देह व्यापार के धंधे से आजाद करवाई गई किशोरी, पढ़ने की है ख्वाहिश
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देह व्यापार के धंधे से गुरुवार को आजाद करवाई गई किशोरी ने अब पढ़ने की ख्वाहिश जताई है। उसने परिवार के पास जाने से इंकार कर दिया है। किशोरी को अब नारी निकेतन में रखा गया है। किशोरी को शुक्रवार को सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया गया।
यहां पर किशोरी ने बताया कि जब वह दस साल की थी तभी उसके माता, पिता की मृत्यु हो गई थी। वह नाना, नानी के पास रहती थी। नाना, नानी आगरा में ही रहते हैं। वह नौकरी के लिए आगरा स्थित एक ब्यूटी पार्लर में गई थी। वहां उसे एक महिला मिली जो कि उसे दिल्ली स्थित लक्ष्मी नगर में अपने घर ले आई। यहां उस महिला का पति और दो बेटियां भी थी।
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जिसके बाद किशोरी को दिल्ली में ही एक रूम पर ले जाया गया। जहां पर एक युवक था, इस कमरे पर गलत काम होता था। लड़के लड़कियां यहां पर आते थे। यहां पर किशोरी से महिला और उस युवक ने गलत काम करवाया। इसकी एवज में उसके साथ गलत काम करने वालों से महिला और युवक पैसे लेते थे।
रोजाना उसके साथ गलत काम किया जाता था। एक माह पहले ही किशोरी को महिला मुरादाबाद ले आई। यहां पर आदर्श कालोनी में रहने वाली महिला के घर किशोरी को छोड़कर उसे लाने वाली महिला आगरा चली गई। यहां पर रोजाना पांच-छह व्यक्ति किशोरी से गलत काम करते थे। वहां से उसे गुरुवार की शाम को बंधन मुक्त कराया गया था।
महिला समेत चार आरोपी का किया चालान
महिला थाना पुलिस ने किशोरी को बंधन मुक्त कराए जाने के दौरान वहां से तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को मकान में रहने वाली महिला की पुत्रवधू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। चारों आरोपियों का चालान कर न्यायालय में पेश किया गया है।
सीओ सिविल लाइन राजेश कुमार ने बताया कि पकडे़ गए आरोपी आजम निवासी भोजपुर, रिजवान निवासी रामपुर और मोहित निवासी बदायूं है। इन तीनों युवकों में से एक पैथॉलोजी लैब का संचालक है। दूसरा छात्र है और तीसरा मजदूरी करता है। पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपी वहां पर बतौर ग्राहक आए थे।