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‘काशी’ के यात्री भड़के तो भागा पैंट्रीकार का स्टाफ
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 24 Feb 2017 02:35 AM IST
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ट्रेन
- फोटो : File Photo
नई दिल्ली से वाराणसी जा रही काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में यात्रियों से ओवर रेटिंग का मामला पकड़ा गया। वेंडर यात्रियों से खाना, चाय, पानी के अधिक पैसे वसूल रहेे थे। एक यात्री ने मुरादाबाद में उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो मैनेजर और वेंडर पेंट्रीकार छोड़कर भाग गए।
ट्रेन के मुरादाबाद पहुंचने पर यात्री ने पेंट्रीकार के रिकार्ड सीआईटी को सौंप दिया। साथ ही डीआरएम से लिखित शिकायत भी की। शहर के मोहल्ला दीनदयाल नगर निवासी कुलेश्वर सिंह दिल्ली में सरकारी कर्मचारी हैं।
गुरुवार को वह काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस की बोगी एस-6 में सवार होकर मुरादाबाद आ रहे थे। ट्रेन में पेंट्रीकार के वेंडर यात्रियों को खाना, चाय पानी बोतल अधिक दाम पर बेच रहे थे। पांच रुपये की चाय दस रुपये तो 45 रुपये का खाना 110 रुपये दिया जा रहा था। ऐसे ही रेल नीर की जगह दूसरी कंपनी का पानी बेचा जा रहा था, वह भी अधिक दाम पर।
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कुलेश्वर सिंह ने इसकी शिकायत वेंडर से की तो उसने अनदेखी कर दी। इसके बाद वह पेंट्रीकार के मैनेजर के पास पहुंचे, लेकिन मैनेजर ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। जिसपर कुलेश्वर ने फोन पर रेलवे के उच्चाधिकारियों से संपर्क साधना शुरू कर किया।
मामला बढ़ता देख वेंडरों के साथ मैनेजर पेंट्रीकार से खिसक लिया। उन्होंने पेंट्रीकार का रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। ट्रेन के मुरादाबाद पहुंचने पर उन्होंने सीआईटी अरविंद कुमार को पूरी घटना की जानकारी दी और रिकार्ड सौंप दिए। बाद में डीआरएम से लिखित शिकायत की।
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ट्रेन के मुरादाबाद पहुंचने पर यात्री ने पेंट्रीकार के रिकार्ड सीआईटी को सौंप दिया। साथ ही डीआरएम से लिखित शिकायत भी की। शहर के मोहल्ला दीनदयाल नगर निवासी कुलेश्वर सिंह दिल्ली में सरकारी कर्मचारी हैं।
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गुरुवार को वह काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस की बोगी एस-6 में सवार होकर मुरादाबाद आ रहे थे। ट्रेन में पेंट्रीकार के वेंडर यात्रियों को खाना, चाय पानी बोतल अधिक दाम पर बेच रहे थे। पांच रुपये की चाय दस रुपये तो 45 रुपये का खाना 110 रुपये दिया जा रहा था। ऐसे ही रेल नीर की जगह दूसरी कंपनी का पानी बेचा जा रहा था, वह भी अधिक दाम पर।
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कुलेश्वर सिंह ने इसकी शिकायत वेंडर से की तो उसने अनदेखी कर दी। इसके बाद वह पेंट्रीकार के मैनेजर के पास पहुंचे, लेकिन मैनेजर ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। जिसपर कुलेश्वर ने फोन पर रेलवे के उच्चाधिकारियों से संपर्क साधना शुरू कर किया।
मामला बढ़ता देख वेंडरों के साथ मैनेजर पेंट्रीकार से खिसक लिया। उन्होंने पेंट्रीकार का रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। ट्रेन के मुरादाबाद पहुंचने पर उन्होंने सीआईटी अरविंद कुमार को पूरी घटना की जानकारी दी और रिकार्ड सौंप दिए। बाद में डीआरएम से लिखित शिकायत की।