{"_id":"66130464b8f7a3da350f8e26","slug":"paper-leak-is-a-well-planned-conspiracy-to-deny-employment-moradabad-news-c-15-1-mbd1026-377332-2024-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेपर लीक नौकरी न देने की सोची समझी साजिश : सुभाषिनी अली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेपर लीक नौकरी न देने की सोची समझी साजिश : सुभाषिनी अली
विज्ञापन
मुरादाबाद।
यूपी में दलित उत्पीड़न की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि रेप की घटनाओं में भी यूपी अव्वल है। छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। बार-बार लीक हो रहे पेपर सरकार की सोची समझी साजिश का हिस्सा है। जिससे नौकरी न देनी पड़े। यह बात भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की पोलित ब्यूरो सदस्य एवं दलित शोषण मुक्ति मंच की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाषिनी अली ने बुद्धि विहार स्थित एक बरात घर में आयोजित दलित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के साथ लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए भाजपा को सत्ता से बेदखल करना होगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का 400 पार का नारा धोखा और छलावा है। भाजपा डरी हुई है। हताश है। निर्वाचित मुख्यमंत्रियों और विपक्षी दलों के नेताओं तथा स्वतंत्र पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डालकर विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश इसका जीता जागता उदाहरण है।
सम्मेलन को सीपीएम केंद्रीय कमेटी के सदस्य एवं खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. विक्रम सिंह, बरेली से आए राजीव शांत, मुजफ्फरनगर से आए अनिल कुमार, सहारनपुर के राव दाऊद, पीलीभीत के बाज सिंह, अमरोहा के रामचरन त्रिपाठी, शाकिर अली, गजराम सिंह, शरीफ अहमद, विकास नेगी, चंद्रपाल सिंह आज़ाद, सर्वती देवी, मनोज कुमारी आदि ने भी संबोधित किया। सम्मेलन की अध्यक्षता जाबिर हुसैन और प्रो. वीएस वर्मा ने संयुक्त रूप से की। संचालन थान सिंह ने किया। इससे पूर्व सुभाषिनी अली ने मंडलायुक्त कार्यालय पहुंच उन्हें रामपुर में पुलिस की गोली से हुई दलित छात्र की मौत मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग से संंबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी में दलित उत्पीड़न की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि रेप की घटनाओं में भी यूपी अव्वल है। छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है। बार-बार लीक हो रहे पेपर सरकार की सोची समझी साजिश का हिस्सा है। जिससे नौकरी न देनी पड़े। यह बात भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की पोलित ब्यूरो सदस्य एवं दलित शोषण मुक्ति मंच की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुभाषिनी अली ने बुद्धि विहार स्थित एक बरात घर में आयोजित दलित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के साथ लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए भाजपा को सत्ता से बेदखल करना होगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का 400 पार का नारा धोखा और छलावा है। भाजपा डरी हुई है। हताश है। निर्वाचित मुख्यमंत्रियों और विपक्षी दलों के नेताओं तथा स्वतंत्र पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल में डालकर विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश इसका जीता जागता उदाहरण है।
विज्ञापन
सम्मेलन को सीपीएम केंद्रीय कमेटी के सदस्य एवं खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. विक्रम सिंह, बरेली से आए राजीव शांत, मुजफ्फरनगर से आए अनिल कुमार, सहारनपुर के राव दाऊद, पीलीभीत के बाज सिंह, अमरोहा के रामचरन त्रिपाठी, शाकिर अली, गजराम सिंह, शरीफ अहमद, विकास नेगी, चंद्रपाल सिंह आज़ाद, सर्वती देवी, मनोज कुमारी आदि ने भी संबोधित किया। सम्मेलन की अध्यक्षता जाबिर हुसैन और प्रो. वीएस वर्मा ने संयुक्त रूप से की। संचालन थान सिंह ने किया। इससे पूर्व सुभाषिनी अली ने मंडलायुक्त कार्यालय पहुंच उन्हें रामपुर में पुलिस की गोली से हुई दलित छात्र की मौत मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग से संंबंधित ज्ञापन भी सौंपा।
विज्ञापन