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आखिरकार वह कौन था: परिवार वाले शव दफनाने जा रहे थे.... तभी सामने आ गया बेटा सरफराज, देखकर उड़ गए सबके होश

Thu, 25 Jul 2024 04:50 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कांठ (मुरादाबाद)
अमर उजाला नेटवर्क, कांठ (मुरादाबाद) Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 25 Jul 2024 04:50 PM IST
सार

मुरादाबाद में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां लापता हुए एक युवक के परिजन नदी में मिले शव को दफनाने जा रहे थे। इस बीच वह सकुशल घर पहुंच गया। उसे देखकर लोग सन्न रह गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। अब मामले की जांच हो रही है कि वह शव किसका था। 

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Moradabad: family was going bury body, when son appeared in front them, they were shocked
सरफराज उर्फ नन्हे - फोटो : संवाद

विस्तार

छजलैट के खुशहालपुर गांव में चौंकाने वाला मामला सामने आया। एक दिन पहले लापता हुए सरफराज उर्फ नन्हे के परिजन और ग्रामीण करूला नदी में मिले शव को उसका समझकर दफनाने जा रहे थे। इसी दौरान सरफराज घर लौट आया। उसे देखकर परिजन खुशियां मनाने लगे।

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मामले की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। साथ ही सरफराज व उसके परिजनों से पूछताछ की। छजलैट थाना क्षेत्र के खुशहालपुर निवासी सरफराज उर्फ नन्हे (35) का मंगलवार को पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
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इसके बाद सरफराज नाराज होकर घर से कहीं निकल गया। देर रात तक परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बुधवार सुबह परिजन और ग्रामीण फिर तलाश में जुट गए। इसी दौरान गांव से करीब 700 मीटर दूर अमरोहा जनपद के सिहाली नारायणपुर गांव के पास करूला नदी में पुल के पास एक युवक का शव पड़ा दिखाई दिया।
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जानकारी मिलने पर सरफराज के परिजन भी पहुंच गए। उन्होंने अंगोछे और कपड़ों से शव की पहचान सरफराज के रूप में कर ली और शव को उठाकर घर ले आए। परिजन शव दफनाने जा रहे थे तभी सरफराज घर पहुंच गया। उसे सही सलामत देखकर परिजन व ग्रामीण हैरान रह गए।

मामले की जानकारी मिलने पर छजलैट थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों से लिखित में लिया कि सरफराज जिंदा है। वह अपनी पत्नी से नाराज होकर कहीं चला गया था। इसके बाद पुलिस ने नदी में मिले शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक की नहीं हो पाई शिनाख्त
सरफराज उर्फ नन्हे के घर लौटने के बाद नदी में मिले शव की पहचान कराने में पुलिस दोबारा जुट गई। पुलिस ने आसपास के जनपदों में सूचना भेजने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी मृतक के फोटो शेयर किए हैं, जिससे पहचान कराने में मदद मिल सके।

सीओ कांठ अपेक्षा निंबाडिया ने बताया कि शव पर चोट या फिर अन्य किसी प्रकार का कोई निशान नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।

 

सिविल लाइंस क्षेत्र में भी हुई थी ऐसी ही घटना
सिविल लाइंस की हिमगिरी कॉलोनी निवासी अनिल अग्रवाल का बेटा कार्तिक 11वीं कक्षा में पढ़ता था। 22 सितंबर 2014 को वह साइकिल से स्कूल जाने के लिए निकला था, लेकिन घर वापस नहीं आया। तीन दिन बाद हापुड़ में एक किशोर का शव मिला था।

परिजन हापुड़ पहुंचे और कार्तिक का शव समझकर घर ले आए थे और अंतिम संस्कार भी कर दिया था। इसके अगले दिन हापुड़ पुलिस ने विक्की नाम के किशोर के लापता होने के मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

तब पता चला था कि उन्होंने विक्की की हत्या कर दी। कार्तिक के परिजनों ने जिस शव का अंतिम संस्कार किया था वो विक्की का था। 10 साल बाद भी पुलिस कार्तिक को नहीं ढूंढ पाई है।

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