Moradabad: नलकूप के कुएं में गिर गया तेंदुआ, दहाड़ से मची दहशत...पीलीभीत से आई टीम रेस्क्यू कर निकला
छजलैट क्षेत्र के गांव पचोकरा खानपुर निवासी किसान विजयपाल सिंह के नलकूप के कुएं में तेंदुआ गिर गया। इसकी जानकारी ग्रामीणों मो लगी तो भीड़ लग गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू चलाकर उसे बाहर निकाला।
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कांठ के पचोकरा खानपुर गांव के जंगल में बने नलकूप के कुएं में तेंदुआ गिर गया। रविवार सुबह खेत में काम करने पहुंचे किसानों ने कुएं से आवाज आने पर उसमें झांककर देखा। कुएं में तेंदुआ देखा किसान डर गए और उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। शाम के समय पीलीभीत टाइगर रिजर्व से पहुंची डॉक्टरों की टीम ने करीब दो घंटे के रेस्क्यू के बाद तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज कर कुएं से बाहर निकलवाया। जिसे मुरादाबाद के डियर पार्क में भिजवाया गया है।
छजलैट क्षेत्र के गांव पचोकरा खानपुर निवासी किसान विजयपाल सिंह गांव के पास ही जंगल में खेत है, जिसमें नलकूप का कुआं बना है। शनिवार रात में किसी समय तेंदुआ घूमते समय कुएं में गिर गया। रविवार सुबह करीब सात बजे धर्मवीर, सोनू, सुखवीर सिंह सहित कई किसान पास ही खेत में गन्ने की छिलाई का काम कर रहे थे। इस दौरान उन्हें कुएं से अजीब आवाजें सुनाई दी। इस पर उन्होंने कुएं में झांककर देखा तो तेंदुआ बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था।
कुछ ही देर में कुएं के पास ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने वन विभाग, डीएम मानवेंद्र सिंह व एसडीएम जितेंद्र सिंह वीरवाल को इसकी जानकारी दी। करीब नौ बजे वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह, वन दरोगा राजेंद्र सिंह, वन रक्षक अमरजीत सिंह सहित छजलैट थानाध्यक्ष सतेंद्र शर्मा भी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कुएं के पास से भीड़ हटवाई। साथ ही कुएं के ऊपर कुछ गन्ने की पुलिया रख दी, जिससे तेंदुआ बाहर न निकल सके। इसके बाद डीएफओ वन सूरज, वन क्षेत्राधिकारी ग्रीशचंद्र श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व से आई डॉक्टरों की टीम
वन विभाग के अधिकारियों ने रविवार सुबह करीब 11 बजे पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम को कुएं में तेंदुआ गिरने की सूचना दी। जिस पर शाम करीब पांच बजे पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम पहुंची। डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि पीलीभीत से आए डॉ. दक्ष और डॉ. गंगवार ने टीम के सहयोग से ट्रैंक्यूलाइज कर तेंदुए को कुएं से बाहर निकलवाया है। इसके बाद तेंदुए को डीयर पार्क मुरादाबाद ले जाया गया है। जहां तेंदुए का इलाज कराकर डॉक्टरों से फिटनेस प्रमाणपत्र लिया जाएगा। वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुआ जवान और नर है।
भीड़ हटाने के लिए पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
कुएं में तेंदुआ गिरने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पचोकरा सहित संदलीपुर, छज्जूपुरा, चौंहरा रसूलपुर, चक, सदरपुर, कुचावली आदि गांवों के लोग तेंदुआ देखने कुएं के पास पहुंचे। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को कुएं से दूर हटाया।
तेंदुआ बाहुल्य है कांठ तहसील क्षेत्र
कांठ तहसील क्षेत्र पहले से ही तेंदुआ बाहुल्य घोषित है, लेकिन यहां वन विभाग के पास उन्हें पकड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन तक नहीं हैं। क्षेत्र में कहीं न कहीं हर रोज तेंदुए दिखाई देते रहते हैं, जिससे लोगों में दहशत व्याप्त है। 21 नवंबर को तेंदुए ने कांठ के गांव मिश्रीपुर मेडेयो में एक गाय काे मार डाला था।
ग्रामीणों और किसानों ने खेत में बैठे तेंदुए को गाय का मांस खाते भी देखा था। इसके बाद 22 नवंबर को फिर से तेंदुआ इसी स्थान पर दिखाई दिया था। ग्रामीणों ने मोबाइल से तेंदुए की फोटो भी खींची थी। वन विभाग की टीम ने कई दिन तक कांबिंग की थी। वहीं करीब तीन माह पहले छजलैट के गांव मुंडाखेड़ी से दो तेंदुए को पकड़कर वन विभाग की टीम साथ ले गई थी।
इन स्थानों पर अधिक दिखाई देते हैं तेंदुए
तहसील क्षेत्र में तेंदुए कमालपुरी जंगल, सलेमपुर, मिश्रीपुर, हीरापुरा, खलीलपुर कद्दीम, फूलपुर मिठ्ठनपुर, पोटा, मुंडाखेड़ी, फत्तेहपुर विश्नोई, छजलैट, पेली विश्नोई, महमूदपुर माफी, गढ़ी, गोपालपुर, बहादरपुर खद्दर, राजीपुर खद्दर, दरियापुर, निघि, मतलपुर, चौहरा चेतरामपुर, सदरपुर, संदलीपुर, मानपुर, रसूलपुर चौहरा, शाहूपुर, देहरी जुम्मन, शेखूपुरा, मुख्त्यारपुर नवादा, खतापुर आदि ग्रामीण क्षेत्र में अक्सर तेंदुए दिखाई देते हैं। पूर्व में कई तमाम स्थानों से तेंदुए के शावक भी मिल चुके हैं।