मुरादाबाद: 30 लाख देकर कराई गई थी भाजपा नेता अनुज की हत्या, ब्लाॅक प्रमुख का बेटा अनिकेत समेत दो गिरफ्तार
मुरादाबाद पुलिस ने भाजपा नेता अनुज चौधरी हत्याकांड से जुड़े आराेपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला कि अनुज की हत्या के लिए शूटरों को तीन लाख की रकम दी गई थी।
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भाजपा नेता अनुज चौधरी की हत्या का सौदा 30 लाख रुपये में तय हुआ था। हत्या का कारण चुनावी रंजिश बनी। पुलिस ने बुधवार को असमोली की ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी के बेटे अनिकेत, उसके दोस्त रेलवे कर्मचारी नीरज पाल को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।
पुलिस का दावा है कि अनिकेत, उसके पिता प्रभाकर चौधरी और केजीके कॉलेज के क्लर्क अमित चौधरी ने हत्या की सुपारी दी थी। अमित छात्र नेता दीपक चौहान की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे मोहित चौधरी का भाई है। नीरज पाल ने हथियार और शूटर उपलब्ध कराए थे।
तीन शूटर और तीन साजिशकर्ता अभी फरार हैं। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि संभल जनपद के ऐचोड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के अलिया नेकपुर निवासी अनुज चौधरी की नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोयायटी में 10 अगस्त की शाम छह बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
ऐचोड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र के हाजीबेड़ा निवासी ब्लॉक प्रमुख के बेटे अनिकेत और अमित चौधरी में दोस्ती है। दोनों ने तीसरे दोस्त हरथला रेलवे कॉलोनी, सिविल लाइंस निवासी नीरज पाल के जरिये शूटरों से अनुज की हत्या कराने की साजिश रची थी। इस साजिश में अनिकेत ने पिता प्रभाकर और अमित ने अपने रिश्ते के भाई पुष्पेंद्र को भी शामिल किया।
इसके बाद नीरज पाल के जरिये शूटर सूर्यकांत शर्मा उर्फ शानू पुत्र अरविंद शर्मा, सुशील शर्मा उर्फ गोलू शर्मा निवासी ब्रहमपुरी जयंतीपुर थाना मझोला और आकाश कश्यप उर्फ कटवा निवासी भदौड़ा थाना कटघर से तीस लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की थी। उन्हें छह लाख रुपये एडवांस दिए गए थे।
भाजपा नेता अनुज के सभी दुश्मन हो गए थे दोस्त
अनुज चौधरी की हत्या का ताना बाना जेल में बुना गया था। यहां उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी से अनुज चौधरी के दुश्मन मुलाकात करने पहुंचे थे। लंबी चर्चा करने के बाद जेल से बाहर आते ही भाजपा नेता को गोलियों से भून दिया गया था।
अनुज के दोस्तों की लिस्ट लंबी होने के साथ दुश्मनों की भी संख्या कम नहीं है। संभल के अलिया नेकपुर निवासी अनुज चौधरी के दादा की 2013 में मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि इस मामले में अनुज चौधरी के परिवार की ओर से गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था।
जिसके बाद गांव में अनुज के परिवार की रंजिश दूसरे परिवार से शुरू हो गई थी। तब अनुज अपने परिवार के साथ अमरोहा के हसनपुर के बुखारीपुर गांव में चले गए थे। इसके बाद भी अनुज चौधरी ने अपनी राजनीति संभल में सक्रिय रखी।
जिस कारण असमोली की ब्लॉक प्रमुख के पति प्रभाकर और उनके बेटे अनिकेत से रंजिश बढ़ती जा रही थी। इसके अलावा अनुज ने प्रॉपर्टी के धंधे में भी किस्मत अजमाई। जिसमें वह तेजी से आगे बढ़ा।
यहां भी दुश्मनों की संख्या बढ़ती चली गई। साथ ही दोस्त भी बनते चले गए। दो सितंबर 2020 को अमरोहा में केजीके कॉलेज के पूर्व छात्र नेता एवं संभल के भवालपुर निवासी मोहित चौधरी पर हमला हुआ। जिसमें मोहित चौधरी सात गोलियां चली गई थीं।
इस हमले की साजिश रचने में भी अनुज का नाम सामने आया था। मोहित का परिवार भी अनुज से रंजिश रखने लगा था। इसके बाद अनुज ने रहने के लिए सुरक्षित स्थान मुरादाबाद में चुना था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि अनुज के अधिकांश दुश्मन एक हो गए थे।
इसके लिए उन्होंने एक मजबूत प्लानिंग की थी। जिसकी पूरी साजिश जेल में रची गई थी। सोसायटी में कुछ लोगों को अपने विश्वास में लिया गया था। जिसके बाद शूटरों को आने जाने में कोई दिक्कत न हो। घटना वाले दिन शूटर पहले ही सोसायटी में पहुंच गए थे।
इसके बाद ही इस वारदात को अंजाम दिया गया था। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने दो दिन पहले ही जेल में अनुज के एक दुश्मन से मुलाकात की थी।