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मुरादाबाद: डीएम ने चुपके से पूछा- इलाज के रुपये तो नहीं लिए जा रहे, मरीज बोला- साहब दस दिन से ऑपरेशन नहीं हुआ

Fri, 08 Sep 2023 01:34 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Fri, 08 Sep 2023 01:34 PM IST
सार

मुरादाबाद ने नवनियुक्त डीएम मानवेंद्र सिंह ने जिला अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को कई दिशा निर्देश भी दिए। 

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Moradabad: DM visited district hospital, inquired about condition patients
जिला अस्पताल में मरीजों से जानकारी लेते डीएम मानवेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला अस्पताल में हड्डी से संबंधित ऑपरेशन के लिए कई मरीज 10 दिन से इंतजार कर रहे हैं। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने औचक निरीक्षण किया तो मरीजों की पीड़ा सामने आई। डीएम के सामने मरीज बोल पड़े कि साहब कई दिन से भर्ती हैं लेकिन ऑपरेशन नहीं हो रहा।

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इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और सीएमएस को निर्देश दिए कि ऑर्थो सर्जन से बोलकर मरीजों के जल्द ऑपरेशन कराएं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ ऑर्थो सर्जन डॉ. एस कक्कड़ छुट्टी पर हैं। उनकी गैर मौजूदगी में डॉ. शोभित मरीजों को देख रहे हैं।
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सीएमएस ने डीएम के सामने ही डॉक्टर को स्थिति में सुधार करने के लिए कहा। इसके बाद डीएम ने एक-एक वार्ड में जाकर मरीजों का हाल पूछा। जाना कि इलाज के लिए रुपये तो नहीं लिए जा रहे हैं। मरीज और तीमारदार को भोजन मिल रहा है या नहीं।
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डीएम ने पोषण पुनर्वास केंद्र में रसोई में बन रहे भोजन की गुणवत्ता भी देखी। 10 बेड के एनआरसी में सिर्फ एक बच्चा भर्ती मिला। इस पर भी डीएम खफा हुए। सीएमएस डॉ. संगीता पाठक व एमएस डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि आरबीएसके व अन्य योजनाओं के संचालक बच्चों को नहीं भेज रहे हैं।

बृहस्पतिवार सुबह तक एनआरसी में छह बच्चे भर्ती थे, दो को बच्चा वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। तीन जन्माष्टमी के कारण छुट्टी लेकर घर चले गए हैं। वहां उन्हें पोषण का प्लान दिया गया है। महिला अस्पताल के निरीक्षण पर डीएम को शौचालयों में ताले लगे मिले।

रैन बसेरे की स्थिति खराब मिली। उन्होंने वहां भर्ती महिला मरीजों से पूछा कि डिलीवरी के लिए रुपये तो नहीं लिए जाते। इस पर नहीं में उत्तर मिला। डीएम ने ऑक्सीजन प्लांट का भी निरीक्षण किया।

सीएमओ से पूछा जिले में कितने कुपोषित बच्चे, नहीं मिला उत्तर

डीएम ने एनआरसी की स्थिति देखकर सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह से पूछा कि जिले में कितने कुपोषित बच्चे हैं। इस पर उन्हें उत्तर नहीं मिला, सीएमओ ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र से जानकारी लेकर विवरण दिया जाएगा।

डीएम ने फिर पूछा कि जिले में कितनी 102 और कितनी 108 एंबुलेंस हैं और उनका रेस्पांस टाइम कितना है। सीएमओ ने 10 से 15 मिनट बताया। जबकि वास्तविकता कुछ और ही है। 14 अगस्त को की गई अमर उजाला की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ था कि 30 मिनट से पहले एंबुलेंस नहीं पहुंचती।

एमसीएच विंग में आईसीयू शुरू करने के लिए मांगें स्टाफ

एमसीएच विंग में आईसीयू तैयार है लेकिन स्टाफ न होने के कारण यह करोड़ों का सेटअप ठप पड़ा है। डीएम ने इसकी जानकारी सीएमओ से ली तो जवाब मिला कि स्टाफ की कमी है। शासन को पत्र भेजकर स्टाफ की नियुक्ति कराने के लिए डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया। इसके अलावा जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कराने के लिए भी आश्वासन दिया।

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