Moradabad: फिलहाल टिनशेड पर नहीं चलेगा बुलडोजर, प्रशासन के आश्वासन के बाद मंडी में खत्म हुई हड़ताल
मंडी व्यापारियों ने टिनशेड तोड़े जाने के विरोध में हड़ताल कर मंडी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दाैरान हुई वार्ता के बाद मंडी प्रशासन ने फिलहाल बुलडोजर न चलाने और वैकल्पिक व्यवस्था के बाद निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इसके बाद व्यापारियों ने हड़ताल खत्म कर दी।
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मंडी व्यापारियों के सुबह मंडी बंद कर हड़ताल पर चले जाने के बाद मंडी प्रशासन बैकफुट पर आ गया। उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद मंडी सचिव द्वारा फिलहाल मंडी व्यापारियों के टिनशेड पर बुलडोजर नहीं चलाने और वैकल्पिक व्यवस्था के बाद कोई कार्रवाई करने आश्वासन पर व्यापारियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली। मंडी के सौ से अधिक व्यापारी पूर्व घोषित हड़ताल को लेकर तड़के ही मंडी समिति पहुंच गए।
मंडी सचिव के कार्यालय के पास स्थित मंडी का आधा गेट बंद कर दिया और वहीं पर टेंट लगवा दरी और गद्दे भी बिछवा दिए। अपने प्रतिष्ठान बंद रख कर सुबह आठ बजे मंडी के सभी व्यापारी वहां पहुंच धरना-प्रदर्शन करने लगे। मंडी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं व्यापारियों ने सभा की।
जिसे संबोधित करते हुए मंडी समिति फल-सब्जी कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम सैनी ने कहा कि दो दशक पहले मंडी प्रशासन ने स्वयं लाइसेंस जारी कर मंडी समिति परिसर में कारोबार करने का लाइसेंस दिया था। लेकिन किसी तरह का कोई निर्माण या टिनशेड नहीं बनाकर दिया था। जबकि वह लोग मंडी समिति को लाखों रुपये का शुल्क प्रतिमाह देते आ रहे हैं।
व्यापारियों ने मंडी आने वाले किसानों को धूप, बारिश से बचाने के लिए टिन शेड अपने निजी खर्चे पर बनवाया। उस दौरान प्रशासन ने भी उन्हें ऐसा करने से नहीं रोका। उन्होंने कहा कि अब जब उनका व्यवसाय कुछ ठीक हो गया है तो प्रशासन उन्हें उजाड़ने की बात कह रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन जब तक उनके टिनशेडों पर बुलडोजर नहीं चलाने और मंडी में यथा स्थिति बनाए रखने का आश्वासन नहीं देता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। सभा के बीच करीब 10:30 बजे मंडी की प्रभारी सचिव महादेवी ने प्रदर्शनकारी व्यापारियों के बीच पहुंच कर वार्ता की और उनसे हड़ताल वापस लेने को कहा।
लेकिन व्यापारी अपनी मांग को लेकर आश्वासन न मिलने तक हड़ताल जारी रखने के फैसले पर अडिग रहे। इस संबंध में मंडी सचिव महादेवी ने मंडी उपाध्यक्ष एवं सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव समेत अन्य उच्चाधिकारियों से वार्ता कर स्थिति की जानकारी दी।
बाद में पुन: उन्होंने व्यापारियों के बीच पहुंच कर टिनशेड पर बुलडोजर नहीं चलाने तथा फिलहाल यथा स्थिति बनाए रखने का आश्वासन दिया। जिसके बाद व्यापारियों ने अपना धरना समाप्त करने के साथ हड़ताल भी समाप्त कर दी।
मंडी व्यापारी लाइसेंस प्राप्त दो दशक से अधिक समय से मंडी में व्यवसाय कर रहे हैं। व्यापारियों ने किसानों व उनकी मंडी पहुंची उपज को धूप, बारिश से बचाने के लिए टिनशेड डलवाए हैं। जिस पर प्रशासन बुलडोजर चलाने जा रहा था। इसी के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल की गई थी। - प्रीतम सैनी, अध्यक्ष फल-सब्जी विक्रेता कल्याण समिति
शासन से अतिक्रमण हटाने के मिले आदेश पर मंडी व्यापारियों को नोटिस जारी किया गया है। उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद फिलहाल वहां बुलडोजर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्थगित कर दी गई है। व्यापारियों को यथा स्थिति बनाए रखने का आश्वासन दिया गया है। जिसके बाद व्यापारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। - महादेवी, प्रभारी सचिव मंडी समिति
मंडी में अतिक्रमण हटाने का काम कई चरणों में किया जाएगा। मंडी की कुछ दुकानों पर ऐसे लोग काबिज हैं जिन्हें वह दुकान आवंटित ही नहीं है। कुछ आवंटियों ने किराये पर दुकानें दे रखी हैं। इसका सर्वे कराया गया है। सबसे पहले बाहरी अवैध कब्जेदारों को मंडी से हटाया जाएगा। उनकी दुकानों में लाइसेंसधारियों को जगह दी जाएगी। मंडी के लाइसेंसधारी इसपर सहमत है। जो जर्जर दुकानें हैं बरसात से पहले उनकी भी मरम्मत कराई जाएगी। - किंशुक श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष मंडी समिति एवं सिटी मजिस्ट्रेट