Moradabad: तहेरे भाई से चल रहा था विवाद..हथौड़े से वार कर ताई को उतारा मौत के घाट, अब आजीवन जेल में रहेगा
संभल निवासी अमित राघव अगस्त 2020 में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि उसकी मां राशन लाने जा रही थी। इस बीच तहेरे भाई ने अभद्रता शुरू कर दी। विरोध करने पर मां की हत्या कर दी गई। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोषी को आजीवन कारावास और जुर्माना लगाया है।
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वृद्ध ताई की हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी भतीजे को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा के साथ उस पर 26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी करार दिए गए आरोपी का विवाद अपने तहेरे भाई से रुपये के लेनदेन को लेकर चल रहा था। संभल जिले के थाना हजरत नगर गड़ी क्षेत्र के अजमतनगर ज्योडारा निवासी अमित राघव पुत्र उदय वीर राघव ने 18 अगस्त 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें कहा गया था कि मां पुष्पा उर्फ नन्ही देवी छोटे भाई श्यामेंद्र के साथ राशन लेने के लिए जा रही थी। इसी समय गांव में ही रहने वाले मेरे तहेरे भाई रोबिन राघव ने मेरी मां को गंदी गंदी गालियां देनी शुरू कर दी। रोबिन का मुझसे रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। मां और छोटे भाई ने इसका विरोध किया तो उसने हथौड़े से मेरी मां के सिर पर प्रहार करना शुरू कर दिया। जिससे उसकी मां की मौके पर ही मौत हो गई।
इस मामले में थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन विमल कुमार वर्मा की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव और दिनेश कुमार कश्यप ने बताया कि इस मामले में घटना के समय प्रत्यक्षदर्शी श्यामेंद्र जो कि वादी का छोटा भाई भी है।
अदालत में आकर सारी घटना की जानकारी दी। अदालत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रोबिन को हत्या का दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ 26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मजदूरी के रुपए को लेकर था विवाद
वादी अमित राघव के अनुसार रोबिन मजदूरी पर नौकरी कराता था। जिसके पास अमित भी काम करने के लिए जाता था।रोबिन ने अमित की मजदूरी के रुपये नहीं दिए थे। जिस कारण से दोनों में विवाद हो गया था। जिसे परिवार के लोगों ने शांत कराया था, लेकिन रोबिन रंजिश रखने लगा। इसी रंजिश के चलते उसने मेरी मां की हत्या कर दी थी।
छोटे बेटे की गवाही बनी सजा का आधार
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में मृतका पुष्पा उर्फ नन्ही देवी के छोटे पुत्र श्यामेंद्र की गवाही ही मुख्य रही। जिसने अदालत में पेश होकर घटना की सारी जानकारी दी। जिससे बचाव पक्ष के वकील ने तरह-तरह के प्रश्न किए लेकिन उसने वही कहा जो अपनी आंखों से देखा था।घटना के वक्त वह मां के साथ मौजूद था। उसने अपने तहेरे भाई रोबिन का विरोध भी किया था लेकिन रोबिन के सिर पर खून सवार था। जिसने न तो यह देखा कि वह जिसे मार रहा है वह उसकी ताई है। न ही यह देखा कि जो बचाने का प्रयास कर रहा है। वह उसका छोटा भाई है। अदालत ने श्यामेंद्र की गवाही को आधार बनाकर रोबिन को उसके जुर्म की सजा सुनाई है।