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Moradabad News: मजदूरी कम होने से घट रहे जॉबकार्ड धारक... 92 फीसदी नहीं मांग रहे काम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 03:28 AM IST
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Number of job card holders declining due to low wages... 92% not seeking work.
मुरादाबाद। अगले महीने से विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) लागू करने की तैयारी के बीच गांवों में मनरेगा जॉबकार्ड धारक घट रहे हैं। पिछले पांच सालों में लगभग 13,750 जॉबकार्ड धारक कम हो गए हैं। स्थिति यह है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य तो चल रहे हैं लेकिन 92 प्रतिशत जॉबकार्ड धारक काम की मांग ही नहीं कर रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह मजदूरी का कम होना (252 रुपये प्रतिदिन) बताया जा रहा है। जबकि इंडस्ट्रियल एरिया में डेढ़ से दोगुनी मजदूरी मिल जाती है।
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ग्राम पंचायतों के चुनाव 2021 के समय जिले में जॉबकार्ड धारकों की संख्या लगभग 1.35 लाख से अधिक थी। पिछले साल 2025-26 में भी इनकी संख्या 136315 थी। अब 2026-27 के लिए कुल सक्रिय जॉबकार्ड धारक 1,22,565 रह गए। इसी बीच इनकी केवाईसी कराई गई तो अब तक 1,13,052 जॉबकार्डधारकों की ही केवाईसी हो पाई हैं, जो सक्रिय जॉबकार्ड धारकों का 95.5 प्रतिशत है। शेष 9513 जॉबकार्ड धारकों की केवाईसी नहीं हो पाई है। इनमें किसी की आंखें खराब हो चुकी हैं तो कोई कार्य करने लायक नहीं बचे हैं। कुछ बाहर चले गए हैं तो कुछ ही मृत्यु हो चुकी है।
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योजना में यह नियम है कि जो जॉबकार्ड धारक कार्य मांगेंगे, उन्हीं को कार्य दिया जाना है। उपायुक्त (श्र्म रोजगार) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कुल सक्रिय जॉबकार्ड धारकों में से कुल 9028 ने ही कार्य की मांग की है। इन्हें कार्य उपलब्ध भी करा दिए गए हैं। कुल मिलाकर 92 प्रतिशत जॉबकार्ड धारकों ने कार्य मांगा ही नहीं है।
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इसके पीछे सबसे बड़ी वजह मजदूरी सिर्फ 252 रुपये प्रतिदिन होना है, जो महंगाई के इस दौर में काफी कम है। मनरेगा से जुड़े अफसरों व ग्राम प्रशासकों का कहना है कि मुरादाबाद इंडिस्ट्रयल क्षेत्र है, जहां औद्योगिक इकाइयों में दैनिक मजदूरी 400 से 450 रुपये तक है, वहीं कृषि मजदूरी भी 350 से 400 रुपये तक पहुंच चुकी है। ऐसे में उन्हें मनरेगा से डेढ़ से दोगुनी मजदूरी मिल जाती है। संभवत: यही कारण है कि जॉबकार्ड धारक कार्य नहीं मांगते हैं।

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जितने भी जॉबकार्ड धारक कार्य मांगते हैं, उन सभी को कार्य उपलब्ध कराया जाता है। अब तक 95.5 प्रतिशत जॉबकार्ड धारकों की केवाईसी हो चुकी है। सभी ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है कि जो जॉबकार्ड धारक बचे हैं, उनके बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपलब्ध कराएं।
आरपी भगत, उपायुक्त (श्रम रोजगार)
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