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न नियमों की परवाह और न जान की: खुले में फेंक रहे या जला देते हैं पीपीई किट
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मुरादाबाद। शहर के लोकोशेड मोक्षधाम में पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट किट (पीपीई) खुले में न सिर्फ इधर उधर फेंकी जा रही है, बल्कि अपनी जान की परवाह किए बगैर यहां के कर्मचारी उसे खुले में जला दे रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा है।
कोविड गाइड लाइन के तहत बायो मेडिकल वेस्ट की तरह पीपीई किट, मास्क, गल्ब्ज और कोरोना संक्रमित मरीज द्वारा प्रयुक्त सामान निस्तारण किया जाना है। इसके लिए नगर निगम ने इसे उठवाने की अलग से व्यवस्था की है। हर दिन नगर निगम के कर्मचारी अलग गाड़ी से अस्पतालों और मोक्षधामों से पीपीई किट उठाते हैं और रामपुर रोड पर लगे इंसीनरेटर प्लांट में इनका डिस्पोजल करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ मोक्षधाम के कर्मचारी गाड़ी का इंतजार किए बगैर पीपीई किट इधर उधर फेंक देते हैं या फिर जला देते हैं। गुरुवार को एक कर्मचारी खुले में पीपीई किट के ढेर जलाता दिखा। इससे यहां कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा है।
ये है नियम
नगर निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर विजय पाल ने बताया कि पीपीई किट इस्तेमाल करने के बाद हाइपोक्लोराइट के घोल में डुबा दी जाए। बाद में इसे बैग में पैक किया जाए। कोविड-19 मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के तहत इस कूड़े के लिए अलग से एक गाड़ी का बंदोबस्त किया जाए। नगर निगम की गाड़ी शहर के अस्पतालों, होम आइसोलेट मरीजों और मोक्षधामों से रोजाना पॉलीथिन में पैक पीपीई किट, मास्क, गल्ब्ज, पानी की खाली बोतलें, दवाइयों रैपर, डिस्पोजल प्लेटें और गिलास आदि लेकर आती हैं। रामपुर रोड पर स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में इंसीनरेटर प्लांट लगाया गया है, जहां इन्हें पहले सैनिटाइज्ड कर ब्लाचिंग पाउडर के घोल में डाला जाता है और फिर कांटे से उठाकर एक बार में पॉच किलो की पैंकिंग निश्चित ताप पर डिस्पोजल की जाती है।
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नगर निगम ने कोरोना संक्रमित वस्तुओं को उठाकर उनके डिस्पोजल के लिए इंसीनरेटर प्लांट लगाया है। यदि कोई इसे अपने स्तर से इधर उधर फेंक रहा है या जला रहा है तो यह गैर कानूनी है। ऐसा करते पकड़े जाने पर संबंधित पर महामारी अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
संजय चौहान, नगर आयुक्त
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कोविड गाइड लाइन के तहत बायो मेडिकल वेस्ट की तरह पीपीई किट, मास्क, गल्ब्ज और कोरोना संक्रमित मरीज द्वारा प्रयुक्त सामान निस्तारण किया जाना है। इसके लिए नगर निगम ने इसे उठवाने की अलग से व्यवस्था की है। हर दिन नगर निगम के कर्मचारी अलग गाड़ी से अस्पतालों और मोक्षधामों से पीपीई किट उठाते हैं और रामपुर रोड पर लगे इंसीनरेटर प्लांट में इनका डिस्पोजल करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ मोक्षधाम के कर्मचारी गाड़ी का इंतजार किए बगैर पीपीई किट इधर उधर फेंक देते हैं या फिर जला देते हैं। गुरुवार को एक कर्मचारी खुले में पीपीई किट के ढेर जलाता दिखा। इससे यहां कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा है।
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ये है नियम
नगर निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर विजय पाल ने बताया कि पीपीई किट इस्तेमाल करने के बाद हाइपोक्लोराइट के घोल में डुबा दी जाए। बाद में इसे बैग में पैक किया जाए। कोविड-19 मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के तहत इस कूड़े के लिए अलग से एक गाड़ी का बंदोबस्त किया जाए। नगर निगम की गाड़ी शहर के अस्पतालों, होम आइसोलेट मरीजों और मोक्षधामों से रोजाना पॉलीथिन में पैक पीपीई किट, मास्क, गल्ब्ज, पानी की खाली बोतलें, दवाइयों रैपर, डिस्पोजल प्लेटें और गिलास आदि लेकर आती हैं। रामपुर रोड पर स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में इंसीनरेटर प्लांट लगाया गया है, जहां इन्हें पहले सैनिटाइज्ड कर ब्लाचिंग पाउडर के घोल में डाला जाता है और फिर कांटे से उठाकर एक बार में पॉच किलो की पैंकिंग निश्चित ताप पर डिस्पोजल की जाती है।
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नगर निगम ने कोरोना संक्रमित वस्तुओं को उठाकर उनके डिस्पोजल के लिए इंसीनरेटर प्लांट लगाया है। यदि कोई इसे अपने स्तर से इधर उधर फेंक रहा है या जला रहा है तो यह गैर कानूनी है। ऐसा करते पकड़े जाने पर संबंधित पर महामारी अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
संजय चौहान, नगर आयुक्त