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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Naseem Ahmed Ramlila: He has been making effigies of Lankapati Raavan for 22 years, has memorized many couplet

नसीम अहमद की रामलीला: 22 साल से लंकापति रावण के बना रहे पुतले, परिवार के लोगों को कंठस्थ हैं कई चाैपाइयां

Sat, 12 Oct 2024 02:23 PM IST
विमल शर्मा मनोज शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, पाकबड़ा
मनोज शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, पाकबड़ा Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 12 Oct 2024 02:23 PM IST
सार

मेरठ निवासी नसीम अहमद का परिवार पिछले 22 साल से रामलीला में रावण का पुतला बना रहा है। उन्होंने यह काम अपने पिता से सीखा। पुतला बनाने के साथ-साथ नसीम के परिवार को कई चौपाइयां कंठस्थ याद हैं। 

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Naseem Ahmed Ramlila: He has been making effigies of Lankapati Raavan for 22 years, has memorized many couplet
मुरादाबाद में रावण के पुतले के साथ नसीम अहमद और अन्य - फोटो : संवाद

विस्तार

मेरठ निवासी नसीम का परिवार पिछले 22 साल से पाकबड़ा की रामलीला में दशानन का पुतला बना रहा है। परिवार के मुखिया नसीम अहमद अपने रिश्तेदारों के साथ यह काम कर रहे हैं। नसीम ने अब यह काम अपने बेटे सिकंदर के साथ भतीजे व साले को भी सिखा दिया है। नसीम ने बताया कि उनके रिश्तेदार बब्बू अहमद ने अमरोहा में और भतीजे आलम ने लाइनपार में रावण का पुतला तैयार किया है।

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पुतला बनाने का काम सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि नसीम व उनके परिवार को रामायण का ज्ञान भी है। नसीम कहते हैं कि रावण बहुत विद्वान था, लेकिन उसके अंहकार ने उसे समाप्त कर दिया। नसीम ने कहा कि लोग मान्यताओं को कारण रावण के पुतले की लकड़ी को अपने घर ले जाते हैं। मानते हैं कि इससे भय समाप्त हो जाता है। 
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मूल रूप से मेरठ के गुदड़ी बाजार निवासी नसीम अहमद अन्य दिनों में फूलों की सजावट का काम करते है। रामलीला मंचन के समय वह अपने परिवार के साथ रावण का पुतला बनाते हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी पुतला बनाने का यह काम चला आ रहा है। नसीम ने बताया कि उन्होंने यह काम अपने पिता यासीन  अहमद से सीखा था। उनके   पिता ने यह काम अपने पिता से सीखा था।  

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नसीम के परिवार को कंठस्थ हैं कई चाैपाइयां

नसीम के परिजनों को रामचरितमानस की कई चौपाइयां कंठस्थ हैं। राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न आदि के बारे में जानकारी है। रामलीला कमेटी के महामंत्री नरेश सक्सेना ने बताया की 22 साल से नसीम और उसका परिवार रावण के पुतले बना रहा है। पाकबड़ा की रामलीला करीब सौ साल पुरानी है। पहले नगर के लोग रामलीला में रामायण के पात्रों की भूमिका अदा करते थे। पिछले 40 सालों से मंचन के लिए बाहर से कलाकारों को बुलाया जा रहा है।

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