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Moradabad: अफसरों की फाइल में अटका पांच लाख की आबादी का पुल, रेलवे दो बार खोल चुका है टेंडर...नहीं हुआ अलॉट

Thu, 30 Nov 2023 05:01 PM IST
विमल शर्मा शिवम वर्मा , मुरादाबाद
शिवम वर्मा , मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 30 Nov 2023 05:01 PM IST
सार

कपूर कंपनी पुल को बनाने के लिए रेलवे अधिकारियों ने दिवाली का समय दिया था। इसके बाद भी काम तो नहीं इसका टेंडर भी किसी को जारी नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। काम नहीं होने के कारण हजारों लोग परेशान हैं। 

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Moradabad: Bridge with population five lakhs stuck files of officers, Railways has opened tender twice
मुरादाबाद का कपूर कंपनी पुल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पांच लाख की आबादी को शहर के दूसरे हिस्से जोड़ने वाला कपूर कंपनी पुल रेलवे अधिकारियों के दफ्तर की फाइलों में अटका है। चार माह पहले इस पुल के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इंजीनियरिंग के अधिकारी के दफ्तर से फाइल पास न होने के कारण किसी को टेंडर अलॉट नहीं हो पा रहा है। इसके कारण लाइनपार व शहर के लोगों को तीन किमी की दूरी तय करके लोकोशेड पुल से आवागमन करना पड़ता है।

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पहले दशहरे तक फिर दिवाली तक और उसके बाद छठ पूजा तक काम शुरू करने का आश्वासन लोगों को दिया गया था। अब दिवाली को गुजरे 18 दिन बीत चुके हैं लेकिन काम तो छोड़िए टेंडर भी किसी को अलॉट नहीं किया गया। रेलवे की अनदेखी की यह स्थिति तब है जबकि पुराना कपूर कंपनी पुल चार दिसबंर 2022 से बंद है। तब इसे आईआईटी वाराणसी की टीम ने दोपहिया वाहनों के आवागमन के लिए कमजोर पाया था।
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तब से अब तक पुल से दोपहिया क आवागमन बंद है। मरम्मत के बाद पुल केवल पैदल यात्रियों के लिए खोला गया है। पुराना पुल 1995 में बना था, इतनी जल्दी इसके जर्जर होने पर भी जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए लेकिन कोई जांच नहीं की गई। अब नए पुल का निर्माण कर पुराने का ध्वस्त किया जाना है लेकिन रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं।

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लाइनपार व शहर के लोगों की लाइफलाइन है पुल

रोजाना लाखों की संख्या में लोग लाइनपार से शहर की ओर कपूर कंपनी पुल से आवागमन करते थे। लाइनपार के बच्चे सिविल लाइंस के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं, उनके अभिभावकों को लोकोशेड पुल से छोड़ने जाना पड़ता है।


टाउनहॉल, बुधबाजार, मंडी चौक इलाके से कामगार श्रमिक लाइनपार की फैक्टरियों में आते हैं। उन्हें भी तीन किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। पुल के किनारे दुकानदारों का कहना है कि पहले शहर के लोग खरीदारी करने लाइनपार आते थे, लेकिन पुल बंद होने से व्यापार पर असर पड़ा है।

क्या कहते हैं लोग

एक छोटे से पुल को बनाने में रेलवे ने इतना समय ले लिया। अभी तक काम शुरू भी नहीं हुआ है। दफ्तर में बैठे अधिकारियों को लोगों की परेशानी का अंदाजा नहीं है। मुझे रोजाना अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने लोकोशेड पुल से जाना पड़ता है। - दिनेश कुमार

पुल बंद होने से काम पर असर पड़ा है। मेरी कपड़े की दुकान है, मेरे अलावा बैंड वाले भी परेशान हैं। शादियों के सीजन में पिछली बार से ऑर्डर काफी कम हैं। इस बार शहर के ऑर्डर नहीं मिले हैं। - विक्की

मैं कचहरी में वकालत की प्रैक्टिस के लिए जाता हूं। कपूर कंपनी पुल बंद होने से लोकोशेड से होकर जाना पड़ता है। इससे न सिर्फ समय ज्यादा लगता है, बल्कि ईंधन भी ज्यादा खर्च होता है। कभी कभी जाम भी मिल जाता है। - शगुन ठाकुर



कपूर कंपनी पुल के टेंडर रेलवे ने आमंत्रित किए हैं। करीब सात करोड़ की लागत से पुल निर्माण होना है। टेंडर जारी होते ही काम शुरू हो जाएगा। अब टेंडर जारी होने में कितना समय लगेगा, यह नहीं कहा जा सकता।  - सुधीर सिंह, सीनियर डीसीएम

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