{"_id":"672e7f3798bac7e04c0d433d","slug":"offered-arghya-to-the-rising-sun-sought-blessings-from-chhath-maiya-moradabad-news-c-15-1-mbd1005-517488-2024-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: उगते सूर्य को दिया अर्घ्य, छठ मइया से मांगा आशीष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: उगते सूर्य को दिया अर्घ्य, छठ मइया से मांगा आशीष
विज्ञापन
मुरादाबाद। नहाय खाय के साथ शुरू हुआ चार दिवसीय छठ महापर्व शुक्रवार को उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। व्रती महिलाओं ने छठ मइया और सूर्य देव से संतान और परिवार की मंगलकामना के लिए आशीर्वाद मांगा।
रामगंगा नदी के साथ ही अन्य घाटों पर तड़के ही व्रती महिलाओं जमावड़ा लग गया। सबसे ज्यादा व्रती महिलाएं रामगंगा नदी के तट पर जुटीं। अधिकतर व्रती महिलाओं ने पीले और नए कपड़े पहने हुए थे। बहुत सी नवविवाहिताओं ने शादी वाला जोड़ा भी पहना था। ओढ़नी, चुन्नी के साथ पूरा साज-सिंगार भी वही रहा। सूर्य देव के निकलने से पहले ही घाट पर ईख लगाने, वेदी सजाने सहित अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।
परंपरा के अनुसार व्रती महिलाओं के पति पूजा की डलिया सिर पर रखकर घाट तक लाए। सूप के अगले हिस्से में जलता हुआ दीपक ऊर्जा देता रहा। कमर तक पानी में खड़ी होकर महिलाएं सूर्य देव के उदय होने का इंतजार करती रहीं। सूर्य की पहली किरण के साथ ही व्रती महिलाओं के चेहरे खिल उठे। महिलाओं ने अर्घ्य देकर परिवार की मंगलकामना की। व्रत पूर्ण होने पर व्रती महिलाओं के चेहरे पर आस्था की चमक दिखाई दी। अर्घ्य देने के बाद घर लौटकर महिलाओं ने घर-परिवार के बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। फिर मिठाई खाकर व्रत का परायण किया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- --
घाट से घर तक गूंजे छठ के मंगलगीत
व्रती महिलाओं का उत्साह ऐसा था कि जल पर सूर्यदेव की आभा बिखरने से पहले ही वह घाटों पर पहुंच गई थीं। भोर से कई घंटे पहले घाट पर अच्छी खासी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए थे। घाट पर जाने वाले रास्तों पर भी चहल-पहल थी। परंपरा से जुड़ाव को बच्चे भी उत्साहित थे। घर से लेकर घाट तक छठ के मंगलगीतों की गूंज रही।
-- -- -- -- -- --
घाटों के किनारे श्रद्धालुओं को वितरित किया गया प्रसाद
चार दिवसीय छठ महापर्व के समापन पर जहां ठेकुआ खाकर व्रती महिलाओं ने व्रत का परायण किया तो वहीं पूर्वांचल व छठ पूजा समितियों के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं को घाटों के किनारे प्रसाद वितरित किया। इसमें केला, ठेकुआ, सेब व अन्य फल शामिल रहे। पूर्वांचल जन कल्याण संस्था के सचिव अशोक कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि संस्था की ओर से घाट पर व्यवस्थाओं में लगे कर्मचारियों व अधिकारियों को प्रसाद दिया गया। चाय, पकौड़ी व समोसा बांटे गए। पूजा में संस्थापक सुधीर मिश्रा, आचार्य कामेश मिश्रा, संरक्षक डॉ. अतुल नाथ, विमलेश कुमार पांडेय, लक्ष्मेश्वर पांडेय, लक्ष्मी भूषण मिश्रा, अभिषेक चतुर्वेदी आदि ने भी प्रतिभाग किया।
पूर्वांचलवासी संस्था के महासचिव अमित कुमार दुबे ने बताया कि संस्था के माध्यम से मुरादाबाद में चार स्थानों पर छठ महापर्व मनाया गया। आदर्श नगर वार्ड 22, छठ मइया पार्क बुद्धि विहार, आरपीएफ मैदान रेलवे हरथला कॉलोनी, प्राचीन शिव मंदिर कपूर कंपनी पुल के निकट घाट पर श्रद्धालुओं ने छठ मइया की पूजा की। पूर्वांचल वासी संस्था युवा विंग के महासचिव ठाकुर अमन सिंह ने बताया की छठ मइया पार्क में छठ घाट पर शुक्रवार को सभी व्रतियों को अर्घ्य देने के लिए संस्था की तरफ से लोटे बांटे गए थे। इस माैके पर अजीत सिंह, कोषाध्यक्ष भूपेश सिंह, बेबी सिंह, रूबी देवी, सुजीता सिंह, बिन्नी सिंह, कुमकुम सिंह, संध्या गिरी, पिंकू देवी, वर्षा गिरी आदि ने विधि विधान से छठ महापर्व मनाया। व्यवस्था में संस्था के सदस्य विवेक जायसवाल, अतुल तिवारी, धर्मवीर सिंह, मुनेंद्र गिरी, परमजीत सिंह ने सहयोग किया।
विज्ञापन
रामगंगा नदी के साथ ही अन्य घाटों पर तड़के ही व्रती महिलाओं जमावड़ा लग गया। सबसे ज्यादा व्रती महिलाएं रामगंगा नदी के तट पर जुटीं। अधिकतर व्रती महिलाओं ने पीले और नए कपड़े पहने हुए थे। बहुत सी नवविवाहिताओं ने शादी वाला जोड़ा भी पहना था। ओढ़नी, चुन्नी के साथ पूरा साज-सिंगार भी वही रहा। सूर्य देव के निकलने से पहले ही घाट पर ईख लगाने, वेदी सजाने सहित अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।
विज्ञापन
परंपरा के अनुसार व्रती महिलाओं के पति पूजा की डलिया सिर पर रखकर घाट तक लाए। सूप के अगले हिस्से में जलता हुआ दीपक ऊर्जा देता रहा। कमर तक पानी में खड़ी होकर महिलाएं सूर्य देव के उदय होने का इंतजार करती रहीं। सूर्य की पहली किरण के साथ ही व्रती महिलाओं के चेहरे खिल उठे। महिलाओं ने अर्घ्य देकर परिवार की मंगलकामना की। व्रत पूर्ण होने पर व्रती महिलाओं के चेहरे पर आस्था की चमक दिखाई दी। अर्घ्य देने के बाद घर लौटकर महिलाओं ने घर-परिवार के बड़े-बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। फिर मिठाई खाकर व्रत का परायण किया।
विज्ञापन
घाट से घर तक गूंजे छठ के मंगलगीत
व्रती महिलाओं का उत्साह ऐसा था कि जल पर सूर्यदेव की आभा बिखरने से पहले ही वह घाटों पर पहुंच गई थीं। भोर से कई घंटे पहले घाट पर अच्छी खासी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए थे। घाट पर जाने वाले रास्तों पर भी चहल-पहल थी। परंपरा से जुड़ाव को बच्चे भी उत्साहित थे। घर से लेकर घाट तक छठ के मंगलगीतों की गूंज रही।
घाटों के किनारे श्रद्धालुओं को वितरित किया गया प्रसाद
चार दिवसीय छठ महापर्व के समापन पर जहां ठेकुआ खाकर व्रती महिलाओं ने व्रत का परायण किया तो वहीं पूर्वांचल व छठ पूजा समितियों के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं को घाटों के किनारे प्रसाद वितरित किया। इसमें केला, ठेकुआ, सेब व अन्य फल शामिल रहे। पूर्वांचल जन कल्याण संस्था के सचिव अशोक कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि संस्था की ओर से घाट पर व्यवस्थाओं में लगे कर्मचारियों व अधिकारियों को प्रसाद दिया गया। चाय, पकौड़ी व समोसा बांटे गए। पूजा में संस्थापक सुधीर मिश्रा, आचार्य कामेश मिश्रा, संरक्षक डॉ. अतुल नाथ, विमलेश कुमार पांडेय, लक्ष्मेश्वर पांडेय, लक्ष्मी भूषण मिश्रा, अभिषेक चतुर्वेदी आदि ने भी प्रतिभाग किया।
पूर्वांचलवासी संस्था के महासचिव अमित कुमार दुबे ने बताया कि संस्था के माध्यम से मुरादाबाद में चार स्थानों पर छठ महापर्व मनाया गया। आदर्श नगर वार्ड 22, छठ मइया पार्क बुद्धि विहार, आरपीएफ मैदान रेलवे हरथला कॉलोनी, प्राचीन शिव मंदिर कपूर कंपनी पुल के निकट घाट पर श्रद्धालुओं ने छठ मइया की पूजा की। पूर्वांचल वासी संस्था युवा विंग के महासचिव ठाकुर अमन सिंह ने बताया की छठ मइया पार्क में छठ घाट पर शुक्रवार को सभी व्रतियों को अर्घ्य देने के लिए संस्था की तरफ से लोटे बांटे गए थे। इस माैके पर अजीत सिंह, कोषाध्यक्ष भूपेश सिंह, बेबी सिंह, रूबी देवी, सुजीता सिंह, बिन्नी सिंह, कुमकुम सिंह, संध्या गिरी, पिंकू देवी, वर्षा गिरी आदि ने विधि विधान से छठ महापर्व मनाया। व्यवस्था में संस्था के सदस्य विवेक जायसवाल, अतुल तिवारी, धर्मवीर सिंह, मुनेंद्र गिरी, परमजीत सिंह ने सहयोग किया।