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Moradabad News: फर्जी डिग्री से अस्पताल पंजीकृत कराने पहुंचे मुन्ना भाई, अब जाएंगे जेल
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मुरादाबाद। एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन की डिग्री और रेडियोलॉजी का फर्जी डिप्लोमा लेकर दो मुन्ना भाई सीएमओ कार्यालय पहुंचे। डॉ. धरम सिंह चौधरी ने आशियाना में अस्पताल खोलने और डॉ. अवतार सिंह मेहरा ने एकता विहार में अल्ट्रासाउंड व डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए आवेदन किया। जांच में दोनों की डिग्रियां फर्जी पाई गई हैं। डिग्री फर्जी मिलने पर सीएमओ ने एसएसपी को तहरीर दी है।
डॉ. धरम सिंह चौधरी ने आशियाना फेज-1 में धरम हेल्थ केयर के नाम से अस्पताल के लिए आवेदन किया। इसी तरह अवतार सिंह मेहरा ने एकता विहार में अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने के लिए आवेदन किया। फाइल सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह के सामने आई तो उन्हें दस्तावेजों पर संदेह हुआ। जांच पड़ताल के लिए दोनों आवेदनकर्ताओं को सीएमओ कार्यालय बुलाया गया। दोनों अपनी डिग्रियों की मूल प्रति लेकर पहुंच गए। कई सवालों के जवाब सही नहीं दे पाए। सीएमओ ने दस्तावेजों पर शंका जताने पर दोनों बहस करने लगे।
इस पर सीएमओ ने दोनों के दस्तावेज उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल को भेजकर सत्यापन का अनुरोध किया। मंगलवार को मेडिकल काउंसिल का जवाब आया और दोनों की डिग्रियां फर्जी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद सीएमओ ने एसएसपी सतपाल अंतिल को कार्रवाई के लिए तहरीर दी है।
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कई और मुन्ना भाई जांच के दायरे में
इस वर्ष अस्पतालों व एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने के लिए पिछले वर्षों से ज्यादा आवेदन आए हैं। लिहाजा सीएमओ की ओर से हर आवेदन की जांच कराई जा रही है। इसके कारण करीब 100 फाइलें अटकी हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल का कहना है कि टीम को मौके पर भेजकर सत्यापन भी कराया जा रहा है। कुछ और आवेदनकर्ता हैं जिनके दस्तावेज संदेहास्पद हैं। इन सभी के प्रति उत्तर उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल को भेजकर जांच का अनुरोध किया गया है। लखनऊ की रिपोर्ट के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. धरम सिंह चौधरी ने आशियाना फेज-1 में धरम हेल्थ केयर के नाम से अस्पताल के लिए आवेदन किया। इसी तरह अवतार सिंह मेहरा ने एकता विहार में अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने के लिए आवेदन किया। फाइल सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह के सामने आई तो उन्हें दस्तावेजों पर संदेह हुआ। जांच पड़ताल के लिए दोनों आवेदनकर्ताओं को सीएमओ कार्यालय बुलाया गया। दोनों अपनी डिग्रियों की मूल प्रति लेकर पहुंच गए। कई सवालों के जवाब सही नहीं दे पाए। सीएमओ ने दस्तावेजों पर शंका जताने पर दोनों बहस करने लगे।
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इस पर सीएमओ ने दोनों के दस्तावेज उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल को भेजकर सत्यापन का अनुरोध किया। मंगलवार को मेडिकल काउंसिल का जवाब आया और दोनों की डिग्रियां फर्जी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद सीएमओ ने एसएसपी सतपाल अंतिल को कार्रवाई के लिए तहरीर दी है।
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कई और मुन्ना भाई जांच के दायरे में
इस वर्ष अस्पतालों व एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने के लिए पिछले वर्षों से ज्यादा आवेदन आए हैं। लिहाजा सीएमओ की ओर से हर आवेदन की जांच कराई जा रही है। इसके कारण करीब 100 फाइलें अटकी हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव बेलवाल का कहना है कि टीम को मौके पर भेजकर सत्यापन भी कराया जा रहा है। कुछ और आवेदनकर्ता हैं जिनके दस्तावेज संदेहास्पद हैं। इन सभी के प्रति उत्तर उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल को भेजकर जांच का अनुरोध किया गया है। लखनऊ की रिपोर्ट के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।