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Moradabad News: अब आधार कार्ड नहीं जन्मतिथि का आधार, 50 हजार से ज्यादा वृद्धों की पेंशन अटकी
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अगवानपुर/मुरादाबाद। आधार कार्ड के स्थान पर जन्मतिथि के लिए मान्य बताए गए प्रमाणों में से कोई एक प्रस्तुत करने की नई व्यवस्था के कारण जिले में 50 हजार से ज्यादा बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन का भुगतान अटक गया है। इसके अलावा कई आवेदक जांच के दायरे में भी आ गए हैं। इससे प्रभावित वृद्धजनों की चिंता बढ़ गई है।
जिले में करीब 57,757 लाभार्थियों को अप्रैल, जुलाई, अक्तूबर और जनवरी में चार किस्तों में वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। इस वर्ष अप्रैल में मिलने वाली पेंशन राशि अभी तक नहीं आई है। पूछताछ पर समाज कल्याण विभाग से बताया गया कि अब जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड मान्य नहीं है। नए शासनादेश के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में आधार कार्ड के साथ परिवार रजिस्टर की नकल या ऐसा शैक्षिक प्रमाणपत्र देना होगा, जिसमें जन्मतिथि अंकित हो। शहरी क्षेत्रों के पेंशनधारक राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, मतदाता पहचानपत्र में से कोई एक प्रमाण दे सकते हैं। इस नई व्यवस्था की वजह से 50 हजार से अधिक पेंशनधारकों का अगला भुगतान रुक गया है। इसके अलावा कुछ के आय प्रमाणपत्र में गलत बयानी तथा अन्य कारणों से भी भुगतान अटका है।
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12 हजार से ज्यादा नए आवेदकों की प्रक्रिया भी रुकी
जिले में वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेने के लिए नवंबर 2024 से अब तक करीब 12562 बुजुर्गों ने ऑनलाइन नए आवेदन किए हैं। ये सभी आवेदन आधारकार्ड की जन्मतिथि के अनुसार किए गए हैं। शासन के निर्देश पर ये सभी आवेदन भी जहां के तहां रोक दिए गए हैं। इनसे भी जन्मतिथि के लिए मान्य बताए गए विकल्पों में से किसी एक को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
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जिले के 600 बुजुर्गों से होगी पेंशन राशि की वसूली
वृद्धावस्था पेंशन का लाभ प्राप्त करने वाले 600 बुजुर्गों से गलत आय प्रमाणपत्र देने के कारण पेंशन राशि की वसूली की जाएगी। अब विभाग ऐसे अन्य लोगों के आय प्रमाणपत्रों की जांच भी कर रहा है, जिनकी पात्रता को लेकर संदेह है। निर्धारित सीमा के अनुसार वार्षिक आय शहरी इलाकों में 54,060 और ग्रामीण इलाकों में 46,080 रुपये निर्धारित है।
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वर्जन-- -
निदेशालय ने आधार की जन्मतिथि को अमान्य कर दिया है। इसके बाद जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर कुछ विकल्प सुझाए गए हैं। निदेशालय से चौथी किस्त में कुछ लोगों की पेंशन आ भी चुकी है। जल्द ही सभी की पेंशन आ जाएगी। आय की राशि निर्धारित सीमा से अधिक होने की वजह से भी कई अपात्र माने गए हैं और पेंशन रोकी गई है। - पंखुड़ी जैन, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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जिले में करीब 57,757 लाभार्थियों को अप्रैल, जुलाई, अक्तूबर और जनवरी में चार किस्तों में वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। इस वर्ष अप्रैल में मिलने वाली पेंशन राशि अभी तक नहीं आई है। पूछताछ पर समाज कल्याण विभाग से बताया गया कि अब जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड मान्य नहीं है। नए शासनादेश के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में आधार कार्ड के साथ परिवार रजिस्टर की नकल या ऐसा शैक्षिक प्रमाणपत्र देना होगा, जिसमें जन्मतिथि अंकित हो। शहरी क्षेत्रों के पेंशनधारक राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, मतदाता पहचानपत्र में से कोई एक प्रमाण दे सकते हैं। इस नई व्यवस्था की वजह से 50 हजार से अधिक पेंशनधारकों का अगला भुगतान रुक गया है। इसके अलावा कुछ के आय प्रमाणपत्र में गलत बयानी तथा अन्य कारणों से भी भुगतान अटका है।
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12 हजार से ज्यादा नए आवेदकों की प्रक्रिया भी रुकी
जिले में वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेने के लिए नवंबर 2024 से अब तक करीब 12562 बुजुर्गों ने ऑनलाइन नए आवेदन किए हैं। ये सभी आवेदन आधारकार्ड की जन्मतिथि के अनुसार किए गए हैं। शासन के निर्देश पर ये सभी आवेदन भी जहां के तहां रोक दिए गए हैं। इनसे भी जन्मतिथि के लिए मान्य बताए गए विकल्पों में से किसी एक को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
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जिले के 600 बुजुर्गों से होगी पेंशन राशि की वसूली
वृद्धावस्था पेंशन का लाभ प्राप्त करने वाले 600 बुजुर्गों से गलत आय प्रमाणपत्र देने के कारण पेंशन राशि की वसूली की जाएगी। अब विभाग ऐसे अन्य लोगों के आय प्रमाणपत्रों की जांच भी कर रहा है, जिनकी पात्रता को लेकर संदेह है। निर्धारित सीमा के अनुसार वार्षिक आय शहरी इलाकों में 54,060 और ग्रामीण इलाकों में 46,080 रुपये निर्धारित है।
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वर्जन
निदेशालय ने आधार की जन्मतिथि को अमान्य कर दिया है। इसके बाद जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर कुछ विकल्प सुझाए गए हैं। निदेशालय से चौथी किस्त में कुछ लोगों की पेंशन आ भी चुकी है। जल्द ही सभी की पेंशन आ जाएगी। आय की राशि निर्धारित सीमा से अधिक होने की वजह से भी कई अपात्र माने गए हैं और पेंशन रोकी गई है। - पंखुड़ी जैन, जिला समाज कल्याण अधिकारी