते ही केंद्रों की आनलाइन जांच की गई, जिसमें अभी कुछ दिखा नहीं है। यह परीक्षा की शुचिता में खामी है। इसकी जांच की जाएगी।
संजीव सिंह, परीक्षा नियंत्रक, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय।
यदि परीक्षा शुरू होने के बाद यह बाहर आया है तो उसे आउट की श्रेणी में रखना सही नहीं है। हालांकि नियमानुसार इस समय भी पेपर बाहर नहीं आ सकता पर हो सकता है कि किसी केन्द्र से गड़बड़ी हुई हो। यह भी गलत है। इसकी जांच करा रहे हैं- प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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हाथ से लिखकर जो पर्चा बाहर आया उसमें तीन प्रश्न दीर्घ उत्तरीय और पांच प्रश्न लघु उत्तरीय लिखे गए थे। दीर्घ उत्तरीय में तीन प्रश्न हल करने होते हैं और तीनों इस पर्चे पर लिखे गए। इसके अलावा लघु उत्तरीय में पांच प्रश्न हल करने थे और पांचों उसी में थे। शिक्षकों का दावा है कि यह प्रश्नपत्र 50 अंकों का है, जिसमें से 45 अंकों के सवाल हाथ से लिखे नोट में हैं। हां, सवालों के क्रम अवश्य बदले थे पर सवाल वही थे जो परीक्षा में आए हैं।
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लगभग तीन बजकर 24 मिनट पर यह पर्चा विवि के परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह को भेजा गया। नियमानुसार तो इस समय तक भी सवाल बाहर आने ही नहीं चाहिए थे। सवा तीन बजे तक तो पेपर ही बंटता है। ऐसे में इतनी जल्दी सवाल लिखकर इन्हें आउट नहीं किया जा सकता। यानी पूरी आशंका यही है कि यह पहले ही आउट हो चुका था।
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यह तीन से छह बजे की परीक्षा थी। परीक्षा के समय प्रश्न पत्र बाहर नहीं आ सकता है। प्रश्नपत्र सीसीटीवी की निगरानी में खुलते हैं। किसी केंद्र पर यह चूक हुई है। जानकारी मिलते ही केंद्रों की आनलाइन जांच की गई, जिसमें अभी कुछ दिखा नहीं है। यह परीक्षा की शुचिता में खामी है। इसकी जांच की जाएगी।
संजीव सिंह, परीक्षा नियंत्रक, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय।
यदि परीक्षा शुरू होने के बाद यह बाहर आया है तो उसे आउट की श्रेणी में रखना सही नहीं है। हालांकि नियमानुसार इस समय भी पेपर बाहर नहीं आ सकता पर हो सकता है कि किसी केन्द्र से गड़बड़ी हुई हो। यह भी गलत है। इसकी जांच करा रहे हैं- प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय