मुरादाबाद: रिश्वत लेते श्रम प्रवर्तन अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ा, विजिलेंस टीम ने पचास हजार बरामद किए
पेट्रोल पंप संचालक ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इसके बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी से पचास हजार रुपये बरामद किए। उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
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विजिलेंस बरेली की टीम ने मंगलवार दोपहर श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुभाष भारती को पेट्रोल पंप मालिक से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। पंप संचालक दीपक जिंदल से यह रकम पंप के निरीक्षण में मिलीं कमियों को रिपोर्ट से बाहर करने के एवज वसूली जा रही थी।
विजिलेंस बरेली के एएसपी अरविंद कुमार यादव ने बताया कि मूंढापांडे थाना क्षेत्र में लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर दीपक जिंदल का रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड नाम से पेट्रोल पंप है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुभाष भारती ने पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया था।
पंप पर मिली कमियों का अपनी रिपोर्ट में उल्लेख करते हुए पंप संचालन पर आपत्ति लगाई थी। कमियों को रिपोर्ट से बाहर करने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत तय हुई थी। इसकी शिकायत मिलने पर लेनदेन के समय विजिलेंस टीम ने सुभाष भारती को श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय से दबोच लिया।
एएसपी ने बताया कि इस मामले में बरेली के विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। टीम सुभाष भारती को बरेली ले आई है।
कॉलर पकड़ कर घसीटते हुए दफ्तर से ले गई विजिलेंस टीम
विजिलेंस टीम ने मंगलवार दोपहर करीब एक बजे श्रम प्रवर्तन अधिकारी सुभाष भारती के दफ्तर में घेराबंदी की और उसे दबोच लिया। उसने पहले तो टीम पर रौब गांठने की कोशिश की। तब टीम उसे जबरन ले जाने लगी तो वह भड़क गया और हंगामा करने लगा।
इसी बीच टीम के सदस्यों ने उसका कॉलर पकड़कर बाहर खींच लिया और जीने के जरिए नीचे ले आई। इसके बाद उसे कार में बैठा लिया और अपने साथ ले गई। बताया जा रहा है कि सुभाष भारती तीन माह पहले ही मेरठ से ट्रांसफर होकर मुरादाबाद आया था।
इसके बाद उसने कई फैक्टरी और फर्माें में निरीक्षण किया और खामियां पकड़ी थीं। उसने नोटिस भी जारी किए थे। मूंढपांडे थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप पर निरीक्षण में भी किया। पेट्रोल पंप संचालक दीपक जिंदल मंगलवार दोपहर सुभाष भारती के कार्यालय पहुंचे और वहां फाइल लेकर बैठ गए।
दीपक ने जैसे ही पैसे सुभाष भारती को दिए टीम वहां पहुंच गई और उसे दबोच लिया। सुभाष भारती को लेकर टीम सिविल लाइंस थाने पहुंची। यहां पांच मिनट रुकी। इसके बाद बरेली के लिए रवाना हो गई।
पहले भी घूसखोरी में पकड़े गए हैं अधिकारी और कर्मचारी
- 28 जून 2023 को बिजली विभाग का क्लर्क शरद भटनागर तीस हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार।
- 06 अप्रैल 23 भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की टीम ने किसान से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कांठ तहसील के राजस्व निरीक्षक धर्मवीर सिंह को रंगे हाथ पकड़ा - 24 जून 2023 एंटी करप्शन की टीम ने बिलारी में गन्ना विकास परिषद के कार्यालय में गन्ना सुपरवाइजर जगदीश सिंह को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोचा।
- 11 नवंबर 2022 एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एडीओ पंचायत कुलदीप को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा।
- 14 दिसंबर 2022 को चकबंदी विभाग के लिपिक यशवंत सिंह को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।