Amroha: हसनपुर के बिजली विभाग के एक्सईएन, दो एसडीओ, एक जेई समेत पांच पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमर प्रताप चौधरी ने हसनपुर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही सात दिन के भीतर प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में तालाब की है।
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फर्जी बिजली कनेक्शन के जरिए उपभोक्ता को गलत नोटिस जारी कर दिया गया। यही नहीं उपभोक्ता को मानसिक रूप से परेशान करने, झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी व मारपीट करने और पचास हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में न्यायालय ने हसनपुर के बिजली एक्सईएन, दो एसडीओ, एक जेई समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही सात दिन के भीतर मुकदमा संबंधित रिपोर्ट न्यायालय में तलब की है।
हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव मंगरौली में किसान असगर की पत्नी नाजरा के नाम पर बिजली कनेक्शन है। जिसका भुगतान उनके द्वारा समय पर किया जा रहा है। 14 मार्च 2023 तक उनका बिजली का बिल जमा है। लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी नाजरा को गलत नोटिस दिए जा रहे हैं। विभाग के अधिकारियों द्वारा 31 जनवरी 2022 को नाजरा के नाम दो लाख 15 हजार 523 रुपये का नोटिस दिया। इसके बाद 15 नवंबर 2022 को 26 हजार 748 का नोटिस दिया गया। जिससे साफ है कि बिजली विभाग फर्जी कागजी कार्रवाई करके उनकी पत्नी को फंसाना चाहते हैं और मनमानी की जा रही है।
पीड़ित असगर ने फर्जी कनेक्शन को समाप्त करने के लिए मामले की शिकायत डीएम व बिजली विभाग के आला अधिकारियों से की। लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं निकला। आरोप है कि तीन अगस्त 2022 को असगर अपनी पत्नी नाजरा के साथ हसनपुर एसडीओ कार्यालय पहुंचा। यहां मौजूद तत्कालीन एसडीओ अजीत ने दंपती को धक्के मार कर कार्यालय से बाहर निकाल दिया। उनकी साथ मारपीट की। झूठे मुकदमे फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। इसके अलावा एसडीओ अमित प्रताप सिंह, एक्सईएन अनिल कुमार, जेई जितेंद्र कुमार और खुद को सप्लाई इंस्पेक्टर बताने वाले संजीव उर्फ टीटू आए दिन दंपती को धमकी दे रहे हैं। उनके द्वारा शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं शिकायत वापस नहीं लेने पर जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं।
बिजली अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है। 8 मार्च 2023 को बिजली कर्मियों ने दंपती के साथ मारपीट की। पचास हजार रुपये की मांग पूरी नहीं होने पर मुकदमा लिखकर जेल भेजने की धमकी दी। बाद में पीड़ित दंपती ने अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमर प्रताप चौधरी ने हसनपुर कोतवाली पुलिस को एक्सईएन अनिल प्रताप, एसडीओ अमित प्रताप, तत्कालीन एसडीओ अजीत, जेई जितेंद्र कुमार और संजीव उर्फ टीटू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सात दिन के भीतर प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में तालाब की है।