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Moradabad News: कंप्यूटर ऑपरेटर की हत्या में सेवानिवृत्त दो बाबू समेत नौ दोषी करार
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मुरादाबाद। नौ साल पुराने चर्चित कंप्यूटर ऑपरेटर पुष्पेंद्र हत्याकांड में बृहस्पतिवार को अदालत ने महिला कल्याण विभाग के सेवानिवृत्त दो बाबुओं चुन्नी लाल और मुकुट लाल समेत नौ आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत शुक्रवार को दोषियों को सजा सुना सकती है।
कटघर के गोविंद नगर निवासी अनंग पाल उर्फ आनंद पाल ने 21 सितंबर 2015 को सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि उनका बेटा पुष्पेंद्र कोचिंग से घर लौटकर आ रहा था। फव्वारा चौक के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोली मारकर पुष्पेंद्र की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने गोली मारने वाले आरोपी शहजाद और शादाब को गिरफ्तार कर हत्याकांड खुलासा किया था।
आरोपियों ने कबूला था कि महिला कल्याण विभाग में कार्यरत बाबुओं चुन्नी लाल और मुकुट लाल ने तीन लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई थी। इस हत्याकांड में दोनों बाबू के अलावा जमील उर्फ खलील, जौहर, सलमान, आसिफ, शहजाद, शादाब और फिरासत शामिल थे। बाबुओं ने विभाग में 20 करोड़ रुपये का गबन किया था। महीपाल नाम के व्यक्ति ने आरटीआई के जरिये इसकी सूचना मांगी थी।
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बाबुओं को शक था कि पुष्पेंद्र ने गबन की जानकारी महीपाल को दी है। इसीलिए उसकी हत्या करवा दी थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या तीन सरोज कुमार यादव की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद संभल के चंदौसी निवासी मुकुट लाल और दीनदयाल नगर निवासी चुन्नी लाल समेत सभी नौ आरोपियों को दोषी करार दिया। शुक्रवार को इस मामले में सजा सुनाई जा सकती है।
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कटघर के गोविंद नगर निवासी अनंग पाल उर्फ आनंद पाल ने 21 सितंबर 2015 को सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि उनका बेटा पुष्पेंद्र कोचिंग से घर लौटकर आ रहा था। फव्वारा चौक के पास बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोली मारकर पुष्पेंद्र की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने गोली मारने वाले आरोपी शहजाद और शादाब को गिरफ्तार कर हत्याकांड खुलासा किया था।
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आरोपियों ने कबूला था कि महिला कल्याण विभाग में कार्यरत बाबुओं चुन्नी लाल और मुकुट लाल ने तीन लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई थी। इस हत्याकांड में दोनों बाबू के अलावा जमील उर्फ खलील, जौहर, सलमान, आसिफ, शहजाद, शादाब और फिरासत शामिल थे। बाबुओं ने विभाग में 20 करोड़ रुपये का गबन किया था। महीपाल नाम के व्यक्ति ने आरटीआई के जरिये इसकी सूचना मांगी थी।
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बाबुओं को शक था कि पुष्पेंद्र ने गबन की जानकारी महीपाल को दी है। इसीलिए उसकी हत्या करवा दी थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या तीन सरोज कुमार यादव की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद संभल के चंदौसी निवासी मुकुट लाल और दीनदयाल नगर निवासी चुन्नी लाल समेत सभी नौ आरोपियों को दोषी करार दिया। शुक्रवार को इस मामले में सजा सुनाई जा सकती है।