फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Lok Sabha Election 2024: Moradabad Lok Sabha Constituency History Not Dominated by One Party from Independence

Loksabha Chunav 2024: मुरादाबाद सीट पर आजादी के बाद किसी एक दल का नहीं रहा वर्चस्व, बदलते रहे चुनावी समीकरण

Mon, 07 Aug 2023 12:50 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 07 Aug 2023 12:50 PM IST
सार

पीतलनगरी के नाम से मशहूर मुरादाबाद लोकसभा सीट पर 1952 में पहली बार चुनाव हुआ था। अब तक सबसे अधिक चार बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। इसके बाद सपा और भाजपा ने तीन तीन पीतलनगरी की सीट पर जीत का परचम लहराया था।

विज्ञापन
Lok Sabha Election 2024: Moradabad Lok Sabha Constituency History Not Dominated by One Party from Independence
मुरादाबाद लोक सभा सीट का चुनावी गणित - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आजादी के बाद मुरादाबाद लोकसभा सीट पर किसी एक दल का वर्चस्व कायम नहीं रहा। राजनीतिक लहरों पर सवार होकर इस सीट पर अधिकतर उम्मीदवार जीत हासिल करते रहे। सबसे अधिक चार बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। इसके बाद समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीन-तीन बार पीतलनगरी की सीट पर जीत का परचम लहराया था।

विज्ञापन


जीत के आधार पर इस सीट पर प्रत्याशी लड़ाने का फैसला करना गठबंधन के लिए भी आसान नहीं होगा। पीतलनगरी के नाम से मशहूर मुरादाबाद लोकसभा सीट पर 1952 में पहली बार चुनाव हुआ था। कांग्रेस की लहर में 1952 और 1957 में लगातार दो बार कांग्रेस के प्रत्याशी राम सरन ने जीत हासिल की थी।
विज्ञापन


1962 में स्वतंत्र प्रत्याशी सैयद मुजफ्फर हुसैन ने जीत हासिल कर सभी को अचंभित कर दिया। 1967 और 1971 में यह सीट भारतीय जनसंघ के खाते में आई थी। देश में आपातकाल के बाद हुए चुनाव में कांग्रेस से खफा हुई जनता ने 1977 और 1980 में जनता पार्टी के उम्मीदवार गुलाम मो. खान को बार जीत दिलाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस की लहर में 1984 में हाफिज मो. सिद्दीक ने जीत हासिल की। बीपी सिंह की लहर में 1989 और 1991 में जनता दल के प्रत्याशी गुलाम मो. खान ने दो बार मुरादाबाद सीट पर जीत का परचम लहराए। 1999 में लोकतांत्रिक कांग्रेस ने इस सीट को जीत लिया।

मुलायम सिंह की लहर में 1996 और 2004 में सपा ने इस सीट पर जीत हासिल की। क्रिकेटर से राजनेता बने मोहम्मद अजहरूद्दीन ने कांग्रेस की लहर में 2009 में यह सीट जीत ली लेकिन 2014 में भाजपा लहर में कुंवर सर्वेश सिंह ने यह सीट जीत लिया।


2019 में मोदी लहर के बावजूद सपा के डॉ. एसटी हसन ने इस सीट पर जीत का परचम लहराया। 2014 के चुनाव में भाजपा अपने प्रत्याशी खड़ा करेगी लेकिन गठबंधन में किस दल को यह सीट मिलेगी। अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

  • 1952 भाराकां             राम सरन
  • 1957 भाराकां             राम सरन
  • 1962 स्वतंत्र               सैयद मुजफ्फर हुसैन
  • 1967 जनसंघ             ओम प्रकाश त्यागी
  • 1971 जनसंघ             वीरेंद्र अग्रवाल
  • 1977 जनता पार्टी       गुलाम मो. खान
  • 1980 जनता पार्टी       गुलाम मोहम्मद खान
  • 1984 भाराकां            हाफिज मो. सिद्दीक
  • 1989 जनता दल         गुलाम मो. खान
  • 1991 जनता दल         गुलाम मो. खान
  • 1996 सपा                 शफीकुर्रहमान बर्क
  • 1999 लोकां              चंद्र विजय सिंह
  • 2004 सपा                शफीकुर्रहमान बर्क
  • 2009  भाराकां          मो. अजहरुद्दीन
  • 2014 भाजपा            कुंवर सर्वेस सिंह
  • 2019 सपा               डॉ. एसटी हसन 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed