फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Nutrition campaign exposed... number of malnourished children doubled in just five months.

Moradabad News: पोषण अभियान की खुली पोल...पांच महीने में ही दोगुनी हुई कुपोषित बच्चों की संख्या

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 02:14 AM IST
विज्ञापन
Nutrition campaign exposed... number of malnourished children doubled in just five months.
अमरोहा। जिले में बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन हालात चिंताजनक बने हुए हैं। वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में ही कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। इससे पोषण योजनाओं और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पूरे साल के दौरान 540 कुपोषित और 93 अति कुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए थे। वहीं, वर्ष 2026 में जनवरी से मई तक ही 1025 कुपोषित और 175 अति कुपोषित बच्चे मिल चुके हैं। बढ़ती संख्या से आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में 1430 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें करीब 1,15,399 बच्चे पंजीकृत हैं। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग पर गर्भवती, धात्री महिलाओं और बच्चों को कुपोषण से बचाने की जिम्मेदारी है। इसके लिए पूरक पोषण आहार, हॉट कुक्ड मील और अन्य सरकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि इन योजनाओं का अपेक्षित असर जमीनी स्तर पर नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------

शहर/ब्लॉक------अति कुपोषित---कुपोषित
अमरोहा शहर-----53----------262

अमरोहा देहात-----20----------93
मंडी धनौरा-------19----------227

गजरौला---------44----------240
गंगेश्वरी---------12----------18

हसनपुर---------10----------54
जोया-----------17----------131

---------------------------
कुपोषित बच्चों के आहार

- तीन साल के बच्चे को 24 घंटे में दो कप दूध, दो कटोरी दाल, 3-4 कटोरी मिक्स अनाज छह से आठ बार खिलाना ठीक रहता है।
- बच्चों को साफ पानी ही देना चाहिए।

- कोई भी संक्रमण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- छह माह के बच्चों को मां के दूध के अलावा दो कटोरी मसला हुआ खाना दिनभर में थोड़-थोड़ा कर के खिलाना चाहिए।

- आठ से दस महीनों के बच्चों को मां के दूध के अलावा तीन कटोरी प्रोटीन युक्त खाना दिनभर में खिला देना चाहिए।
- हर मौसम में विभिन्न मौसमी फलों या उनके रस को बच्चों को दें।

--------------
कुपोषण के लक्षण

- जन्म के समय दो किलो से कम वजन होना
- बच्चे में चिड़चिड़ापन और सुस्ती रहना।

- बार-बार बीमारियों की चपेट में आना।
- बच्चे में उम्र के साथ वजन न बढ़ना।

- कई बच्चे ऐसे होते हैं, जो खाया पिया नहीं पचा पाते।
----------------

इस तरह करें बचाव और बरतें सावधान
- रोगों से बचाने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

- नौ माह की आयु तक बच्चे को मां अपना दूध पिलाएं।
- जन्म से लेकर दो साल तक बच्चे रोज तीन कप दूध दें।

- रोजाना दो कटोरी दाल और दलिया दिया जाए।
- बच्चे को उबला हुआ पानी ठंडा कर पिलाएं।

........
गर्मी और बरसात के मौसम में बीमारियों का असर बच्चों की सेहत पर पड़ता है। 0-6 साल तक बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पुष्टाहार का वितरण भी किया जाता है। इसके लिए महिलाओं को जागरूक भी किया जाता है।
-ज्ञान प्रकाश तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed