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Moradabad News: साइबर ठगी के लिए हुआ मुरादाबाद के एक हजार खातों का इस्तेमाल
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मुरादाबाद। साइबर ठगी की रकम के लिए जिले के एक हजार खातों का इस्तेमाल किया गया है। यूपी के अलग-अलग जिले समेत अन्य राज्यों में रह रहे लोगों से की गई साइबर ठगी की रकम इन खातों में भेजी गई है। नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच में इसका खुलासा हुआ है। मुरादाबाद में एक सप्ताह में दस से ज्यादा प्राथमिकी दर्ज की जा चुकीं और पांच आरोपी भी पकड़ लिए हैं जबकि मामलों में जांच चल रही है।
साइवज्र ऑपरेशन के तहत नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को मुरादाबाद की साइबर थाने की पुलिस ने चिन्हित किया। इसके बाद टीमों ने इन खातों की जांच की। जिसमें सामने आया है कि मुरादाबाद के एक हजार खातों को साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि यह म्यूल खाते हैं और इन खातों को खोलते समय जिन मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया गया। उन्हें बाद में अपडेट करने के बाद उन पर दूसरे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज की गई है। कहीं फर्म के नंबर पर खाते खोले गए तो कहीं खाता धारक की बिना जानकारी के उसके दस्तावेज इस्तेमाल किए गए हैं। पुलिस ने इन खातों से जुड़े लोगों की पहचान शुरू कर दी है। साइबर थाने की अब तक जांच में सामने आया है कि इन खातों में करीब दो करोड़ से ज्यादा रकम आई है। किसी खाते में एक हजार रुपये आए हैं तो किसी खाते में लाखों की रकम ट्रांसफर की गई है। यूपी के अलग अलग जिलों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मुंबई, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के शहरों में स्थित बैंक खातों से भी रकम ट्रांसफर की गई है। डिलारी, भोजपुर, कटघर, मझोला, मैनाठेर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि नेशनल साइबर अपराध पोर्टल से मुरादाबाद के खातों को चिह्नित कर उनकी जांच की जा रही है। करीब एक हजार से ऐसे खाते मिले हैं जिनमें दो करोड़ से अधिक की रकम पाई गई है। पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए चुके हैं अन्य की तलाश में जुटी लगी हैं।
म्यूल खाते क्या होते हैं
म्यूल बैंक खाता किसी व्यक्ति के नाम पर बैंक में खुला होता है। इसका इस्तेमाल साइबर अपराधी दूसरों से ठगी गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए करते हैं। इन खातों का उपयोग अवैध लेनदेन को छिपाने के लिए किया जाता है।
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साइवज्र ऑपरेशन के तहत नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को मुरादाबाद की साइबर थाने की पुलिस ने चिन्हित किया। इसके बाद टीमों ने इन खातों की जांच की। जिसमें सामने आया है कि मुरादाबाद के एक हजार खातों को साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि यह म्यूल खाते हैं और इन खातों को खोलते समय जिन मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया गया। उन्हें बाद में अपडेट करने के बाद उन पर दूसरे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज की गई है। कहीं फर्म के नंबर पर खाते खोले गए तो कहीं खाता धारक की बिना जानकारी के उसके दस्तावेज इस्तेमाल किए गए हैं। पुलिस ने इन खातों से जुड़े लोगों की पहचान शुरू कर दी है। साइबर थाने की अब तक जांच में सामने आया है कि इन खातों में करीब दो करोड़ से ज्यादा रकम आई है। किसी खाते में एक हजार रुपये आए हैं तो किसी खाते में लाखों की रकम ट्रांसफर की गई है। यूपी के अलग अलग जिलों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मुंबई, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के शहरों में स्थित बैंक खातों से भी रकम ट्रांसफर की गई है। डिलारी, भोजपुर, कटघर, मझोला, मैनाठेर में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि नेशनल साइबर अपराध पोर्टल से मुरादाबाद के खातों को चिह्नित कर उनकी जांच की जा रही है। करीब एक हजार से ऐसे खाते मिले हैं जिनमें दो करोड़ से अधिक की रकम पाई गई है। पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए चुके हैं अन्य की तलाश में जुटी लगी हैं।
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म्यूल खाते क्या होते हैं
म्यूल बैंक खाता किसी व्यक्ति के नाम पर बैंक में खुला होता है। इसका इस्तेमाल साइबर अपराधी दूसरों से ठगी गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए करते हैं। इन खातों का उपयोग अवैध लेनदेन को छिपाने के लिए किया जाता है।
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