{"_id":"693b282adc6737ad310bafcd","slug":"life-imprisonment-for-son-who-killed-father-and-hid-his-body-in-a-trunk-moradabad-news-c-15-1-mbd1027-789403-2025-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: पिता की हत्या कर शव संदूक में छिपाने वाले बेटे को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: पिता की हत्या कर शव संदूक में छिपाने वाले बेटे को आजीवन कारावास
विज्ञापन
मुरादाबाद। करीब साढ़े पांच साल पहले शराब के लिए रुपये नहीं देने पर बुजुर्ग पिता महेंद्र सैनी की हत्या कर शव संदूक में छिपाने वाले बेटे विक्की को एडीजे-13 चंचल की अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
रिश्ते और इंसानियत को तार तार कर देने वाली यह घटना 23 मई 2020 की सुबह मझोला थानाक्षेत्र के कुंदनपुर में सामने आई थी। 65 वर्षीय महेंद्र सैनी अपनी पत्नी भागवती के साथ कपूर कंपनी पुल के पास सब्जी बेचते थे। 22 मई 2020 को भागवती सब्जी बेचने चली गई थी जबकि छोटा बेटा बंटी उर्फ बंटू फर्म में काम करने चला गया था। बड़ा बेटा विक्की और उसके पिता महेंद्र घर में मौजूद थे। शाम को सब्जी बेचकर भागवती घर लौटी तो पति गायब थे। कुछ देर बाद छोटा बेटा बंटी भी घर आ गया। मां-बेटे ने महेंद्र सैनी की तलाश की और रिश्तेदारों के घरों में कॉल कर जानकारी की लेकिन महेंद्र सैनी का कहीं पता नहीं चला। अगले दिन 23 मई 2020 की सुबह करीब बजे भागवती ने संदूक खोलकर लिहाफ हटाया तो उसने देखा कि उसके पति की लाश पड़ी थी। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पुलिस ने शक के आधार पर बड़े बेटे विक्की को हिरासत में लेकर पूछताछ की तब उसने बताया कि वह पिता से शराब पीने के लिए रुपये मांग रहा था लेकिन पिता ने रुपये देने से मना कर दिया था। इससे गुस्से में आकर उसने पिता के सिर पर डंडे से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव संदूक में छिपाकर ऊपर से लिहाफ रख दिया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे-13 चंचल की अदालत में चली अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बृहस्पतिवार को इस मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने मुलजिम बेटे विक्की को हत्या और शव छिपाने में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
विज्ञापन
-- -- --
लॉकडाउन में बंद हो गया था काम
मुरादाबाद। महेंद्र सैनी और उनकी पत्नी भागवती कपूर कंपनी के पास सब्जी बेचते थे लेकिन लॉकडाउन में वहां का बाजार बंद करा दिया गया था। कुछ दिन बाद फैक्टरी खुलनी शुरू हो गई थीं तो छोटा बेटा बंटी उर्फ बंटू भी काम पर लाने लगा था लेकिन भागवती ठेले से ही अपने घर के आसपास सब्जी बेच रही थीं। बंटी की पत्नी विनीता अपने मायके गई थी। लॉकडाउन की वजह से वह भी वापस नहीं आई थी। विक्की की पत्नी भी काम पर चली गई थी। घटना के समय महेंद्र सैनी, उसका बड़ा बेटा विक्की और पोती मौजूद थी।
-- -
पिता की हत्या कर घर में मौजूद रहा बेटा
मुरादाबाद। 22 मई 2020 की सुबह विक्की ने अपने पिता की हत्या कर दी थी। वह शव घर से बाहर फेंकना चाहता था लेकिन उसे मौका नहीं मिला। अगले दिन सुबह संदूक से महेंद्र का शव बरामद हुआ था। इस दौरान विक्की घर में ही मौजूद रहा। भागवती और उसके छोटे बेटे बंटी ने ही पुलिस को बताया था कि बड़ा बेटा विक्की आए दिन शराब पीकर अपने पिता के साथ झगड़ा करता था। यहीं से पुलिस को हत्याकांड का क्लू मिला और पांच घंटे में ही हत्या का खुलासा कर दिया था।
विज्ञापन
रिश्ते और इंसानियत को तार तार कर देने वाली यह घटना 23 मई 2020 की सुबह मझोला थानाक्षेत्र के कुंदनपुर में सामने आई थी। 65 वर्षीय महेंद्र सैनी अपनी पत्नी भागवती के साथ कपूर कंपनी पुल के पास सब्जी बेचते थे। 22 मई 2020 को भागवती सब्जी बेचने चली गई थी जबकि छोटा बेटा बंटी उर्फ बंटू फर्म में काम करने चला गया था। बड़ा बेटा विक्की और उसके पिता महेंद्र घर में मौजूद थे। शाम को सब्जी बेचकर भागवती घर लौटी तो पति गायब थे। कुछ देर बाद छोटा बेटा बंटी भी घर आ गया। मां-बेटे ने महेंद्र सैनी की तलाश की और रिश्तेदारों के घरों में कॉल कर जानकारी की लेकिन महेंद्र सैनी का कहीं पता नहीं चला। अगले दिन 23 मई 2020 की सुबह करीब बजे भागवती ने संदूक खोलकर लिहाफ हटाया तो उसने देखा कि उसके पति की लाश पड़ी थी। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। पुलिस ने शक के आधार पर बड़े बेटे विक्की को हिरासत में लेकर पूछताछ की तब उसने बताया कि वह पिता से शराब पीने के लिए रुपये मांग रहा था लेकिन पिता ने रुपये देने से मना कर दिया था। इससे गुस्से में आकर उसने पिता के सिर पर डंडे से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव संदूक में छिपाकर ऊपर से लिहाफ रख दिया था।
विज्ञापन
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे-13 चंचल की अदालत में चली अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बृहस्पतिवार को इस मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने मुलजिम बेटे विक्की को हत्या और शव छिपाने में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
विज्ञापन
लॉकडाउन में बंद हो गया था काम
मुरादाबाद। महेंद्र सैनी और उनकी पत्नी भागवती कपूर कंपनी के पास सब्जी बेचते थे लेकिन लॉकडाउन में वहां का बाजार बंद करा दिया गया था। कुछ दिन बाद फैक्टरी खुलनी शुरू हो गई थीं तो छोटा बेटा बंटी उर्फ बंटू भी काम पर लाने लगा था लेकिन भागवती ठेले से ही अपने घर के आसपास सब्जी बेच रही थीं। बंटी की पत्नी विनीता अपने मायके गई थी। लॉकडाउन की वजह से वह भी वापस नहीं आई थी। विक्की की पत्नी भी काम पर चली गई थी। घटना के समय महेंद्र सैनी, उसका बड़ा बेटा विक्की और पोती मौजूद थी।
पिता की हत्या कर घर में मौजूद रहा बेटा
मुरादाबाद। 22 मई 2020 की सुबह विक्की ने अपने पिता की हत्या कर दी थी। वह शव घर से बाहर फेंकना चाहता था लेकिन उसे मौका नहीं मिला। अगले दिन सुबह संदूक से महेंद्र का शव बरामद हुआ था। इस दौरान विक्की घर में ही मौजूद रहा। भागवती और उसके छोटे बेटे बंटी ने ही पुलिस को बताया था कि बड़ा बेटा विक्की आए दिन शराब पीकर अपने पिता के साथ झगड़ा करता था। यहीं से पुलिस को हत्याकांड का क्लू मिला और पांच घंटे में ही हत्या का खुलासा कर दिया था।