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Azam Khan News: आजम खां का भाजपा पर हमला, बोले-हमारे खिलाफ दर्ज कराते कुतुबमीनार और ताजमहल चोरी का मुकदमा
Wed, 15 Jun 2022 01:35 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 15 Jun 2022 01:35 PM IST
सार
लोकसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा में विधायक आजम खां ने कहा कि मेरे और मेरे अपनों पर सैकड़ों मुकदमे हैं। किताबें-फर्नीचर और मुर्गी चोरी नहीं, डकैती के मुकदमे हैं। हमारे मुखालिफ से हमारा मयार इतना नीचा रखा। अगर, मुकदमा लिखाना ही था तो कुतुबमीनार और ताजमहल चोरी का कराते।
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आजम खां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां ने कहा कि मुल्क, सूबे और आपकी बेहतरी के लिए हमने और हमारे अपनों ने क्या-क्या नहीं सहा। सैकड़ों
मुकदमे दर्ज हैं। किताबें-फर्नीचर और मुर्गी चोरी नहीं, डकैती की धाराएं हमारे ऊपर लगाई गई हैं। हमारे मुखालिफों ने हमारा मयार बहुत हल्का रखा।
उन्हें अगर मुकदमा कराना ही था, तो कुतुबमीनार और ताजमहल चोरी का कराते।
लोकसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा में विधायक आजम खां ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि रामपुर में बिजली कड़की, लेकिन वे लोग भी यह समझ गए होंगे कि रामपुर में बिजली कड़क सकती है, लेकिन रामपुर के लोगों का जिस्म झुलसाया नहीं जा सकता। कहां और कौन सी बिजली गिरी थी हमारे ऊपर। सारा शहर अंधेरा था। मेरे जिस्म से गर्मी और सर्दी का एहसास ही खत्म हो गया।
आठ बाई ग्यारह की कोठरी में बंद एक आदमी जिसे शाम साढ़े सात बजे डबल लॉक में बंद कर दिया और सुबह को छह बजे खोला जाए। गुनाह यह था कि
हमने हर लम्हा यह सोचा कि हम अपने रामपुर, सूबे और मुल्क वालों के लिए क्या बेहतर कर सकते हैं। इसी सोच और इस गुनाह की सजा हमें मिली। अभी तो हम जमानत पर हैं, बरी नहीं हुए हैं।
मेरे और मेरे अपनों पर सैकड़ों मुकदमे हैं। किताबें-फर्नीचर और मुर्गी चोरी नहीं, डकैती के मुकदमे हैं। हमारे मुखालिफ से हमारा मयार इतना नीचा रखा। अगर, मुकदमा लिखाना ही था तो कुतुबमीनार और ताजमहल चोरी का कराते।
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मुकदमे दर्ज हैं। किताबें-फर्नीचर और मुर्गी चोरी नहीं, डकैती की धाराएं हमारे ऊपर लगाई गई हैं। हमारे मुखालिफों ने हमारा मयार बहुत हल्का रखा।
उन्हें अगर मुकदमा कराना ही था, तो कुतुबमीनार और ताजमहल चोरी का कराते।
लोकसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा में विधायक आजम खां ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि रामपुर में बिजली कड़की, लेकिन वे लोग भी यह समझ गए होंगे कि रामपुर में बिजली कड़क सकती है, लेकिन रामपुर के लोगों का जिस्म झुलसाया नहीं जा सकता। कहां और कौन सी बिजली गिरी थी हमारे ऊपर। सारा शहर अंधेरा था। मेरे जिस्म से गर्मी और सर्दी का एहसास ही खत्म हो गया।
आठ बाई ग्यारह की कोठरी में बंद एक आदमी जिसे शाम साढ़े सात बजे डबल लॉक में बंद कर दिया और सुबह को छह बजे खोला जाए। गुनाह यह था कि
हमने हर लम्हा यह सोचा कि हम अपने रामपुर, सूबे और मुल्क वालों के लिए क्या बेहतर कर सकते हैं। इसी सोच और इस गुनाह की सजा हमें मिली। अभी तो हम जमानत पर हैं, बरी नहीं हुए हैं।
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मेरे और मेरे अपनों पर सैकड़ों मुकदमे हैं। किताबें-फर्नीचर और मुर्गी चोरी नहीं, डकैती के मुकदमे हैं। हमारे मुखालिफ से हमारा मयार इतना नीचा रखा। अगर, मुकदमा लिखाना ही था तो कुतुबमीनार और ताजमहल चोरी का कराते।
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नवाब को जिले में किन्नरों की संख्या के बराबर वोट भी नहीं मिले : आजम
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां जेल से बाहर आने के बाद पहली चुनावी सभा में अपने अंदाज में नजर आए। उन्होंने रामपुर नवाब खानदान पर जमकर चुटकी
ली। कहा कि जिनकी औलादें अपने आप को नवाब लिखती हैं। जो तीन हजार वोट पाते हैं, इससे ज्यादा तो रामपुर में किन्नर हैं। इससे तय हो गया कि उन्हें
किन्नरों का वोट भी नहीं मिला।
वो सरकार थे हमारे, वो हुजूर थे हमारे। उनकी नस्लों को किन्नरों का वोट भी नहीं मिला, वो मशविरा देते हैं हमें, उनकी राय की जरुरत नहीं। आजम के इस बयान को लेकर माना जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने आजम खां के किला मैदान के जलसे के बाद जो बयान जारी करते हुए कहा कि आजम खां नहटौर चले जाएं, इस बयान को लेकर आजम खां ने प्रतिक्रिया दी है।
आजम खां ने कहा कि वो मुखबिरी करते हैं। तुम्हारी तकदीर के दुश्मन हैं वो। वहां एक ही घर में पंजे के लिए भी वोट मांगा जाता है और कमल के फूल के लिए भी।