{"_id":"69e0039bfd96398ec90f0ed7","slug":"moradabad-gets-hope-after-receiving-budget-for-high-speed-rail-corridor-moradabad-news-c-15-1-mbd1044-878756-2026-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए मिला बजट, मुरादाबाद की उम्मीद जागी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए मिला बजट, मुरादाबाद की उम्मीद जागी
विज्ञापन
मुरादाबाद। आम बजट में घोषित हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए वित्त मंत्रालय ने बजट जारी कर दिया है। देश में बुलेट ट्रेनों के लिए कॉरिडोर बनाने के काम के लिए रेलवे ने एक अलग कंपनी बनाई है। इसे नेशनल हाई स्पीड रेल को-ऑपरेशन नाम दिया है। इसके लिए 150 अरब का बजट जारी हुआ है। इससे मुरादाबाद मंडल की उम्मीदें जाग उठी हैं, क्योंकि दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर मुरादाबाद से होकर गुजर सकता है।
हालांकि रेलवे के पास दिल्ली-टुंडला-कानपुर रूट भी विकल्प के तौर पर मौजूद है। मुरादाबाद मंडल पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। गाजियाबाद से रोजा के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का कार्य जारी है और फोर लाइन के लिए सर्वे भी पूरा हो चुका है। ऐसे में यदि हाई स्पीड कॉरिडोर यहां से गुजरता है तो वंदे भारत और तेजस जैसी आधुनिक ट्रेनों की संख्या में इजाफा तय माना जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद नई दिल्ली से वाराणसी की दूरी महज साढ़े तीन घंटे में तय हो सकेगी, जबकि फिलहाल वंदे भारत एक्सप्रेस को इसमें साढ़े आठ घंटे से ज्यादा समय लगता है।
इसके अलावा मुरादाबाद मंडल को इस वर्ष वंदेभारत स्लीपर ट्रेन मिलने की भी उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, पहले इसे दिल्ली-वाराणसी वाया लखनऊ रूट पर चलाने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे पश्चिम बंगाल के लिए शिफ्ट कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में अयोध्या-दिल्ली, वाराणसी-दिल्ली, जम्मू-हावड़ा, मुंबई-गोरखपुर और चंडीगढ़-कोलकाता जैसे रूटों पर वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें चलाई जाएंगी। ऐसे में मुरादाबाद से भी इस साल स्लीपर वंदेभारत के संचालन की उम्मीद बनी हुई है। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा के बाद मंडल को मिलने वाले प्रोजेक्ट्स का आकलन किया जा रहा है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमारे मंडल से यह कॉरिडोर गुजरेगा या किसी अन्य मंडल से।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि रेलवे के पास दिल्ली-टुंडला-कानपुर रूट भी विकल्प के तौर पर मौजूद है। मुरादाबाद मंडल पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। गाजियाबाद से रोजा के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का कार्य जारी है और फोर लाइन के लिए सर्वे भी पूरा हो चुका है। ऐसे में यदि हाई स्पीड कॉरिडोर यहां से गुजरता है तो वंदे भारत और तेजस जैसी आधुनिक ट्रेनों की संख्या में इजाफा तय माना जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद नई दिल्ली से वाराणसी की दूरी महज साढ़े तीन घंटे में तय हो सकेगी, जबकि फिलहाल वंदे भारत एक्सप्रेस को इसमें साढ़े आठ घंटे से ज्यादा समय लगता है।
विज्ञापन
इसके अलावा मुरादाबाद मंडल को इस वर्ष वंदेभारत स्लीपर ट्रेन मिलने की भी उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, पहले इसे दिल्ली-वाराणसी वाया लखनऊ रूट पर चलाने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे पश्चिम बंगाल के लिए शिफ्ट कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में अयोध्या-दिल्ली, वाराणसी-दिल्ली, जम्मू-हावड़ा, मुंबई-गोरखपुर और चंडीगढ़-कोलकाता जैसे रूटों पर वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें चलाई जाएंगी। ऐसे में मुरादाबाद से भी इस साल स्लीपर वंदेभारत के संचालन की उम्मीद बनी हुई है। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा के बाद मंडल को मिलने वाले प्रोजेक्ट्स का आकलन किया जा रहा है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमारे मंडल से यह कॉरिडोर गुजरेगा या किसी अन्य मंडल से।
विज्ञापन