मुरादाबाद: हाईकोर्ट के न्यायाधीश नीरज तिवारी ने ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया, विधिक जागरूकता वाहन रवाना
इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश नीरज तिवारी ने मुरादाबाद जिला न्यायालय में ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन कर विधिक जागरूकता वाहन को रवाना किया। उन्होंने 22 फरवरी को पंचायत भवन में आयोजित होने वाले मेगा विधिक सेवा शिविर के लिए तैयारियों का जायजा भी लिया।
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नीरज तिवारी ने मुरादाबाद जिला न्यायालय परिसर में नए ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने अदालत परिसर में पौधरोपण करते हुए विधिक जागरूकता वाहन (न्याय रथ) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शनिवार को उद्घाटन समारोह में न्यायाधीश तिवारी ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में ई-सेवा केंद्र मील का पत्थर साबित होगा। इससे वादकारियों और अधिवक्ताओं को मुकदमों की स्थिति, आदेशों की प्रमाणित प्रतिलिपि, ऑनलाइन सेवाएं और अन्य न्यायिक सुविधाएं एक ही स्थान पर आसानी से मिल सकेंगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग से न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी और लोगों का समय बचेगा। इससे पहले उन्होंने कोर्ट परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। कार्यक्रम के दाैरान जिला जज सै. माऊज बिन आसिम ने न्यायमूर्ति तिवारी का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया।
कार्यक्रम में जनपद के न्यायिक अधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
22 फरवरी को पंचायत भवन में मेगा शिविर
इसी क्रम में 22 फरवरी को पंचायत भवन में मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर आयोजित किया जाएगा। इसका शुभारंभ भी न्यायमूर्ति नीरज तिवारी करेंगे। जनपद न्यायाधीश सै. माऊज बिन आसिम के मार्गदर्शन में और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तपस्या त्रिपाठी के निर्देशन में तहसील कांठ, सदर, ठाकुरद्वारा और बिलारी में प्री-कैंप आयोजित किए गए।
प्राधिकरण की सचिव तपस्या त्रिपाठी ने बताया कि मेगा शिविर में आम जनता को निशुल्क विधिक सहायता, योजनाओं की जानकारी और ऑनलाइन सेवाओं के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा। शनिवार सुबह न्यायालय परिसर से न्यायरथ को विभिन्न तहसीलों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के लिए रवाना किया गया। यह रथ लोगों को ई-कोर्ट सेवाओं और ऑनलाइन फाइलिंग की जानकारी देगा।