Moradabad: एआई से अपराध की परतें खोलेगी पुलिस, एप में डाटा अपलोड, दूसरे जिले में छिपे अपराधियों पर नजर
मुरादाबाद पुलिस यक्ष एप से अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। इस एप में अपराधियों का पूरा डाटा अपलोड किया जा रहा है। इसकी मदद से कुछ ही देर में संदिग्ध का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आ सकेगा।
विस्तार
मुरादाबाद पुलिस अब परंपरागत तरीकों से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से अपराध की परतें खोलेगी। अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस एआई आधारित स्मार्ट एप का सहारा ले रही है। जिसमें अपराधी, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर, किरायेदार और संदिग्ध व्यक्तियों का डाटा अपलोड किया जा रहा है।
यक्ष नाम के इस एप को सिपाही से लेकर आईपीएस अफसर तक के मोबाइल में अपलोड कराया गया है। खासकर बीट सिपाहियों को इस एप पर अपने अपने क्षेत्रों के अपराधी, सक्रिय अपराधी, हिस्ट्रीशीटर, किरायेदार, का पूरा ब्योरा डिजिटल से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसमें नाम, पता, फोटो, आपराधिक इतिहास, गैंग से जुड़ाव, मोबाइल नंबर, वाहन विवरणऔर पिछले मामलों की जानकारी शामिल की जा रही है। एआई आधारित इस एप की मदद से कुछ ही सेकेंड में संदिग्ध व्यक्ति का रिकॉर्ड सामने आ जाएगा।
दूसरे जिले में छिपे अपराधियों पर नजर
शातिर अपराधी एक जिले में अपराध करने के बाद दूसरे जिले में छिप जाते हैं। इन्हें तलाशने में पुलिस को समय लगता था लेकिन इस एप के जरिए एक जिले में दर्ज आरोपी की जानकारी दूसरे जिले की पुलिस भी तुरंत देख सकेगी यदि किसी संदिग्ध का नाम या फोटो किसी अन्य जिले के रिकॉर्ड से मेल खाता है तो सिस्टम अलर्ट जारी करेगा।
अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तकनीक का इस्तेमाल समय की जरूरत है। एआई आधारित यह एप हमारी जांच प्रक्रिया को तेज और सटीक बनाएगा। एक जिले में अपराध कर दूसरे जिले में छिपने वाले आरोपियों को ट्रैक करना अब आसान होगा। हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जाएगी। - कुमार रण विजय सिंह, एसपी सिटी