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ग्रामीण की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास
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मुरादाबाद। रास्ते के विवाद में 18 साल पहले बुजुर्ग ग्रामीण की गोली मारकर हत्या करने वाले दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
संभल जनपद के असमोली थानाक्षेत्र के मलकपुर निवासी विजय शर्मा पुत्र खचेड़ू दत्त शर्मा ने 25 अक्तूबर 2003 को असमोली थाने में केस दर्ज कराया था। इसमें गांव के ही राधेश्याम उसके भाई राजवीर, सत्यवीर और रघुवीर पर आरोप लगाया था कि चारों कुछ अज्ञात साथियों के साथ रात के समय घर में घुस आए थे। आरोपियों ने खचेड़ू दत्त शर्मा से कहा कि दूसरे पक्ष से चल रहे रास्ते के विवाद में न पड़े। ज्यादा कहासुनी होने पर सतवीर ने तमंचे से फायर कर दिया था। गोली खचेड़ू के पेट मे लगी थी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर आ गए थे। उन्हें देखकर आरोपी भाग गए।
विवेचना के दौरान पुलिस ने राजवीर व रघुवीर को घटना में लिप्त न मानते हुए दो आरोपी राधेश्याम व सतवीर के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम अरविंद कुमार सिंह द्वितीय की अदालत में कई गई। मुकदमे के दौरान आरोपी राधेश्याम की मौत हो गई थी।
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आरोपी सतवीर ने अपने बचाव में कहा कि उसे झूठा व रंजिशन फंसाया गया है, जिसका विरोध करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह ने अदालत को बताया कि घटना के बाद मौके पर पहुंचे गवाहों ने आरोपी के खिलाफ बयान दिए हैं। सारे सबूत भी आरोपी के खिलाफ हैं।
अदालत ने सभी सबूतों के आधार पर आरोपी सतवीर को घटना का दोषी पाया। अदालत ने उस पर आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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विवेचना के दौरान पुलिस ने राजवीर व रघुवीर को घटना में लिप्त न मानते हुए दो आरोपी राधेश्याम व सतवीर के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम अरविंद कुमार सिंह द्वितीय की अदालत में कई गई। मुकदमे के दौरान आरोपी राधेश्याम की मौत हो गई थी।
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अदालत ने सभी सबूतों के आधार पर आरोपी सतवीर को घटना का दोषी पाया। अदालत ने उस पर आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ बीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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