पहले लिखा सुसाइड नोट: सहकारी समिति के सेवानिवृत्त सचिव ने जहर खाकर दी जान, सचिव को ठहराया जिम्मेदार
मूंढापांडे क्षेत्र में किसान सेवा सहकारी समिति के सेवानिवृत्त सचिव राघवेंद्र कुमार शर्मा ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली। इसमें समिति के सचिव को जिम्मेदार ठहराया है। बेटे ने आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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मूंढापांडे क्षेत्र में किसान सेवा सहकारी समिति के सेवानिवृत्त सचिव राघवेंद्र कुमार शर्मा (68) ने सुसाइड नोट लिखकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने सुसाइड नोट में मौत का जिम्मेदार किसान सेवा सहकारी समिति बिसाहट के सचिव अशोक कुमार शर्मा को ठहराया है। मृतक के बेटे ने अशोक कुमार के खिलाफ तहरीर देकर हुए कार्रवाई की मांग की है।
मूलरूप से मूंढापांडे थाना क्षेत्र के रौंडा निवासी राघवेंद्र कुमार शर्मा लदावली किसान सेवा सहकारी समिति से 2016 में सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका परिवार कटघर के गोविंद नगर में रहता है। राघवेंद्र के बेटे प्रतीक शर्मा ने बताया कि सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पिता ने पैतृक गांव रौंडा में चौराहे पर खाद बीज की दुकान खोल ली थी।
वह रोजाना गोविंद नगर से ही दुकान पर जाते थे। प्रतीक ने बताया कि उनके पिता की दुकान के बराबर में ही चचेरे भाई राजू शर्मा की ऑटो पार्ट्स की दुकान है। रविवार दोपहर करीब तीन बजे उनके पिता की तबीयत खराब हो गई थी। राजू ने इसकी जानकारी प्रतीक को दी, तो प्रतीक भी मौके पर पहुंचे और पिता को साईं अस्पताल ले गए।
डॉक्टरों ने बताया कि उनके पिता की जहर खाने से तबीयत बिगड़ी है। रविवार रात सेवानिवृत्त सचिव की मौत हो गई। जानकारी पर मूंढापांडे थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की जेब की तलाश ली। राघवेंद्र की जेब से एक सुसाइड नोट मिला।
जिसमें उन्होंने किसान सेवा सहकारी समिति बिसाहट के सचिव अशोक कुमार शर्मा को जिम्मेदार ठहराया गया है। उन्होंने लिखा कि अशोक किसानों को भड़का कर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा रहे हैं। चंदनपुर ईसापुर के राम सिंह से फर्जी लोन की शिकायत कराई थी, वह पुलिस जांच में झूठी पाई गई थी।
गोविंदपुर कला के किसानों से उनके खिलाफ शिकायत कराई गई थी, जिससे परेशान होकर मैं आत्महत्या कर रहा हूं। एसएचओ आरपी शर्मा ने बताया कि सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया गया है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
बेटे का दावा, अशोक शर्मा पिता का कर रहे थे उत्पीड़न
राघवेंद्र शर्मा का परिवार कटघर के गोविंद नगर में रहता है। उनके परिवार में पत्नी संतोष, एक बेटा प्रतीक शर्मा, तीन बेटियां पूजा, शिवानी व साधना हैं। बेटे और बेटियों की शादी हो चुकी है। प्रतीक ने मूंढापांडे थाने में दी तहरीर में बताया कि उनके पिता की जेब से सुसाइड नोट मिला है।
जिसमें उन्होंने बिसाहट सहकारी समिति के सचिव अशोक कुमार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। प्रतीक का कहना है कि पिता ने कई बार मुझसे भी जिक्र किया था कि अशोक की वजह से परेशान हूं। अशोक कुमार भी गोविंद नगर में ही रहते हैं।
मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाए गए हैं : अशोक
बिसाहट किसान सेवा सहकारी समिति के सचिव अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। मैंने कभी उन्हें परेशान नहीं किया। रौंडा किसान सेवा सहकारी समिति पर राघवेंद्र शर्मा सचिव थे, तब मैं वहां अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। कुछ किसानों के नाम से लोन ले लिया गया था।
वह किसान राघवेंद्र शर्मा पर आरोप लगा रहे थे। उन्हें लगा कि मैंने इन किसानों को भड़काया है। पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी तो सच सामने आ जाएगा।