{"_id":"6673799c9321fcf2700fcfb7","slug":"parag-milk-and-kfc-were-also-caught-in-adulteration-moradabad-news-c-15-1-mbd1014-423095-2024-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: घटतौली में पराग दूध और केएफसी भी पकड़ी गई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: घटतौली में पराग दूध और केएफसी भी पकड़ी गई
विज्ञापन
मुरादाबाद।
विधि एवं माप विज्ञान की जांच में आया कि घटतौली में ऑन लाइन कंपनियां को ऑफ लाइन कंपनियों ने पीछे छोड़ दिया है। जिले में पराग दूध और केएफसी सहित नामी गिरानी प्रतिसंस्थान गड़बड़़ी में पकड़े गए हैं। सभी को जुर्माना भरना पड़ा है। अप्रैल से लेकर अभी तक 75 संस्थानों के चालान हो चुके हैं।
ऑनलाइन प्लेटफार्म पर चलाई जा रही कुछ कंपनियों की गड़बड़ी भी पकड़ी गई है लेकिन अभी तक विभाग उनका खुलासा नहीं किया है। इसी प्रकार ऑफ लाइन कंपनियों के खिलाफ विभाग ने अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
10 अप्रैल को उप नियंत्रक आरएस अकेला और जिला प्रभारी राजेश कुमार ने दलपतपुर स्थित पराग संस्थान के दूध और छांछ की जांच की। दूध और छांछ में वजन कम पाए जाने पर जांच अधिकारियों ने चालान किया। इसके एवज में पराग संस्थान को एक लाख 60 हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ा।
विज्ञापन
11 जून को पीलीकोठी स्थित केएफसी की जिला प्रभारी राजेश कुमार ने जांच की। यहां कोल्ड ड्रिक्स 300 एमएल की जगह ग्राहक को 245 एमएल दी जा रही थी। इस मामले में जांच अधिकारी ने डेढ़ लाख का चालान किया।
वेबमाल के मिनी शो रूम में स्क्रू ड्राइवर के पैकेट पर एमआरपी 255 दर्ज थी लेकिन ग्राहक को 290 में बेचा जा रहा था। पैकेट पर घोषणा भी पर्याप्त नहीं थी। इस मामले में 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अदिति बेली ब्लीशिम खिलौने पर घोषणा पर्याप्त नहीं मिलने पर 60 हजार का जुर्माना लगा। संस्थान ने जुर्माना भर दिया।
17 मई कांठ रोड स्थित बीकानेर संस्थान में बिस्किट एवं ड्राई फूड के पैकेट पर मात्रा की घोषणा नहीं लिखी थी। इस मामले में जिला प्रभारी ने 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
17 मई को डूंगर ओवरसीज की टाफी पैकेट पर भी मात्रा की घोषणा सही नहीं थी। इश मामले में भी 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा।
मुरादाबाद स्थित टाटा मोटर और बासु हुंडई में भी गड़बड़ी प्रकाश में आई है। दोनों ने वाटर फ्लो मीटर का सत्यापन नहीं कराया है। दोनों में गड़बडी पाए जाने पर जिला प्रभारी बाट माप ने चालान की कार्रवाई की है।
मंडल स्तर पर 536 प्रतिष्ठान पकड़े गए
मुरादाबाद। बाट माप विभाग की जांच के दौरान मंडल स्तर पर 536 प्रतिष्ठान गड़बड़ी के आरोप में पकड़े गए हैं। प्रतिष्ठानों से 19 लाख 23 हजार रुपये शमन शुल्क वसूले गए हैं। बाट माप विज्ञान के उप नियंत्रक आरएस अकेला ने बताया कि विभाग को सत्यापन और शमन शुल्क सहित अन्य मदों से 96 लाख 62 हजार रुपये राजस्व मिला है। मुरादाबाद जिले को एक करोड़ 86 लाख के राजस्व का लक्ष्य मिला है। अभी तक मुरादाबाद जिले ने 21 लाख रुपये राजस्व जमा कराया है। घटतौली की जांच में सात आटा चक्की मिलें, ज्वेलरी के तीन प्रतिष्ठान, मिठाई बेकरी के पांच मामले, गल्ला किराना के 21 और धर्मकॉटा के पांच मामले पकड़े गए हैं।
विज्ञापन
विधि एवं माप विज्ञान की जांच में आया कि घटतौली में ऑन लाइन कंपनियां को ऑफ लाइन कंपनियों ने पीछे छोड़ दिया है। जिले में पराग दूध और केएफसी सहित नामी गिरानी प्रतिसंस्थान गड़बड़़ी में पकड़े गए हैं। सभी को जुर्माना भरना पड़ा है। अप्रैल से लेकर अभी तक 75 संस्थानों के चालान हो चुके हैं।
ऑनलाइन प्लेटफार्म पर चलाई जा रही कुछ कंपनियों की गड़बड़ी भी पकड़ी गई है लेकिन अभी तक विभाग उनका खुलासा नहीं किया है। इसी प्रकार ऑफ लाइन कंपनियों के खिलाफ विभाग ने अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
10 अप्रैल को उप नियंत्रक आरएस अकेला और जिला प्रभारी राजेश कुमार ने दलपतपुर स्थित पराग संस्थान के दूध और छांछ की जांच की। दूध और छांछ में वजन कम पाए जाने पर जांच अधिकारियों ने चालान किया। इसके एवज में पराग संस्थान को एक लाख 60 हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ा।
विज्ञापन
11 जून को पीलीकोठी स्थित केएफसी की जिला प्रभारी राजेश कुमार ने जांच की। यहां कोल्ड ड्रिक्स 300 एमएल की जगह ग्राहक को 245 एमएल दी जा रही थी। इस मामले में जांच अधिकारी ने डेढ़ लाख का चालान किया।
वेबमाल के मिनी शो रूम में स्क्रू ड्राइवर के पैकेट पर एमआरपी 255 दर्ज थी लेकिन ग्राहक को 290 में बेचा जा रहा था। पैकेट पर घोषणा भी पर्याप्त नहीं थी। इस मामले में 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अदिति बेली ब्लीशिम खिलौने पर घोषणा पर्याप्त नहीं मिलने पर 60 हजार का जुर्माना लगा। संस्थान ने जुर्माना भर दिया।
17 मई कांठ रोड स्थित बीकानेर संस्थान में बिस्किट एवं ड्राई फूड के पैकेट पर मात्रा की घोषणा नहीं लिखी थी। इस मामले में जिला प्रभारी ने 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
17 मई को डूंगर ओवरसीज की टाफी पैकेट पर भी मात्रा की घोषणा सही नहीं थी। इश मामले में भी 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा।
मुरादाबाद स्थित टाटा मोटर और बासु हुंडई में भी गड़बड़ी प्रकाश में आई है। दोनों ने वाटर फ्लो मीटर का सत्यापन नहीं कराया है। दोनों में गड़बडी पाए जाने पर जिला प्रभारी बाट माप ने चालान की कार्रवाई की है।
मंडल स्तर पर 536 प्रतिष्ठान पकड़े गए
मुरादाबाद। बाट माप विभाग की जांच के दौरान मंडल स्तर पर 536 प्रतिष्ठान गड़बड़ी के आरोप में पकड़े गए हैं। प्रतिष्ठानों से 19 लाख 23 हजार रुपये शमन शुल्क वसूले गए हैं। बाट माप विज्ञान के उप नियंत्रक आरएस अकेला ने बताया कि विभाग को सत्यापन और शमन शुल्क सहित अन्य मदों से 96 लाख 62 हजार रुपये राजस्व मिला है। मुरादाबाद जिले को एक करोड़ 86 लाख के राजस्व का लक्ष्य मिला है। अभी तक मुरादाबाद जिले ने 21 लाख रुपये राजस्व जमा कराया है। घटतौली की जांच में सात आटा चक्की मिलें, ज्वेलरी के तीन प्रतिष्ठान, मिठाई बेकरी के पांच मामले, गल्ला किराना के 21 और धर्मकॉटा के पांच मामले पकड़े गए हैं।