{"_id":"619fe38ec9b5610a00270be6","slug":"lokayukta-secretary-heard-the-side-of-the-officer-and-the-complainants-moradabad-news-mbd4106200133","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोकायुक्त सचिव ने अधिकारी और शिकायकर्ताओं का पक्ष सुना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकायुक्त सचिव ने अधिकारी और शिकायकर्ताओं का पक्ष सुना
विज्ञापन
मुरादाबाद। लोकायुक्त सचिव अनिल कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत चांदपुर में विकास कार्यों में गड़बड़ी के मामले में जांच कर क्लीनचिट देने की शिकायत की जांच की। करीब आधा घंटे तक उन्होंने शिकायतकर्ताओं और आरोपी सचिव से शिकायतों के संबंध में बयान दर्ज किए।
विकासखंड भगतपुर टांडा की ग्राम पंचायत चांदपुर में 200 से अधिक शौचालयों के निर्माण के दौरान कई अपात्र लोगों को योजना का लाभ देने और कई अन्य विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने की शिकायत ग्राम निवासी भूरे सिंह आदि ने वर्ष 2019 में की थी। इन शिकायतों की तत्कालीन डीपीआरओ राजेश कुमार सिंह, तत्कालीन पीडी और डीडीओ ने जांच की थी। आरोप है कि इन सभी अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की शिकायत को निराधार बताते हुए आरोपी तत्कालीन प्रधान व सचिव को क्लीनचिट दे दी थी। इस पर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त को पत्र भेज कर इसकी शिकायत की थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बृहस्पतिवार को लोकायुक्त सचिव अनिल कुमार सिंह जांच के लिए सायंकाल करीब 4.30 बजे यहां पहुंचे। लोकायुक्त सचिव ने शिकायतकर्ता भूरे सिंह, चंपत सिंह आदि से विकास में गड़बड़ी के आरोपी सचिव विनय आशीष से शिकायत के संबंध में पूछताछ की। दोनों पक्षों के अभिलेख आदि देखे।
इस दौरान शिकायतकर्ताओं ने लोकायुक्त सचिव को बताया कि शौचालय की धनराशि एक परिवार में न सिर्फ कई लोगों के खातों में भेजी गई है, बल्कि कई ऐसे मामले भी हैं, जिनमें पति और पत्नी दोनों को शौचालय निर्माण के लिए उनके खातों में धनराशि भेजी गई है। लोकायुक्त ने दोनों पक्षों का तर्क सुना। इसके बाद दोनों पक्षों को लिखित दस्तावेज उनके कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए। इस दौरान डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
लोकायुक्त सचिव को भी गुमराह करने की कोशिश
मुरादाबाद। चांदपुर ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर गड़बड़ी के आरोप से घिरे सचिव विनय आशीष लोकायुक्त सचिव को भी गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन दाल नहीं गल सकी।
लोकायुक्त सचिव ने जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं को भी सर्किट हाउस बुलाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। इस पर प्रशासन की ओर से शिकायतकर्ता भूरे को इसकी सूचना दे दी गई थी। इस पर भूरे सर्किट हाउस दो बजे ही पहुंच गया था। भूरे ने बताया कि इसकी जानकारी सचिव विनय आशीष को भी थी, लेकिन वह लोग सर्किट हाउस के गेट पर खड़े लोकायुक्त सचिव का इंतजार करते रहे। डीपीआरओ के सामने लोकायुक्त ने पूछा कि शिकायतकर्ता कहां हैं। इस पर डीपीआरओ कुछ बोलते कि उनसे पहले आरोपी सचिव बोल पड़ा कि वह लोग सब्जी बेचने का काम करते हैं, उनका आना मुश्किल है। बाद में जब डीपीआरओ लोकायुक्त के कक्ष से निकल कर गेट पर आए, तब शिकायतर्ता उन्हें वहीं खड़े मिल गए। इस पर डीपीआरओ शिकायतकर्ताओं को लोकायुक्त सचिव के पास ले गए और तब उनके बयान हो सके। डीपीआरओ ने इसके लिए सचिव से नाराजगी भी जताई।
विज्ञापन
विकासखंड भगतपुर टांडा की ग्राम पंचायत चांदपुर में 200 से अधिक शौचालयों के निर्माण के दौरान कई अपात्र लोगों को योजना का लाभ देने और कई अन्य विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने की शिकायत ग्राम निवासी भूरे सिंह आदि ने वर्ष 2019 में की थी। इन शिकायतों की तत्कालीन डीपीआरओ राजेश कुमार सिंह, तत्कालीन पीडी और डीडीओ ने जांच की थी। आरोप है कि इन सभी अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की शिकायत को निराधार बताते हुए आरोपी तत्कालीन प्रधान व सचिव को क्लीनचिट दे दी थी। इस पर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त को पत्र भेज कर इसकी शिकायत की थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बृहस्पतिवार को लोकायुक्त सचिव अनिल कुमार सिंह जांच के लिए सायंकाल करीब 4.30 बजे यहां पहुंचे। लोकायुक्त सचिव ने शिकायतकर्ता भूरे सिंह, चंपत सिंह आदि से विकास में गड़बड़ी के आरोपी सचिव विनय आशीष से शिकायत के संबंध में पूछताछ की। दोनों पक्षों के अभिलेख आदि देखे।
विज्ञापन
इस दौरान शिकायतकर्ताओं ने लोकायुक्त सचिव को बताया कि शौचालय की धनराशि एक परिवार में न सिर्फ कई लोगों के खातों में भेजी गई है, बल्कि कई ऐसे मामले भी हैं, जिनमें पति और पत्नी दोनों को शौचालय निर्माण के लिए उनके खातों में धनराशि भेजी गई है। लोकायुक्त ने दोनों पक्षों का तर्क सुना। इसके बाद दोनों पक्षों को लिखित दस्तावेज उनके कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए। इस दौरान डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
लोकायुक्त सचिव को भी गुमराह करने की कोशिश
मुरादाबाद। चांदपुर ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर गड़बड़ी के आरोप से घिरे सचिव विनय आशीष लोकायुक्त सचिव को भी गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन दाल नहीं गल सकी।
लोकायुक्त सचिव ने जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं को भी सर्किट हाउस बुलाने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए थे। इस पर प्रशासन की ओर से शिकायतकर्ता भूरे को इसकी सूचना दे दी गई थी। इस पर भूरे सर्किट हाउस दो बजे ही पहुंच गया था। भूरे ने बताया कि इसकी जानकारी सचिव विनय आशीष को भी थी, लेकिन वह लोग सर्किट हाउस के गेट पर खड़े लोकायुक्त सचिव का इंतजार करते रहे। डीपीआरओ के सामने लोकायुक्त ने पूछा कि शिकायतकर्ता कहां हैं। इस पर डीपीआरओ कुछ बोलते कि उनसे पहले आरोपी सचिव बोल पड़ा कि वह लोग सब्जी बेचने का काम करते हैं, उनका आना मुश्किल है। बाद में जब डीपीआरओ लोकायुक्त के कक्ष से निकल कर गेट पर आए, तब शिकायतर्ता उन्हें वहीं खड़े मिल गए। इस पर डीपीआरओ शिकायतकर्ताओं को लोकायुक्त सचिव के पास ले गए और तब उनके बयान हो सके। डीपीआरओ ने इसके लिए सचिव से नाराजगी भी जताई।