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एक्सक्लूसिव : आपदा में 'अवसर' निकाल रहे हैं मुनाफाखोर, छह सौ तक में बेच जा रहा ऑक्सीजन सिलिंडर
Sun, 20 Sep 2020 03:22 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2020 03:22 AM IST
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ऑक्सीजन सिलिंडर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कोरोना में जहां लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाने में कसर नहीं छोड़ी वहीं कुछ मुनाफाखोर आपदा की इस घड़ी में अवसर तलाश रहे हैं। ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं ने बढ़ती मांग को देखते हुए दामों में भारी इजाफा किया है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की खपत दोगुने से अधिक पहुंच गई है। इससे ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं की मनमानी बढ़ गई है। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ने लगा है। प्रशासन कीमत नियंत्रण करने में लाचार दिख रहा है।
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मुरादाबाद में ऑक्सीजन के चार प्लांट और करीब 150 अधिकृत आपूर्तिकर्ता हैं। इनमें दो प्लांट और 15 आपूर्तिकर्ताओं के पास ही मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति का लाइसेंस है। जबकि बाकी प्लांट और आपूर्तिकर्ता औरद्योगिक ऑक्सीजन की आपूर्ति देते हैं। मुरादाबाद में 80 फीसदी ऑक्सीजन काशीपुर आईजीएल से मिलती है। कोरोनाकाल में अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति दोगुनी पहुंच गई है। एक गंभीर मरीज को औसतन एक दिन में तीन सिलिंडर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। एक सिलिंडर में सात क्यूबिक मीटर यानी दस किलोग्राम ऑक्सीजन होती है। वेंटिलेटर सुविधा युक्त नौ अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक बने हैं। इन अस्पतालों को क्वात्रा ऑक्सीजन प्लांट से सरकारी दर पर आपूर्ति मिल रही है। बाकी अस्पताल और एंबुलेंस दोगुने से महंगी ऑक्सीजन खरीद रहे हैं।
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आपूर्तिकर्ता चार सौ से छह सौ रुपये सिलिंडर ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहे हैं। इसमें भी घटतौली होने लगी है। जबकि सात क्यूबिक मीटर का सिलिंडर आपूर्तिकर्ता को प्लांट से 280 रुपये का जा रहा है। प्लांट को 122 रुपये इसकी खरीद आ रही है। एंबुलेंस चालक राजेश सैनी के मुताबिक तीन सौ रुपये का सिलिंडर छह सौ रुपये में खरीद रहे हैं। इसमें भी घटतौली हो रही है। अधिकृत आपूर्तिकर्ता विनय कुमार बताते हैं, ढाई सौ रुपये का सिलिंडर अब चार सौ रुपये में बिक रहा है। खपत बढ़ने से बोकारो से भी आक्सीजन आ रही है। प्लांट तक ट्रांसपोर्ट खर्च की लागत बढ़ने से कीमतें बढ़ी हैं। जिला औषधि नियंत्रण विभाग भी लाचार नजर आ रहा है। औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक का कहना है कि लिक्विड ऑक्सीजन टैंक वाले अस्पतालों को ही सरकारी दर पर आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है।
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औषधि निरीक्षक नोडल नामित
मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित कराए जाने के लिए मुरादाबाद के जिला औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक को मुरादाबाद के अलावा बरेली, लखनऊ, आगरा का नोडल अधिकारी नामित किया है। औषधि आयुक्त के आदेश में कहा गया है कि आईजीएल काशीपुर, गोयल एमजी गैसेज गाजियाबाद और एयर प्रोडक्ट्स ग्रेटर नोएडा प्लांटों से ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। नरेश मोहन दीपक मुुरादाबाद के अलावा अन्य मंडलों में तैनात औषधि निरीक्षकों और मंडलीय सहायक आयुक्तों से समन्वय बनाकर ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित कराएंगे।
मेडिकल ऑक्सीजन का रेट तो निर्धारित कर दिया, रॉ मेटेरियल पर नियंत्रण नहीं
पवन ऑक्सी प्योर ऑक्सीजन प्लांट के संचालक नितिन खंडेलवाल के मुताबिक ऑक्सीजन की कीमतें बढ़ने के पीछे कई वजह हैं। सरकार ने मेडिकल ऑक्सीजन का रेट 17.49 रुपये प्रति क्यूबिक मीटर तो निर्धारित कर दिया है, लेकिन रॉ मेटेरियल पर कोई नियंत्रण नहीं है। रॉ मेटेरियल सात रुपये प्रति क्यूबिक मीटर से बढ़कर 17 रुपये आ गया है। 122.53 रुपये का सिलिंडर प्लांट से 280 रुपये का आपूर्तिकर्ताओं को दिया जा रहा है। आपूर्तिकर्ता किस दाम पर बेचता है वो उसका निर्णय है। अलग-अलग अस्पतालों और एंबुलेंस के लिए ऑक्सीजन की कीमत अलग-अलग होने पर नितिन खंडेलवाल ने बताया कि मांग और आपूर्ति इसकी वजह है। एक खाली सिलिंडर की कीमत बारह हजार रुपये है। जिन अस्पतालों में खपत कम होती है सिलिंडर कई दिनों तक पड़ा रहता है। सिलिंडर आपूर्तिकर्ता का होता है। इसकी वजह से कीमत अधिक होती है। कोविड और नॉन कोविड अस्पतालों से सिलिंडर वापस होने पर उसे सैनिटाइज किया जा रहा है।