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Moradabad News: सड़कें नहीं, नालियां भी गायब...बरसात में फिर जलभराव से जूझेगा लाइनपार
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मुरादाबाद। मानसून की दस्तक के साथ ही लाइनपार के कई मोहल्लों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। वजह साफ है... न सड़कें बनीं और न ही पानी निकासी के लिए नालियां। हर साल की तरह इस बार भी वार्ड-57 के जयंतीपुर और शिवनगर, वार्ड-12 के कुंदनपुर तथा वार्ड-37 की दुर्गानगर और प्रीतमनगर कॉलोनी में जलभराव तय माना जा रहा है। बरसात शुरू होते ही गलियां तालाब में बदल जाती हैं और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।
इन कॉलोनियों में वर्षों पहले आबादी बस गई, लेकिन मूलभूत सुविधाएं आज तक नहीं पहुंचीं। कीचड़ और गंदे पानी के बीच लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने पड़ते हैं। दोपहिया वाहन फिसलते हैं, बच्चे स्कूल जाने में परेशान होते हैं और बुजुर्गों के गिरने का खतरा बना रहता है। हालात ऐसे हैं कि लोगों ने भविष्य में सड़क ऊंची बनने की आशंका को देखते हुए अपने मकान पांच से छह फीट तक ऊंचे बना लिए हैं। इसके बावजूद बारिश का पानी खाली पड़े प्लॉटों और गलियों में जमा हो जाता है। गंदा पानी कई दिनों तक नहीं निकलता, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत और मांग के बाद भी नगर निगम और जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बरसात आते ही विकास के दावे इन मोहल्लों में पानी में बह जाते हैं और लोग हर साल उसी बदहाली के साथ मानसून झेलने को मजबूर हो जाते हैं।
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अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार का कहना है कि जहां सड़कें नहीं बनी हैं, वहां के लोगों को अपने स्थानीय पार्षद से संपर्क कर प्रस्ताव बनवाना चाहिए। निगम कार्यालय आकर शिकायत कर सकते हैं, नियमानुसार समाधान किया जाएगा।
लोगों के कोट्स (फोटो)
हर बारिश में हमारी गली तालाब बन जाती है। घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार नगर निगम से सड़क और नाली बनवाने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हर मानसून डर लेकर आता है।
- मो. हनीफ
बच्चों को स्कूल भेजना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। गंदे पानी और कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है। मच्छरों की भरमार रहती है। जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हुआ।
- मो. वली
बरसात में वाहन घर से बाहर नहीं निकल पाते। गंदा पानी कई दिनों तक भरा रहता है। बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। चुनाव के समय वादे बहुत हुए, लेकिन सुविधाएं आज तक नहीं मिलीं।
- मनोज कुमारी
हमने मजबूरी में मकान ऊंचे बनवाए ताकि भविष्य में सड़क बनने पर दिक्कत न हो। लेकिन सड़क और नाली दोनों आज तक नहीं बनीं। हर साल बारिश में पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है।
- सौरभ कुमार
बरसात के दिनों में बुजुर्गों और महिलाओं का निकलना मुश्किल हो जाता है। फिसलकर कई लोग चोटिल हो चुके हैं। नगर निगम को अब सिर्फ सर्वे नहीं, जमीन पर काम शुरू करना चाहिए।
- सुरेश कुमार
विकास के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। हमारे मोहल्ले में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। अगर समय रहते सड़क और नाली नहीं बनी तो इस बार भी पूरा इलाका पानी में डूब जाएगा।
- विमलेश देवी
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इन कॉलोनियों में वर्षों पहले आबादी बस गई, लेकिन मूलभूत सुविधाएं आज तक नहीं पहुंचीं। कीचड़ और गंदे पानी के बीच लोगों को रोजमर्रा के काम निपटाने पड़ते हैं। दोपहिया वाहन फिसलते हैं, बच्चे स्कूल जाने में परेशान होते हैं और बुजुर्गों के गिरने का खतरा बना रहता है। हालात ऐसे हैं कि लोगों ने भविष्य में सड़क ऊंची बनने की आशंका को देखते हुए अपने मकान पांच से छह फीट तक ऊंचे बना लिए हैं। इसके बावजूद बारिश का पानी खाली पड़े प्लॉटों और गलियों में जमा हो जाता है। गंदा पानी कई दिनों तक नहीं निकलता, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगता है।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत और मांग के बाद भी नगर निगम और जनप्रतिनिधियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बरसात आते ही विकास के दावे इन मोहल्लों में पानी में बह जाते हैं और लोग हर साल उसी बदहाली के साथ मानसून झेलने को मजबूर हो जाते हैं।
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अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार का कहना है कि जहां सड़कें नहीं बनी हैं, वहां के लोगों को अपने स्थानीय पार्षद से संपर्क कर प्रस्ताव बनवाना चाहिए। निगम कार्यालय आकर शिकायत कर सकते हैं, नियमानुसार समाधान किया जाएगा।
लोगों के कोट्स (फोटो)
हर बारिश में हमारी गली तालाब बन जाती है। घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार नगर निगम से सड़क और नाली बनवाने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हर मानसून डर लेकर आता है।
- मो. हनीफ
बच्चों को स्कूल भेजना सबसे बड़ी परेशानी बन जाता है। गंदे पानी और कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है। मच्छरों की भरमार रहती है। जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन काम आज तक शुरू नहीं हुआ।
- मो. वली
बरसात में वाहन घर से बाहर नहीं निकल पाते। गंदा पानी कई दिनों तक भरा रहता है। बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। चुनाव के समय वादे बहुत हुए, लेकिन सुविधाएं आज तक नहीं मिलीं।
- मनोज कुमारी
हमने मजबूरी में मकान ऊंचे बनवाए ताकि भविष्य में सड़क बनने पर दिक्कत न हो। लेकिन सड़क और नाली दोनों आज तक नहीं बनीं। हर साल बारिश में पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है।
- सौरभ कुमार
बरसात के दिनों में बुजुर्गों और महिलाओं का निकलना मुश्किल हो जाता है। फिसलकर कई लोग चोटिल हो चुके हैं। नगर निगम को अब सिर्फ सर्वे नहीं, जमीन पर काम शुरू करना चाहिए।
- सुरेश कुमार
विकास के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। हमारे मोहल्ले में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। अगर समय रहते सड़क और नाली नहीं बनी तो इस बार भी पूरा इलाका पानी में डूब जाएगा।
- विमलेश देवी