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रेल नीर के बजाय पिलाया जा रहा ‘वीरू’ का पानी
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sun, 18 Sep 2016 01:38 AM IST
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वीरेंद्र सहवाग
- फोटो : Getty
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रेलवे अपने ही एलान पर ही अमल नहीं कर पा रहा। रेल स्टेशनों पर रेल नीर के अलावा किसी और ब्रांड के पानी की बिक्री नहीं किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। लेकिन मुरादाबाद मंडल के रेलवे स्टेशनों पर रेल नीर नहीं, ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए जाने वीरेंद्र सहवाग की कंपनी के पानी की ताबड़तोड़ बिक्री हो रही है।
हालांकि सहवाग की कंपनी को रेलवे बोर्ड से बिक्री की इजाजत मिली हुई है लेकिन रेलनीर न बिकने की वजह रेलवे के प्लांट से डिमांड के अनुपात में सप्लाई न हो पाना बताई गई है।
मुरादाबाद मंडल के एक भी स्टेशन पर रेलनीर नहीं बिक रहा है। इसके बदले में वीरेंद्र सहवाग की कंपनी का पानी बिक रहा है।
हालांकि इससे रेलयात्रियों को आर्थिक नुकसान नहीं हो रहा क्योंकि दोनों पानी के दाम 15 रुपये प्रति लीटर है। रेलवे ने स्टेशनों पर रेल नीर के अलावा किसी और ब्रांड के पानी की बिक्री नहीं किए जाने का प्रस्ताव पारित किया था। लेकिन रेलवे के प्लांट डिमांड के अनुसार एक चौथाई आपूर्ति भी नहीं कर पाए।
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ऐसे में व्यवस्था कर दी गई कि प्लांट के नजदीक के स्टेशनों को नीर उपलब्ध कराया जाएगा। बाकी स्टेशनों पर कुछ ब्रांड स्वीकृत कर दिए गए। इसके लिए स्टेशन और ब्रांड की लिस्ट तैयार की गई। जिन स्टेशनों पर रेल नीर उपलब्ध कराया जाना था उनमें मुरादाबाद मंडल का एक भी स्टेशन शामिल नहीं है।
जबकि मुरादाबाद मंडल में देहरादून, हरिद्वार, मुरादाबाद और बरेली जैसे बड़े स्टेशन शामिल हैं। यहां विदेशी सैलानी, एक्सपोर्टर्स से लेकर भारत के प्रमुख नेता और अधिकारी आते हैं। इन चारों स्टेशनों पर प्रति माह एक लाख से अधिक रेल नीर की बोतलों की डिमांड रही है।
लेकिन अब यहां रेल नीर देखने तक के लिए नहीं है। रेलनीर प्लांट का विस्तार न होने से तरह-तरह की चर्चा भी हो रही है। चर्चा आम है कि कहीं कमीशन के चक्कर में तो यह सब नहीं हो रहा।
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हालांकि सहवाग की कंपनी को रेलवे बोर्ड से बिक्री की इजाजत मिली हुई है लेकिन रेलनीर न बिकने की वजह रेलवे के प्लांट से डिमांड के अनुपात में सप्लाई न हो पाना बताई गई है।
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मुरादाबाद मंडल के एक भी स्टेशन पर रेलनीर नहीं बिक रहा है। इसके बदले में वीरेंद्र सहवाग की कंपनी का पानी बिक रहा है।
हालांकि इससे रेलयात्रियों को आर्थिक नुकसान नहीं हो रहा क्योंकि दोनों पानी के दाम 15 रुपये प्रति लीटर है। रेलवे ने स्टेशनों पर रेल नीर के अलावा किसी और ब्रांड के पानी की बिक्री नहीं किए जाने का प्रस्ताव पारित किया था। लेकिन रेलवे के प्लांट डिमांड के अनुसार एक चौथाई आपूर्ति भी नहीं कर पाए।
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ऐसे में व्यवस्था कर दी गई कि प्लांट के नजदीक के स्टेशनों को नीर उपलब्ध कराया जाएगा। बाकी स्टेशनों पर कुछ ब्रांड स्वीकृत कर दिए गए। इसके लिए स्टेशन और ब्रांड की लिस्ट तैयार की गई। जिन स्टेशनों पर रेल नीर उपलब्ध कराया जाना था उनमें मुरादाबाद मंडल का एक भी स्टेशन शामिल नहीं है।
जबकि मुरादाबाद मंडल में देहरादून, हरिद्वार, मुरादाबाद और बरेली जैसे बड़े स्टेशन शामिल हैं। यहां विदेशी सैलानी, एक्सपोर्टर्स से लेकर भारत के प्रमुख नेता और अधिकारी आते हैं। इन चारों स्टेशनों पर प्रति माह एक लाख से अधिक रेल नीर की बोतलों की डिमांड रही है।
लेकिन अब यहां रेल नीर देखने तक के लिए नहीं है। रेलनीर प्लांट का विस्तार न होने से तरह-तरह की चर्चा भी हो रही है। चर्चा आम है कि कहीं कमीशन के चक्कर में तो यह सब नहीं हो रहा।