फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Nasimuddin Siddiqui's no entry at Idgah ground

ईदगाह मैदान में नसीमुद्दीन सिद्दीकी की ‘नो एंट्री’, प्रशासन ने थमाया नोटिस

Sun, 09 Feb 2020 03:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 09 Feb 2020 03:12 AM IST
विज्ञापन
Nasimuddin Siddiqui's no entry at Idgah ground
नसीमुद्दीन सिद्दीकी - फोटो : अमर उजाला

ईदगाह मैदान में चल रहे धरना प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक दलों के नुमाइंदों और प्रशासन के बीच चूहे बिल्ली का खेल चल रहा है। नेताओं की इस मंच पर उपस्थिति को लेकर प्रशासन जहां पैनी निगाह रख  रहा है तो वहीं कई नेता इसके बाद भी अपनी उपस्थिति वहां दर्ज कर चुके हैं। इसी जद्दोजहद में कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी मुरादाबाद आकर भी मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा सके। उधर प्रशासन ने उन्हें सर्किट हाउस में ही धारा 144 का नोटिस थमाते हुए 14 फरवरी तक पाबंद कर कोर्ट में पेशी का नोटिस जारी कर दिया है। 

विज्ञापन


गया नहीं फिर भी नोटिस...
सीएए के विरोध में ईदगाह मैदान में चल रहे धरने में कांग्रेस नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी को नहीं जाने दिया गया। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। दरअसल नसीमुद्दीन शनिवार शाम छह बजे धरना स्थल पर जाना था। इससे पहले ही सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से उन्हें पाबंद करते हुए नोटिस जारी कर दिया। 
विज्ञापन


सर्किट हाउस में सिद्दीकी ने कहा कि धरना स्थल पर जाने का उनका पूर्व में कार्यक्रम जारी हुआ था। शुक्रवार को एसएसपी से वार्ता हुई जिसमें एसएसपी ने धारा 144 के मद्देनजर धरना स्थल पर जाने को गैर कानूनी बताया। इसके बाद मैंने कार्यक्रम स्थगित कर दिया। लेकिन शनिवार को प्रशासन की ओर से उन्हें नोटिस थमाकर 14 फरवरी तक पाबंद करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में उनकी पेशी लगा दी गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जब वह धरना स्थल पर गए ही नहीं तो क्यों पाबंद किया गया? उन्होंने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। कहा कि भाजपा के सभी मंत्री और नेता जनजागरण अभियान चला रहे हैं। उनके लिए कोई धारा 144 नहीं है। लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं को साजिश के तहत शासन और प्रशासन का डर दिखाया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस संविधान के दायरे में सीएए का विरोध कर रही है और करती रहेगी।

जांच के बाद दिया है नोटिस: एडीएम

इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन ने दिन भर निगाह रखी। चूंकि नसीमद्दीन ने अपना कार्यक्रम पहले ही घोषित कर रखा था तो प्रशासन को आशंका इस बात की थी कि नसीमुद्दीन कहीं आश्वासन के बाद भी ईदगाह मैदान में न पहुंच जाएं। हालांकि प्रशासन ने शाम तक का सब्र नहीं किया और इससे पहले ही सर्किट हाउस पर जाकर नसीमुद्दीन को नोटिस तामील करा दिया।

बावजूद इसके जबकि वह ईदगाह मैदान में गए ही नहीं। हालांकि इस बाबत एडीएम सिटी राजेन्द्र सेंगर का कहना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी की ओर से सीएए के विरोध में ईदगाह स्थित धरना स्थल पर जाने का कार्यक्रम घोषित किया था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी किया है। वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं तो यह बात साफ हो जाएगी ओर नोटिस का अस्तित्व स्वत: ही खत्म हो जाएगा। 

 सीएए देश की सुरक्षा के लिए खतरा: चौधरी आसिफ
ईदगाह मैदान पर चल रहा धरना शनिवार ग्यारहवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने सभा में सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए सीएए को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। साथ ही इसके वापस न लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने का भी ऐलान किया।

धरना स्थल पर हुई सभा में चौधरी आसिफ ने कहा कि सीएए से देश की सुरक्षा को खतरा है। चांद खां ने कहा कि सरकार किसी एक धर्म के लोगों के वोट की राजनीति के कारण देश को कमजोर करने का काम कर रही है। सरकार को देश की बेरोजगारी, गरीबी, शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।

जब घर के बच्चे भूखे हों तो पड़ोसी की दावत नहीं की जाती। देश के नौजवानों के  पास नौकरी नहीं है और दूसरों को बुलाया जा रहा है। धरने को साहिल शम्शी, अजीम गुड्डू, अंबर जावेद, बब्बन अब्बासी, शाकिर खां, अतीक अहमद, जकी राइनी, आशु मुरादाबादी, वकी रशीद, असलम खां, शाजिया, रिहाना, सना, सलमा आदि ने भी संबोधित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed