लोकसभा चुनाव: भाजपा सबसे पहले मुरादाबाद मंडल के प्रत्याशियों के नाम करेगी तय, संसदीय बोर्ड की बैठक में मंथन आज
भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक बृहस्पतिवार को दिल्ली में होने वाली है। इस पर दावेदारी करने वालों की नजर लगी हुई है। भाजपा पहले ही कह चुकी है कि मुरादाबाद मंडल समेत 2019 में हारी सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का एलान पहले किया जाएगा।
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लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा से मुरादाबाद मंडल के जिलों के प्रत्याशियों के नामों पर मंथन अंतिम दौर में हैं। बृहस्पतिवार को मंडल के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा हो सकती है। 2019 में हारी सीटों पर प्रत्याशियों के नामों के ऐलान की बात भाजपा पहले ही कर चुकी है। फिलहाल टिकट के लिए दावेदारी करने वालोंं की नजर दिल्ली में होने वाली भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक पर है।
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा मंडल की सभी छह सीटें हार गई थी। सिर्फ उपचुनाव में रामपुर संसदीय सीट पर कब्जा जमाने में भाजपा की रणनीति सफल रही। यही वजह है कि भाजपा 2024 के चुनाव में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। पार्टी 2014 के प्रदर्शन को फिर से दोहराना चाहती है।
2019 का लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा और रालोद ने एक साथ मिलकर लड़ा था। इस बार बसपा अकेले चुनाव लड़ रही है। सपा के साथ कांग्रेस का गठबंधन हो गया है। बदली हुई परिस्थितियों में भाजपा सियासत की ऐसी बिसात बिछाना चाहती है कि उनकी काट किसी के पास न हो।
इसी रणनीति के तहत भाजपा ने जाट नेता चौधरी भूपेंद्र सिंह को प्रदेश की कमान दी है। वहीं मुरादाबाद और आसपास के जिलों में यादव मतों को साधने के लिए सुभाष यदुवंश को प्रदेश महासचिव के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया है। दूसरी हारी हुई लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर भाजपा हर समीकरण पर मंथन कर रही है।
इन सीटों पर चुनाव की तैयारी बेहतर हो सके, इसके लिए भाजपा दूसरी सीटों से पहले यहां उम्मीदवारों की घोषणा करना चाहती है। इसके लिए बृहस्पतिवार को दिल्ली में पार्टी ने संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में मंडल की हारी सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया जाए।
पार्टी पदाधिकारियों में संशय
भाजपा के किसी एक नेता को पहले लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए नहीं कहा गया है। पूरी पार्टी बूथ स्तर पर चुनाव जीतने के लिए कोशिश कर रही है लेकिन टिकट किसे मिलेगा, इसकी जानकारी प्रदेश अध्यक्ष तक को नहीं है। सभी का कहना है कि संसदीय बोर्ड की बैठक में ही टिकट फाइनल होगा।
मंडल में पिछले तीन लोकसभा चुनावों भाजपा प्रत्याशियों के नाम
लोकसभा क्षेत्र 2009 2014 2019
मुरादाबाद सर्वेश सिंह सर्वेश सिंह सर्वेश सिंह
रामपुर मुख्तार अब्बास डॉ. नैपाल सिंह जयाप्रदा
संभल चंद्रपाल सिंह सत्यपाल सैनी परमेश्वर लाल सैनी
अमरोहा ------ कंवर सिंह तंवर कंवर सिंह तंवर
बिजनौर ------ भारतेंद्र सिंह भारतेंद्र सिंह
नगीना ----- यशवंत सिंह यशवंत सिंह
नोट : 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का आरएलडी से गठबंधन था। अमरोहा, बिजनौर और नगीना सीट से आरएलडी के उम्मीदवार थे।
मंडल में कौन कहां से कर रहा भाजपा में टिकट की दावेदारी
- मुरादाबाद लोकसभा सीट से पूर्व सांसद सर्वेश सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम, डॉ. विजय सिंह चौहान।
- रामपुर लोकसभा सीट से वर्तमान भाजपा सांसद घनश्याम लोधी, पूर्व सांसद जयाप्रदा, पूर्व कैबिनेट मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, विधायक आकाश सक्सेना।
- अमरोहा लोकसभा सीट से पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर, पूर्व विधायक राजेश सिंह चुन्नू, सोरन सिंह, चेतन चौहान की पत्नी संगीता चौहान, कमल मलिक, देवेंद्र नागपाल, डॉ. सुरेंद्र नागर, डॉ. मोमराज गुर्जर, तेग सिंह, विजय पांडेय।
- संभल लोकसभा सीट से जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, पूर्व एमएलसी परमेश्वर लाल सैनी, पूर्व एमएलसी चौधरी चंद्रपाल सिंह, डीपी यादव, नरेश यादव, डॉ. सीपी सिंह।
- बिजनौर लोकसभा सीट से पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनिवाल, ऐश्वर्य चौधरी मौसम, कविता चौधरी, प्रिंस चौधरी।
- नगीना लोकसभा सीट से पूर्व सांसद यशवंत सिंह, सुरेश राठौर, विधायक ओमकुमार।