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मुरादाबाद का होगा रिमोट सेंसिंग सर्वे: अब हर घर पर रहेगी एमडीए की नजर, सेटेलाइट से अवैध निर्माण का लगेगा पता

Sat, 19 Oct 2024 07:32 PM IST
विमल शर्मा अरविंद उपाध्याय, अमर उजाला मुरादाबाद
अरविंद उपाध्याय, अमर उजाला मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 19 Oct 2024 07:32 PM IST
सार

मुरादाबाद में हो रहे अवैध निर्माण की पहचान के लिए एमडीए इसरो के सेटेलाइट की मदद से रिमोट सेंसिंग सर्वे कराएगा। सर्वे से मिली जानकारी के आधार पर एमडीए कार्रवाई करेगा। पहले चरण में मुरादाबाद और दूसरे चरण में गजरौला का सर्वे होगा।

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Moradabad: MDA will keep an eye on every house, illegal construction detected through satellite
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुरादाबाद में हो रहे अवैध निर्माण का पता लगाने के लिए एमडीए शहर का रिमोट सेंसिंग सर्वे कराएगा। इसरो के सेटेलाइट की मदद से प्रदेश के साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की टीम यह सर्वे करेगी। इसमें हर घर की निगरानी होगी और इसकी जानकारी एमडीए के कंट्रोल रूम को दी जाएगी।

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सर्वे से मिली सूचना के आधार पर एमडीए की टीम माैके पर जाकर जांच करेगी और फिर कार्रवाई की जाएगी। एमडीए के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में विभाग के पास स्टाफ की कमी है। जेई प्रत्येक क्षेत्र पर नजर नहीं रख सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए  प्रदेश के साइंस एंड टेक्नालॉजी विभाग से मदद ली जा रही है।
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लखनऊ से विभाग की एक टीम शहर में सर्वे के लिए आएगी। यह टीम एक माह तक शहर का सर्वे करेगी। इसके बाद इसरो के सेटेलाइट की मदद से तीन माह तक रिमोट सेंसिंग सर्वे किया जाएगा। प्रत्येक माह सेटेलाइट की रेंज मुरादाबाद की ओर की जाएगी। सेटेलाइट से यह पता चल जाएगा कि शहर में किन लोगों ने बिल्डिंग निर्माण किया।
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कहां पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक क्षेत्र में जेई और अन्य स्टॉफ रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एमडीए कंट्रोल रूम को रिमोट सेंसिंग अप्लीकेशन सेंटर से रूट, स्थान आदि की जानकारी मिल जाएगी। 

दूसरे चरण में होगा गजराैला का सर्वे 

साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की रिपोर्ट के आधार पर एमडीए कार्यालय से निर्धारित स्थान पर जांच के लिए जेई को भेजा जाएगा। जेई एप के माध्यम से अपनी रिपोर्ट देंगे। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह सिस्टम पारदर्शी होगा। इससे किसी को आरोप लगाने का माैका नहीं मिलेगा। पहले चरण में मुरादाबाद शहर का सर्वे होगा। इसके बाद दूसरे चरण में गजराैला का सर्वे किया जाएगा। 

पारदर्शिता के लिए इस सिस्टम को अपनाने की इजाजत दी गई है। बोर्ड की बैठक में भी अत्याधुनिक प्रणाली अपनाने पर बल दिया गया था। इस व्यवस्था से सिर्फ जांच के लिए ही अधिकारियों की जरूरत पड़ेगी। - शैलेष कुमार, उपाध्यक्ष, एमडीए

घर के बाहर खड़ा किया वाहन तो देना होगा किराया

घर के बाहर सड़क पर वाहन खड़ा करने वालों की जल्द ही जेब ढीली होगी। नगर विकास विभाग नई पार्किंग नीति तैयार कर रहा है। इसके तहत अब घर के बाहर सड़क पर गाड़ी खड़ी करने वालों से नगर निगम पार्किंग शुल्क वसूल करेगा। भुगतान नहीं करने पर तीन गुना जुर्माना लगाया जाएगा।

नई पार्किंग नीति पर 12 अक्तूबर तक आपत्ति और सुझाव मांगे गए थे। जल्द ही इस पर कैबिनेट की मुहर लग सकती है। नई पार्किंग नीति में शहरों की जनसंख्या के हिसाब से शुल्क वसूलने की तैयारी है। मुरादाबाद महानगर की जनसंख्या दस लाख से अधिक है।

ऐसे में शहर में दोपहिया वाहन की पार्किंग फीस 855 रुपये और चार पहिया वाहनों की फीस 1800 रुपये मासिक हो सकती है। प्रस्तावित नीति के अनुसार मासिक शुल्क न अदा करने पर इन वाहनों से घंटे के हिसाब से शुल्क वसूला जाएगा। एक घंटे के लिए दो पहिया वाहनों को सात रुपये और दो घंटे के लिए 15 रुपये का शुल्क अदा करना पड़ सकता है।

वहीं, एक घंटे के लिए चार पहिया वाहनों का शुल्क 15 रुपये और दो घंटे के लिए 30 रुपये निर्धारित किया जा सकता है। हालांकि, इस नई पार्किंग नीति को लेकर विपक्ष दलों ने विरोध करना शुरू कर दिया है।

अतिक्रमण रुकेगा

नई पार्किंग नीति लागू होने से जहां नगर निगम की आय बढ़ेगी, वहीं सड़कों पर अतिक्रमण से भी निजात मिलेगी। शुल्क देने से बचने के लिए लोग सड़क के बजाय घर में गाड़ी खड़ी करने के लिए प्रेरित होंगे। घरों के बाहर गाड़ियां खड़ी करने को लेकर अक्सर काॅलोनियों में विवाद उत्पन्न हो जाता है। उससे भी छुटकारा मिलेगा। 

अभी इस पर विचार किया जा रहा है। नई नीति को लेकर शासन से जैसा आदेश आएगा। उसका पालन कराया जाएगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त

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