Moradabad: देसी शराब के शाैकीनों का अंग्रेजी पर धावा, सस्ती शराब के लिए जुटी भीड़...तैनात करनी पड़ी पुलिस
मुरादाबाद में शराब के दाम कम होने के कारण की दुकानों के बाहर भीड़ उमड़ पड़ी। आबकारी विभाग और पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए तैनात करना पड़ा। नई शराब नीति के तहत एक अप्रैल से ई-लॉटरी से दुकानों का आवंटन होगा।
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ओ मेरे भैया दे दारू, मुंह से लगाकर बोतल पीने दे दारू... कर्मा फिल्म के इस गाने जैसा नजारा शनिवार को शराब की दुकानों के बाहर खूब देखने को मिला। कोई ग्राहक हाथ में दो बोतल ले जाता दिखा तो कोई कंधे पर पूरी पेटी लादे दौड़ता जा रहा था। शराब के शौकीनों की भीड़ दुकानों पर ऐसे उमड़ी, जैसे कम रेट पर नहीं, मुफ्त में दारू मिल रही हो।
भीड़ नियंत्रित करने के लिए आबकारी विभाग की टीमों के साथ ही पुलिस को तैनात करना पड़ा। जनपद में देसी शराब, अंग्रेजी शराब, बीयर, भांग की 293 दुकानें हैं, जबकि एक मॉडल शॉप है। नई शराब नीति के तहत दुकानों की संख्या घट जाएगी। नए सत्र में देसी शराब की 153, बीयर और अंग्रेजी शराब की 105 कंपोजिट दुकानें रह जाएंगी। 32 दुकानें बंद हो जाएंगी।
एक अप्रैल से नई नीति के तहत की शराब की बिक्री होगी। इस बार ई-लॉटरी से दुकानों का आवंटन किया जाएगा। कई सालों ने दुकानों पर कब्जा जमाए बैठे शराब कारोबारियों के पास स्टाक जमा है। इसे कम करने के लिए शनिवार को अचानक दुकानों पर अंग्रेजी शराब के रेट कम कर दिए गए।
दुकानों के बाहर शराब के शौकीनों ने रेट लिस्ट देखी तो वह खुशी से झूम उठे और उन्होंने जरूरत से ज्यादा शराब खरीदनी शुरू कर दी। सिविल लाइंस, मझोला, कोतवाली, कटघर, गलशहीद अंग्रेजी, देसी शराब की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ पड़ी।
देसी छोड़ अंग्रेजी पीने लगे करीना, बसंती के दीवाने
अंग्रेजी शराब की बोतल पर 200 से 300 रुपये की छूट मिलने पर देसी शराब पीने वाले भी अंग्रेजी शराब की दुकानों के बाहर लगी लाइनों में लग गए। सालों से करीना, बसंती जैसे ब्रांडों के दीवाने भी यह ही कहते नजर आए... आज अंग्रेजी पीएंगे।
कार्यक्रम और होली के लिए जमा की शराब
शराब के रेट कम होने की खबर फैलते ही शादी विवाह या अन्य कर्मक्रम के लिए भी लोगों ने आज ही शराब खरीदकर रख ली। इतना ही बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी दुकानों के बाहर खड़े हो गए, जिन्हें होली पर शराब इस्तेमाल करनी है।
न पीने वालों ने भी खरीदी शराब
शराब की दुकानों के बाहर शनिवार को लॉकडाउन के दौरान खोली गई शराब की दुकानों पर लगी भीड़ जैसा नजारा देखने को मिला। इसी भीड़ में कुछ ऐसे भी लोग खरीदारी करते नजर आए, जो शराब पीते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह बाद में यह शराब महंगे दाम पर बेच देंगे।
अंग्रेजी शराब की कीमत कम होने पर देसी शराब खरीदने वालों की संख्या घट गई। जिस कारण देसी शराब की दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंचे। इसके बाद उन्हें भी मजबूरी में दाम कम करने पड़े।
आबकारी विभाग की ओर से शराब के रेट कमी नहीं किए गए हैं। दुकानदार अपने स्तर से ही कम रेट पर शराब बेच रहे हैं। भीड़ बढ़ने की जानकारी मिलने पर आबकारी निरीक्षक तैनात कर दिए गए हैं। - महेंद्रपाल, जिला आबकारी अधिकारी