मुरादाबाद: गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने पूछा, कितने प्रोफेसर्स की जरूरत होगी
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मुरादाबाद में निर्माणाधीन गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की प्रगति की समीक्षा की और देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्य समय पर पूरा करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्माण की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। विश्वविद्यालय में नियुक्तियों, आवश्यक संसाधनों और शैक्षिक सत्र की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल रविवार को मुरादाबाद पहुंचीं। यहां उन्होंने पीतलनगरी की पहचान हस्तशिल्प उत्पादों को देखने के लिए कई निर्यात फर्मों का दौरा किया। इसके बाद निर्माणाधीन गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय की समीक्षा सर्किट हाउस में की। इसमें पाया गया कि काम तय समय से चार प्रतिशत देरी से चल रहा है।
इस पर राज्यपाल ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि अब पूरी आशंका है कि यह पिछड़ता जाएगा। राज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कार्य समय से पूरा न हो तो कोई भुगतान न किया जाए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी ने राज्यपाल को निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में पीपीटी के माध्यम से बताया।
राज्यपाल ने कहा कि निर्माण सामग्री का दुरुपयोग न हो। छात्रों को सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए। डिजाइन से लेकर हास्टल में सभी व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। इसके लिए एक एप तैयार किया जाए।
मार्च 2026 तक हर हाल में निर्माण पूरा कर लिया जाए। जिससे शैक्षिक सत्र शुरू किया जा सके।
इसके लिए विश्वविद्यालय को कितने प्रोफेसर्स की आवश्यकता होगी। 15 दिन के अंदर यह सारी रिपोर्ट तैयार करने के लिए वीसी को निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन विश्वविद्यालय के लिए एक इंजीनियर की तैनाती की जाए। इससे कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की मॉनिटरिंग आसान हो जाएगी।
डीआईजी मुनिराज जी को निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय में बन रहे पुलिस बूथ के निर्माण एवं गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग करें। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों की नियुक्तियों के लिए नियुक्ति निर्देशों का पालन करें।
विश्वविद्यालय के सिंबल संबंधित, विश्वविद्यालय के मोटो संबंधित, जैम पोर्टल संबंधित, यूजीसी लिस्टिंग संबंधित सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह, डीआईजी मुनिराज जी, जिलाधिकारी अनुज सिंह, एसएसपी सतपाल अंतिल, कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी, सीडीओ सुमित यादव, सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. संध्या रानी शाक्य आदि मौजूद रहे।
हस्तशिल्प कलाकृतियां देख राज्यपाल बोलीं, वाह मुरादाबाद
समीक्षा बैठक से पहले राज्यपाल ने मुरादाबाद की विभिन्न निर्यात फर्मों का दौरा किया। उन्होंने शिल्पग्राम जैन मेटल, मारक्यू इम्पेक्स, जेएस इंटरनेशनल हैंडीक्राफ्ट, मार्टको एक्सपोर्ट का भ्रमण किया। धातुओं से निर्मित मूर्तियों, धार्मिक प्रतीकों और कलात्मक शिल्प कार्यों को देखती ही रह गईं।
उन्होंने कारीगरों की उत्कृष्ट कृतियों की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि मुरादाबाद की यह समृद्ध धरोहर भारत की पारंपरिक कला एवं संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।