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Moradabad News: नए सत्र की फीस में अभिभावकों को मिलेगी राहत... सिर्फ 7.55 फीसदी होगा इजाफा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 17 Jan 2026 02:09 AM IST
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Major relief in the new session's fake... there will be a decline of only 7.55 percent
मुरादाबाद। नए शैक्षिक सत्र में निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की फीस में राहत मिल सकती है। इस बार मैप्स के पदाधिकारियों ने स्कूलों में 7.55 फीसदी फीस बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। महासचिव का कहना है कि सरकार द्वारा सीपीआई जारी कर दी गई है, जिसके अनुसार समस्त स्कूल इस वर्ष केवल 7.55 फीसदी फीस ही बढ़ाने के लिए बाध्य होंगे।
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मुरादाबाद जनपद में करीब 65 निजी स्कूलों में लगभग 70 हजार के करीब विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि सत्र 2015-16 को आधार मानते हुए वर्ष 2018 में विधान सभा में तत्कालीन डिप्टी सीएम व शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा द्वारा फी रेगुलेट्री एक्ट बनाया गया था। इसमें प्रावधान बना था कि यूपी के समस्त स्कूल हर वर्ष महंगाई दर और पांच फीसदी फीस ही बढ़ा सकेंगे। इसके तहत पिछले दो तीन वर्षों में प्रति वर्ष 11 फीसदी तक ही फीस बढ़ सकती थी। उसके बावजूद स्कूलों द्वारा 9.5 फीसदी तक फीस वृद्धि का निर्णय लिया गया था। महासचिव नीरज गुप्ता ने बताया कि कुछ स्कूलों ने तो फीस बढ़ाई ही नहीं और कुछ ने छह फीसदी तक ही बढ़ाई थी। एक दो स्कूल की बात हो सकती है जहां क्लास छह या अन्य क्लास में अचानक फीस ज्यादा बढ़ी हुई दिखने लगती है। यह व्यवस्था उन स्कूलों में इस कानून के बनने के समय से ही लागू है। लेकिन 90 फीसदी से अधिक स्कूलों में ऐसा भी नहीं है।
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फीस पर नियंत्रण को की थी मांग
पिछले दिनों मुरादाबाद पेरेंट्स ऑफ आल स्कूल के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर लगातार हो रही फीस बढ़ोतरी को नियंत्रित करने की मांग की थी। साथ ही आरोप लगाया था कि पिछले चार वर्षों में फीस 45 फीसदी तक बढ़ चुकी है। उनका कहना था कि स्कूलों में अलग-अलग फीस स्लैब बनाए हुए हैं। जैसे ही विद्यार्थी अगली कक्षा में जाते हैं तो फीस 30 से 40 फीसदी तक बढ़ जाती है। उन्होंने दो-तीन सालों में एक बार फीस बढ़ोतरी करने की मांग की थी, ताकि अभिभावकों पर ज्यादा बोझ न पड़े।
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वर्जन...
स्कूलों द्वारा फी रेगुलेशन एक्ट का कड़ाई से पालन किया जाता है। इसकी सूचना प्रशासन, शिक्षा विभाग और अभिभावकों को दी जाती है। इस एक्ट के अनुसार नए प्रवेश पाए विद्यार्थियों की फीस निर्धारण करने का अधिकार स्कूलों को दिया गया है। यह फीस उसी कक्षा के अन्य विद्यार्थियों से काफी अलग हो सकती है।
नीरज कुमार गुप्ता
महासचिव, मुरादाबाद एसोसिएशन आफ प्राइवेट स्कूल्स।
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