Moradabad Lok Sabha seat: खामोश मतदाता बोल रहे इशारों की भाषा, अंतिम समय तक स्पष्ट नहीं मतदाताओं का रुख
मुरादाबाद लोकसभा सीट पर पहले चरण यानी 19 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। लोकसभा चुनाव की चर्चा पाश कॉलोनियों से लेकर तंग गलियों तक हैं। इसमें सभी मतदाता अपना- अपना गणित लगा रहे हैं।
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लोकतंत्र के महापर्व में सबसे ज्यादा चर्चाओं का शोर है। मुगलपुरा और गलशहीद के चौक चौराहे हो या बुद्धि विहार और लाइनपार का इलाका। चाहे रामगंगा विहार और सिविल लाइन की पाश कॉलोनियां या फिर करुला-कटघर की तंग गलियां। जहां लोकसभा चुनाव में जिले से प्रदेश और प्रदेश से देश तक की सियासत पर चर्चाएं हैं। हार-जीत के अपने-अपने तर्क और अपने-अपने आंकड़े हैं।
लेकिन इस चर्चाओं के शोर में नेताओं के लिए आम से खास बने मतदाता खामोश हैं। मतदान को एक दिन बाकी है, पर इस खामोशी में सियासी हवा के रुख का पता लगना मुश्किल है। फिलहाल पहले चरण मेंं शुक्रवार को मतदान होंगे। इस चरण में यूपी की आठ में से चार सीटें (मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर और नगीना) मुरादाबाद मंडल की है। मुरादाबाद में 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
लोकसभा बड़ा चुनाव, इसलिए मुद्दे भी अलग
रेलवे स्टेशन पर रामपुर जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे 25 वर्षीय अनुज कहते हैं कि मैं गांव का रहने वाला हूं। वहां जाति, धर्म ये सब प्रधानी के चुनाव में चलता है। लोकसभा सबसे बड़ा चुनाव है इसलिए मुद्दे भी अलग हैं। आसपास के गांवों के युवाओं को सरकारी यूनिवर्सिटी बनने से बरेली के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह अच्छा काम हुआ है लेकिन छुट्टा पशु खेतों में फसल बर्बाद कर देते हैं, गोशालाएं बनी हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
गांव के लोग साफ-साफ नहीं बताते, मतदान के दिन ही अपनी ताकत दिखाते हैं।तभी पास खड़े विवेक बोले कि भैया हमारे गांव में 26 घर पीएम आवास योजना से बने हैं। मैं भी फ्री राशन लेता हूं लेकिन जब 95 रुपये लीटर पेट्रोल, 850 का गैस सिलिंडर, 115 रुपये लीटर रिफाइंड, 130 रुपये लीटर सरसों का तेल खरीदता हूं तो महंगाई हावी होती दिखती है। दवाएं भी हर दिन महंगी हो रही हैं। निजी स्कूलों की मनमानी फीस भी मुझ जैसे मतदाताओं का मुद्दा है।
मुफ्त राशन से राहत तो महंगाई आफत
सर्किट हाउस के पास ठेले पर शिकंजी पीने पहुंचे मेला मैदान के रमेश सैनी पहले तो चुनावी माहौल पर चर्चा करने से कतराते रहे, लेकिन थोड़ी देर बाद वह खुल गए। कहने लगे सब अच्छा हो रहा है। गरीब भूखा नहीं सो रहा है। यह क्या कम है। पास खड़े फिरासत कहते हैं कि गरीबों को राशन मिल रहा है ठीक है, लेकिन बाकी जरूरत की चीजों पर बढ़ी महंगाई की मार से आम आदमी परेशान है। लोगों को अगर रोजगार मिल जाए तो उन्हें मुफ्त के राशन लेने की जरूरत ही न पड़े।
विकास कौन कराएगा, ये बताने की जरूरत नहीं
गांगन चौराहा के निकट एक सैलून के पास बैठे चर्चा कर रहे हुलसनगंज के फहीम बताते हैं कि विकास के वादे दस साल से लोग सुन रहे हैं। अब विकास के लिए लोग वोट करेंगे। यह पूछने पर कि विकास कौन करा सकता है पर उन्होंने कहा कि यह सब जानते हैं बताना जरूरी नहीं है। आप खुद अंदाजा लगाइए। लाकड़ी फाजलपुर के रईस बताते हैं कि चुनाव में तो सभी राजनीतिक दल एक दूसरे की कमियां निकालते हैं। जो प्रत्याशी ठीक लगे उसे वोट देना चाहिए।
इस बार माहौल का नहीं लग रहा पता
मुरादाबाद बस अड्डे पर बैठे शाहपुर तिगरी के रहने वाले विपिन कुमार कहते हैं कि वैसे इस बार चुनाव में माहौल का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। कौन जीतेगा कौन हारेगा कुछ कहा नहीं जा सकता। अब मतदान के बाद ही पता चलेगा कि कौन कहां पर वोट दिया है। आदर्श कॉलोनी के सोहन लाल ने बताया कि कॉलोनी में अभी तक हम लोग आपस में किसी एक प्रत्याशी को वोट देने की बात कर रहे हैं। जिस भी प्रत्याशी को वोट करेंगे सभी साथ में करेंगे, ताकि वह जीत सके। इस बार अपने वोट को खराब नहीं करना है।
मुरादाबाद लोकसभा सीट पर जातीय आंकड़ा
- कुल मतदाता : 20,56,514
- दलित : 4 लाख
- सैनी : 2 लाख
- ब्राह्मण : 1.50 लाख
- क्षत्रिय : 1 लाख
- वैश्य : 1 लाख
- पंजाबी : 50 हजार
- पाल : 50 हजार
- जाट : 60 हजार
- यादव : 25 हजार
- अंसारी : 4 लाख
- शेखजादा : 1 लाख
- कुरैशी : 1 लाख
- सैयद-पठान : 50 हजार
- सैफी : 50 हजार
- घोसी : 40 हजार
प्रमुख उम्मीदवार
भाजपा: सर्वेश सिंह
सपा-कांग्रेस: रुचि वीरा
बसपा: इरफान सैफी
2019 के चुनाव परिणाम
प्रत्याशी दल मिले वोट
डॉ. एसटी हसन सपा 649538
सर्वेश सिंह भाजपा 551416
इमरान प्रतापगढ़ी कांग्रेस 59198