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मुरादाबाद: फिरौती के लिए इंजीनियर की हत्या करने वालों को उम्रकैद, परिजनों से वसूले थे बीस लाख रुपये

Sat, 19 Aug 2023 09:01 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 19 Aug 2023 09:01 AM IST
सार

कुंदरकी के काजीपुरा निवासी फारुख खान ने 10 अक्तूबर 2014 को केस दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने भांजा मोहम्मद इकराम के अपहरण होने की बात कही थी। पुलिस जांच में पता चला कि फिरौती वसूलने के लिए इकराम का अपहरण कर हत्या की गई है। 

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Moradabad: Life imprisonment to those who killed engineer for ransom, recovered twenty lakhs
इंजीनियर मोहम्मद इकराम हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अदालत में परिजन - फोटो : संवाद

विस्तार

कुंदरकी के नौ साल पुराने बहुचर्चित इंजीनियर मोहम्मद इकराम अपहरण- हत्याकांड में शुक्रवार को जिला जज की अदालत में फैसला सुनाया। अदालत ने तीन मुलजिमों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है जबकि प्रत्येक पर अर्थदंड भी लगाया है। हत्यारों ने बीस लाख रुपये की फिरौती वसूलने से पहले ही इंजीनियर की हत्या कर दी थी।

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कुंदरकी के काजीपुरा निवासी एडवोकेट मोहम्मद फारुख खान ने 10 अक्तूबर 2014 को केस दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि मेरा भांजा मोहम्मद इकराम लखनऊ के राजाजीपुरम में एबीआरएस मोबाइल टावर इंजीनियर था। वह बकरीद मनाने के लिए घर आया था।
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नौ अक्तूबर की रात वह लखनऊ जा रहा था। रिश्तेदार जान आलम उसे छोड़ने के लिए गूलड़ चौराहे पर आया था। इकराम के पास दो लैपटॉप, दो मोबाइल, एक कैमरा और कुछ नकदी थी। इसी दौरान इसी दौरान बिलारी की ओर से एक कार आई। कार सवारों ने उसे मुरादाबाद तक लिफ्ट देकर बैठा लिया था।
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इसके बाद जाने आलम वापस लौट गया था। करीब दस बजे मोहम्मद इकराम के मोबाइल नंबर से उसकी मां ज़मीला बेगम के मोबाइल पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वालों ने बताया कि उन्होंने इकराम को अगवा कर लिया है, अगर उसे जिंदा चाहते हो तो बीस लाख रुपये की व्यवस्था कर लीजिए।

अपहरणकर्ताओं ने परिवार से बीस लाख रुपये ले लिए थे लेकिन इकराम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। पुलिस ने 16 अक्तूबर को संभल जनपद के बहजोई थाना क्षेत्र के रमपुरा निवासी राजेंद्र और भरतपुर निवासी धर्मपाल को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ की गई तो पता चला कि इंजीनियर की हत्या कर दी गई है।

पुलिस ने इनकी निशानदेही पर बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के बधौती स्थित जंगल में कुएं से लाश बरामद की थी। इस घटना में रमपुरा निवासी शकील पुत्र नूर मोहम्मद, कमल पुत्र भीकम और नूर मोहम्मद पुत्र बुद्दन भी शामिल हैं। जिनके पास से पुलिस ने फिरौती की रकम बरामद की थी।

इस मामले की सुनवाई जनपद न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार की अदालत में की गई। सुनवाई के दौरान कमल और शकील की मृत्यु हो चुकी है। डीजीसी नितिन गुप्ता और एडीजीसी संजीव अग्रवाल ने सरकार की ओर से पक्ष रखा। 11 गवाह अदालत में पेश हुए। जिन्होंने घटना की पुष्टि की।

अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद तीनों आरोपियों को अपहरण और हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर 1.45 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माने की राशि में से 75 प्रतिशत धनराशि मृतक इंजीनियर की वृद्ध मां को दिए जाने का आदेश भी अदालत ने जारी किया है।
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